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Delhi News: दिल्ली के DDU मार्ग पर काली माता मंदिर के पास सफाई अभियान के दौरान मिले संदिग्ध कंकाल मिले हैं. शुरुआती फोरेंसिक जांच से पता चला है कि कंकाल इंसानी कंकाल नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल हड्डियों से बना एक मॉडल है. पुलिस के मुताबिक, कंकाल का इस्तेमाल पढ़ाई या पढ़ाई के मकसद से किया गया होगा.
#WATCH | Delhi Police say, "An object resembling a skeleton was discovered among scrap materials during a cleanliness drive in Central Delhi. However, preliminary investigations reveal that the scrap dealer had obtained the skeleton from a school. The skeleton is part of the… pic.twitter.com/nw6dP0s5Qa
— ANI (@ANI) September 26, 2026
सफाई अभियान के दौरान मिला
26 सितंबर 2026 को पुलिस को DDU मार्ग पर काली माता मंदिर के पास MCD के सफाई अभियान के दौरान संदिग्ध हड्डियों के मिलने की जानकारी मिली. सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और उन्हें एक लकड़ी का बक्सा मिला, जिसमें एक पुराना, जुड़ा हुआ कंकाल जैसा ढांचा था. बक्से में या उसके आसपास खून के धब्बे या कोई और संदिग्ध चीज नहीं मिली.
Delhi Police say, "An object resembling a skeleton was discovered among scrap materials during a cleanliness drive in Central Delhi. However, preliminary investigations reveal that the scrap dealer had obtained the skeleton from a school. The skeleton is part of the school's…
— ANI (@ANI) September 26, 2026
स्कूल से कबाड़ में खरीदा गया सामान
शुरुआती जांच से पता चला कि ये सामान नई दिल्ली में माता सुंदरी रोड पर गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल से कबाड़ में खरीदा गया था. इनके साथ स्कूल का दूसरा पुराना और टूटा हुआ सामान भी था.
स्कूल प्रिंसिपल के मुताबिक, स्कूल 2023 में नई बिल्डिंग में शिफ्ट हुआ. इसके बाद जुलाई 2026 में सफाई अभियान के दौरान पुरानी बिल्डिंग का कबाड़ हटा दिया गया.
फोरेंसिक जांच में कोई इंसानी कंकाल नहीं मिला
दिल्ली पुलिस की फोरेंसिक और क्राइम टीम मौके पर पहुंची और बरामद कंकाल की जांच की. फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की शुरुआती जांच में इसके इंसानी हड्डियों से बने होने की पुष्टि नहीं हुई. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह आर्टिफिशियल हड्डियों से बना एक मॉडल है.
पुलिस के मुताबिक, ऐसे मॉडल स्कूल लैब या दूसरे एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. फिलहाल, शुरुआती जांच में कोई क्रिमिनल कनेक्शन सामने नहीं आया है.
(दिल्ली से नीरज गौड़ की रिपोर्ट)