कनॉट प्लेस पर दुकानदारों को बोहनी करने के भी पड़ रहे लाले! प्रोटेस्ट के कारण Market वालों की हालत खस्ता
दिल्ली में CJP ने आज शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटने और तिरंगा यात्रा निकालने का ऐलान किया है. इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस अलर्ट पर है. पुलिस ने लोगों से प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की अपील की है.
CJP ने दिल्ली में शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ इकट्ठा होने और तिरंगा यात्रा निकालने का ऐलान किया है. इसके बाद से ही पुलिस अलर्ट पर है. वहीं पुलिस ने लोगों से प्रोटेस्ट में शामिल नहीं होने की अपील की है. राष्ट्रीय ध्वज लेकर राष्ट्रगान गाने के लिए 11 लोगों के ग्रुप को परमिशन देने की बात कही गई है. वहीं बीते कल दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.
दुकानदारों और रेस्त्रां चलाने वालों का क्या है कहना?
वहीं कनॉट प्लेस के सैकड़ों दुकानदारों ने प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक दलों से हाथ जोड़कर अनुरोध किया है कि इस त्योहार के सीजन में हमें अपनी आजीविका कमाने दें. सीपी के रेस्त्रां और दुकानों पर लगभग 5 हजार से ज्यादा परिवार निर्भर करते हैं. दिल्ली का सीपी एक व्यावसायिक क्षेत्र है, न की कोई प्रदर्शन वाली जगह. कृपया आप लोग सरकार द्वारा तय जगहों पर ही प्रोटेस्ट करें.
ये अपील किसी एक व्यापारी की नहीं, बल्कि दिल्ली के दिल कहे जाने वाले सीपी के दुकानदारों और रेस्त्रां चलाने वालों की है. ये सारे लोग लगातार हो रहे राजनीतिक और वैचारिक प्रदर्शनों से सहमे हुए हैं. बता दें कि पुरानी दिल्ली के थोक बाजार के व्यापार में भी 30% की गिरावट देखने को मिली है.
कर्मचारियों को देनी होती है सैलरी?
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अनुसार, कारोबार में जिस तरह की गिरावट आई है, उससे दुकानों का किराया निकालना भी मुश्किल हो गया है. इसक अलावा बिजली-पानी के बिल, संपत्ति कर और कर्मचारियों की सैलरी भी देनी होती है. उन्होंने आगे कहा कि त्योहारों के मौसम में अच्छी बिक्री होने की उम्मीद थी, लेकिन इस तरह के प्रदर्शन से कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है. आज होने वाले यात्रा के बावजूद व्यापारी अपनी दुकानें बंद नहीं करेंगे.
इस कारण से भी दुकानदारों को हो रही दिक्कत?
वहीं कनॉट प्लेस के ई ब्लॉक के एक गिफ्ट शॉप मालिक ने बताया कि पहले शनिवार और रविवार को दुकान बंद रखनी पड़ी. इसके बाद सोमवार को भी ग्राहक नहीं आए. उनके अनुसार, लोगों को इस बात की आशंका थी कि सीपी जाने के रास्ते में जाम मिल सकता है और वो प्रोटेस्ट के बीच फंस सकते हैं.
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कारोबार में कितने प्रतिशत की गिरावट?
व्यापारियों के लिए नवरात्रि से लेकर दिवाली तक का समय सबसे बड़ा कारोबारी सीजन होता है. इस बार ऐसा नहीं है. कनॉट प्लेस, पालिका बाजार, जनपथ और खान मार्केट की दुकानों और रेस्त्रां खाली पड़े हैं. इतना ही नहीं पुरानी दिल्ली के बाजारों का भी कारोबार 30% तक प्रभावित हुआ है.
क्यों हुआ कारोबार ठप?
जुलाई से शुरू हुआ प्रोटेस्ट अब अक्टूबर में और तेज हो गया है. इस वजह से सुरक्षा के नाम पर भारी बैरिकेडिंग, सड़कें बंद और यातायात डायवर्जन से आम लोगों के जीवन पर असर डाल रही है. कनॉट प्लेस और आसपास के मार्केट्स में 1000 से ज्यादा दुकानें और आउटलेट्स, 300 से ज्यादा रेस्टोरेंट, जनपथ पर 250 से ज्यादा कारोबारी प्रभावित हैं. जनपथ में कई दुकानें ऐसी है, जहां पांच दिन से बोहनी तक नहीं हुई है.
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व्यापारियों ने पीएम को लिखा पत्र
व्यापारियों के अनुसार, नॉर्मल डेज में यहां रोजाना करीब 250 करोड़ रुपये का कारोबार होता है, लेकिन प्रोटेस्ट के दौरान ये आधे से भी कम रह जाता है. बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की संख्या में भी 70% तक गिरावट आई है. पहले जहां रोजाना 2 से 3 लाख लोग पहुंचते थे, वहीं अब ये संख्या घटकर 40 से 50 हजार रह गई है. इस स्थिति से निपटने के लिए कारोबारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है