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Delhi DTC Strike: दिल्ली की सार्वजनिक बस सेवा को लेकर जारी विवाद में अब नया अपडेट सामने आया है. DTC कर्मचारी एकता यूनियन ने 28 सितंबर को प्रस्तावित 'स्टॉप-वर्क' आंदोलन वापस लेने का फैसला किया है. यूनियन अध्यक्ष ललित चौधरी के मुताबिक, दिल्ली में आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (ESMA) लागू होने के बाद कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई का जोखिम बढ़ गया है. इसी वजह से सोमवार को प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित किया गया है.
क्या है आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (ESMA)?
आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून यानी Essential Services Maintenance Act ऐसा कानून है, जिसका उद्देश्य उन सेवाओं को लगातार चालू रखना है, जिन्हें आम लोगों के जीवन और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए जरूरी माना जाता है.
ESMA लागू होने के बाद क्या बदला?
कर्मचारियों को हड़ताल से रोका जा सकता है.
प्रतिबंध के बावजूद हड़ताल करने पर कानूनी कार्रवाई/सजा का प्रावधान हो सकता है.
हड़ताल के लिए उकसाने या आर्थिक मदद करने पर भी कार्रवाई हो सकती है.
संबंधित ESMA के प्रावधानों के अनुसार अवधि और दंड अलग-अलग हो सकते हैं.
DTC के मामले में इसका क्या मतलब?
DTC जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवा में ESMA लागू होने का मुख्य असर यह है कि सरकार बस सेवा को बाधित करने वाली हड़ताल पर प्रतिबंध लगा सकती है. ऐसे में कर्मचारी हड़ताल या काम बंद आंदोलन करने से पहले कानूनी कार्रवाई के जोखिम को देखते हैं.
15 सितंबर से जारी है बस चालकों का आंदोलन
बता दें कि DTC से जुड़े निजी ऑपरेटरों के बस चालक 15 सितंबर से वेतन और सेवा शर्तों में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. उनकी प्रमुख मांगों में दैनिक पारिश्रमिक बढ़ाना, मेडिकल सुविधा, बीमा, बोनस, सरकारी छुट्टियों का भुगतान और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल हैं. यूनियन की ओर से दैनिक वेतन को मौजूदा करीब 862 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने की मांग भी रखी गई है.
28 सितंबर को प्रस्तावित था काम बंद
इस बीच DTC कर्मचारी एकता यूनियन ने 28 सितंबर से व्यापक ‘स्टॉप-वर्क’ आंदोलन की चेतावनी दी थी. यूनियन की मांगों में संविदा कर्मचारियों के लिए बेसिक-DA व्यवस्था लागू करना और निजी ड्राइवरों को DTC के पेरोल पर शामिल करना प्रमुख मुद्दे रहे हैं.
बस सेवा सुचारू रखने की कोशिश
आंदोलन के बीच DTC ने बस संचालन सामान्य रखने के लिए कई कदम उठाए. अलग-अलग डिपो में ड्राइवरों की तैनाती की गई और कुछ संविदा कर्मचारियों को भी ड्राइविंग ड्यूटी में लगाया गया. DTC ने 24 से 30 सितंबर के बीच ड्राइवरों और कंडक्टरों की साप्ताहिक छुट्टियां भी रद्द की थीं.
हालांकि, 28 सितंबर के प्रस्तावित आंदोलन को वापस लेने के बाद फिलहाल DTC बस सेवाओं पर नए सिरे से काम बंद का दबाव कम होने की बात सामने आई है. यूनियन अध्यक्ष के मुताबिक, ESMA की अवधि समाप्त होने के बाद कर्मचारियों की मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी.