दिल्ली में कहीं राहत तो कहीं आफत! जहांगीरपुरी से पंजाबी बाग तक AQI खराब, देखें पूरी लिस्ट
राजधानी में शनिवार सुबह 8 बजे AQI 190 दर्ज किया गया. इसे moderate श्रेणी में रखा जाता है. अब जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी वैसे-वैसे प्रदूषण का स्तर भी बढ़ सकता है. आने वाल समय में ठंड के साथ आसमान में धूंध की चादर चारों तरफ फैल जाएगी.
दिल्ली में धीरे-धीरे ठंड बढ़ रही है. ऐसे में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ सकता है. CPCB के अनुसार, शनिवार सुबह 8 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 190 दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय राजधानी को 'मध्यम' (moderate) श्रेणी में रखा है. ये हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार को दिखाता है. इससे एक दिन पहले, शुक्रवार सुबह 7 बजे राष्ट्रीय राजधानी में AQI 223 दर्ज किया गया था, जो खराब (poor) श्रेणी में आता है. वहीं, गुरुवार को भी AQI 226 दर्ज किया गया था, जो 'खराब' श्रेणी में ही आता है.
कहां कितना है AQI?
CPCB के आंकड़ों के अनुसार, जहांगीरपुरी में AQI 276, रोहिणी में 239 और पंजाबी बाग में 251 दर्ज किया गया. ये सभी खराब श्रेणी में आते हैं. बवाना में 246, पटपड़गंज में 201, अलीपुर में 258, चांदनी चौक में 208, IIT दिल्ली में 227 और NIH नरेला में 244 AQI दर्ज किया गया. ये सभी 'खराब' श्रेणी में है. DU के नॉर्थ कैंपस में 229 और दिल्ली के आर.के. पुरम में 250 AQI दर्ज किया गया, जो दोनों ही 'खराब' श्रेणी में आते हैं. वहीं, दिल्ली के आनंद विहार में 175, IGI एयरपोर्ट (T3) पर 174, JNU में 179 और इग्नू मैदान गढ़ी में 146 AQI दर्ज किया गया. ये सभी 'मध्यम' श्रेणी में आते हैं.
निवासी कमल ने क्या कहा?
स्थानीय निवासी कमल ने बताया कि फिलहाल प्रदूषण का स्तर ज्यादा नहीं है और हवा में साफ दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि अभी सांस लेने में भी कोई खास परेशानी नहीं हो रही है. वहीं, तुषार ने बताया कि वो दिल्ली और कानपुर के बीच अक्सर सफर करते हैं. उन्हें फिलहाल प्रदूषण में कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आ रहा है. हालांकि, उनका मानना है कि दिवाली के बाद पटाखों के कारण प्रदूषण बढ़ सकता है.
CAQM ने क्या कहा?
हवा की गुणवत्ता 'खराब' (poor) श्रेणी में बने रहने के कारण CAQM ने बुधवार को दिल्ली-NCR में GRAP के पहले चरण (Stage-I) को लागू कर दिया. ये फैसला GRAP की उप-समिति द्वारा पूरे क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता की समीक्षा करने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने पर विचार करने के बाद लिया गया. इस बीच, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने GRAP के पहले चरण के तहत उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा के लिए अंतर-राज्य समन्वय बैठक की.
CAQM ने क्या दिशा निर्देश दिए?
बैठक के दौरान, अधिकारियों ने दिल्ली की सीमाओं पर नियमों का पालन न करने वाली बसों को दूसरी तरफ मोड़ने, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक वाहनों के प्रवेश पर पाबंदियां लागू करने, प्रदूषण प्रमाण पत्रों की जांच करने और सड़क की धूल, निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को कंट्रोल करने पर चर्चा की. एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि वे CAQM के दिशानिर्देशों को तय समय सीमा के अंदर लागू करें और नियमों के बेहतर पालन के लिए आपसी तालमेल को मजबूत करें, ताकि हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से रोका जा सके.
CPCB के आंकड़े
शुक्रवार को CPCB के आंकड़ों के अनुसार, जहांगीरपुरी में AQI 284, रोहिणी में 281, पंजाबी बाग में 275, बवाना में 269, पटपड़गंज में 263, अलीपुर में 257, चांदनी चौक में 245 और आया नगर में 231 दर्ज किया गया. ये सभी 'खराब' (poor) श्रेणी में आते हैं. CPCB के दिशानिर्देशों के तहत, 0 से 50 के बीच के AQI को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बहुत खराब' और 401 से 500 को 'गंभीर' श्रेणी में रखा गया है.
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Input-ANI