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Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को पुरानी दिल्ली जिले के अंतर्गत आने वाले लोक नायक अस्पताल स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया. उन्होंने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, पीड़ित महिलाओं और बच्चियों को दी जा रही सेवाओं और शिकायतों के निस्तारण की पूरी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और सेंटर की टीम से विभिन्न मामलों की प्रक्रिया, काउंसलिंग, पुलिस सहायता, कानूनी सहयोग, मेडिकल सुविधा, अस्थायी आश्रय और मामलों पर की गई कार्रवाई की जानकारी ली.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हिंसा से पीड़ित प्रत्येक महिला और बच्ची को समयबद्ध, संवेदनशील एवं सम्मानजनक सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में अपने घर से निकलकर मदद के लिए सेंटर तक पहुंचने वाली महिला के लिए यह स्वयं में बड़ा कदम होता है. ऐसे में सेंटर पर पहुंचने के बाद उसे सुरक्षित और सहज वातावरण मिलना चाहिए, उसकी बात धैर्यपूर्वक सुनी जानी चाहिए और उसकी आवश्यकता के अनुसार तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
आज लोक नायक अस्पताल में सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर सुविधाओं, सेवाओं और शिकायत निवारण व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सहायता के लिए आने वाली प्रत्येक पीड़ित महिला की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई हो, उसे संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार मिले और समाधान में अनावश्यक देरी न हो। यहां हिंसा से पीड़ित महिलाओं और बच्चियों को एक ही स्थान पर पुलिस सहायता, चिकित्सा सुविधा, सामाजिक एवं कानूनी परामर्श और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है। संकट की घड़ी में दिल्ली की हर बेटी के साथ सरकार पूरी संवेदनशीलता और शक्ति के साथ खड़ी है। #ViksitDelhi
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) October 5, 2026
एक ही छत के नीचे एकीकृत सहायता प्रणाली
सखी वन स्टॉप सेंटर का मूल उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर समग्र सहायता प्रदान करना है. यहां हिंसा प्रभावित महिलाओं और बच्चियों को तत्काल सुरक्षा, आपातकालीन चिकित्सा जांच, मनोवैज्ञानिक व सामाजिक काउंसलिंग, निःशुल्क कानूनी परामर्श और एफआईआर दर्ज कराने में पूर्ण सहायता उपलब्ध कराई जाती है. इसके साथ ही संकट की स्थिति में जरूरतमंद महिलाओं को अल्पकालिक सुरक्षित प्रवास, भोजन, वस्त्र और अन्य बुनियादी सामग्रियां भी एक ही छत के नीचे प्रदान की जाती हैं. सखी वन स्टॉप सेंटर व्यवस्था के तहत महिलाओं और बच्चियों को टोल-फ्री महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से सहायता से जोड़ा जाता है. आवश्यकता के अनुसार आपातकालीन बचाव एवं सुरक्षा, मेडिकल सहायता, पुलिस सहायता, काउंसलिंग, कानूनी सहायता और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाओं को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराया जाता है.
मासिक फॉलोअप रिपोर्ट और पुलिस समन्वय
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता निरीक्षण के दौरान सेंटर पर आने वाले मामलों के रिकॉर्ड और उनके फॉलोअप की व्यवस्था की भी समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिए कि अब से दिल्ली के सभी सखी वन स्टॉप सेंटरों की विस्तृत रिपोर्ट प्रतिमाह मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रस्तुत की जाए. इस रिपोर्ट में केवल मामलों की संख्या दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक मामले की पुलिस सूचना, एफआईआर की स्थिति, आरोपी के विरुद्ध की गई कार्रवाई और पीड़िता को मिली वास्तविक सहायता का स्पष्ट विवरण देना अनिवार्य होगा. यदि किसी संबंधित पुलिस थाने से जानकारी प्राप्त करने में देरी या कठिनाई आती है तो उसे रिपोर्ट में दर्ज किया जाएगा ताकि उन मामलों को उच्च पुलिस अधिकारियों के समक्ष उठाकर तुरंत हल कराया जा सके और पीड़िता व उसके परिवार को कार्रवाई की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया जा सके.
पॉक्सो मामलों में विशेष सतर्कता और गोपनीयता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बच्चियों से संबंधित पॉक्सो मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे अत्यंत संवेदनशील मामलों का रिकॉर्ड पूरी गोपनीयता के साथ अलग से रखा जाए. पुलिस कार्रवाई, एफआईआर, आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की कानूनी प्रक्रिया का नियमित और समयबद्ध फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए. बच्चियों से जुड़े मामलों में गोपनीयता बनाए रखते हुए पूरी जानकारी सिस्टम में व्यवस्थित होनी चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर मामले की पैरवी कमजोर न पड़े.
काउंसलिंग का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, समाधान तक पहुंचना
मुख्यमंत्री ने सेंटर में काउंसलिंग की प्रक्रिया का भी संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री ने सेंटर में काउंसलिंग की प्रक्रिया को समझा और कहा कि हर मामले की प्रकृति अलग होती है, इसलिए सहायता भी पीड़िता की आवश्यकता के अनुसार दी जानी चाहिए. जिन मामलों में तुरंत कानूनी या पुलिस कार्रवाई जरूरी हो, वहां बिना किसी विलंब के संबंधित एजेंसियों को सक्रिय किया जाए. इसके अलावा जहां पीड़ित महिला परिवार में संवाद और काउंसलिंग के माध्यम से समाधान चाहती है, वहां उसकी इच्छा और परिस्थिति का सम्मान करते हुए संवेदनशीलता के साथ मार्गदर्शन दिया जाए और सीएडब्ल्यू सेल या अन्य संबंधित तंत्र से समन्वय स्थापित किया जाए.
तत्काल आश्रय के साथ जरूरत पड़ने पर दीर्घकालिक व्यवस्था भी सुनिश्चित हो
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सेंटर में रहने वाली महिलाओं और बच्चियों के लिए उपलब्ध अस्थायी आश्रय व्यवस्था, भोजन, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री की भी जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन महिलाओं को तत्काल सुरक्षित स्थान की जरूरत है, उन्हें सेंटर पर आवश्यक सुविधा मिले और यदि किसी मामले में लंबी अवधि के आश्रय की आवश्यकता हो तो संबंधित शेल्टर होम से समन्वय कर आगे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने सेंटर की स्वच्छता, रहने की व्यवस्था, भोजन और बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया तथा निर्देश दिए कि यहां आने वाली हर महिला को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए.
केस दर्ज करना पर्याप्त नहीं, कार्रवाई का परिणाम भी दिखना चाहिए
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी व्यवस्था की सफलता केवल दर्ज मामलों की संख्या से नहीं, बल्कि पीड़ितों को मिली वास्तविक सहायता और मामलों में हुई आगे की कार्रवाई से भी आंकी जाए. उन्होंने सखी वन स्टॉप सेंटरों से आने वाले मामलों का नियमित फॉलोअप, संबंधित विभागों और पुलिस के साथ प्रभावी समन्वय तथा पुलिस कार्रवाई में देरी होने पर उसका स्पष्ट रिकॉर्ड रखने और आवश्यकता पड़ने पर उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाने के निर्देश दिए.
(दिल्ली से तान्या चूग की रिपोर्ट)