राजधानी से बारिश का दौर थम गया है. ऐसे में अब एक बार फिर प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है. शनिवार शाम 12 इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के पार रहा. इसे खराब श्रेणी रखा जाता है. इसमें कई रिहायशी और ज्यादा यातायात वाले इलाके शामिल हैं.
दिल्ली समेत एक बड़े हिस्से में गुरुवार के दिन तेज हवा के साथ बारिश हुई. इसके कारण से तापमान में गिरावट देखने को मिला. साथ ही प्रदूषण के स्तर में भी कमी देखने को मिला. वहीं अब एक बार फिर हवा में प्रदूषण बढ़ने लगा है. इस साल सितंबर महीने में तेज हवा के साथ बारिश हुई.
प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा
बीच-बीच में हो रही बारिश से कुछ समय के लिए पॉल्यूशन में गिरावट देखने को मिला, लेकिन थोड़े ही समय बाद प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा. शनिवार को राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 159 रहा. इसको मध्यम श्रेणी में रखा जाता है. इसके एक दिन पहले ये 90 था. इसमें 24 घंटे के अंदर 69 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में दिल्ली के लिए चिंता की बात ये है कि शनिवार शाम 4 बजे के बाद AQI 200 के पार यानी खराब श्रेणी में पहुंच गया है. वहीं अगले तीन से चार दिन बारिश के आसार नहीं है.
तेजी से बढ़ रहा
कुछ संस्थानों ने दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने का इशारा किया है. 16 तारीख को सुबह 10.30 बजे के बाद सूचकांक 135 पर था, जो बाद में सुधरकर 65 तक पर पहुंच गया. ये सुधार ज्यादा देर तक नहीं रहा. जैसे ही शाम होना शुरू हुआ ये प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा. शाम को ये 240 तक पहुंच गया. बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ, शनिवार सुबह तक ये 216 पर था.
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने क्या कहा?
शनिवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि कोविड का साल अगर छोड़ दिया जाए, तो साल 2016 के बाद से ये अब तक का सबसे साफ हवा है. इस साल दिल्ली में 17 अक्टूबर 2026 तक अच्छी, संतोषजनक और मध्यम श्रेणी की वायु गुणवत्ता वाले कुल 211 दिन दर्ज किए गए हैं. पुराने आंकड़ों से तुलना करें तो साल 2016 में इस अवधि तक ऐसे दिन केवल 110 दर्ज किए गए थे। सिरसा के मुताबिक, साल 2025 में इनकी संख्या 200, साल 2024 में 209 और साल 2023 में 206 रही थी.