)
Delhi News: दिल्ली के लोगों को आज बड़ी सौगातें मिली हैं. खासतौर पर पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के लोगों के लिए बारापुल्लाह फेज-3 कॉरिडोर के शुरू होने से सफर आसान होने की उम्मीद है. करीब एक दशक से लंबित ये परियोजना अब गाड़ियों के लिए खोल दी गई है. इसके शुरू होने से सराय काले खां और मयूर विहार फेज-1 के बीच आवागमन तेज होगा और ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी. अब लोगों को मयूर विहार फेज-1 से एम्स तक सीधी सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी. आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कॉरिडोर को लोगों को सौंप दिया है.
सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 तक करीब 3.5 किलोमीटर लंबा मुख्य कॉरिडोर तैयार किया गया है. रैंप और लूप को मिलाकर इसकी कुल लंबाई करीब 4.9 किलोमीटर है. पूरा कॉरिडोर सिग्नल फ्री है. यहां गाड़ियों के साथ साइकिल ट्रैक और फुटपाथ की सुविधा भी है. बारापुल्लाह फेज-3 के चालू होने से NH-24 और DND पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है. परियोजना से रोजाना करीब 2 टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान भी जताया गया है. इससे यात्रियों के समय की बचत के साथ दिल्ली के प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.
1941 करोड़ की परियोजना
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि अब दिल्ली के विकास में एक बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है. दिल्ली के लोगों को केंद्रीय गृह मंत्री कुल 1941 करोड़ की विकास परियोजनाएं समर्पित करेंगे. ये कार्यक्रम आज बारापुला पुल पर आयोजित किया जाएगा. सीएम ने आगे कहा कि इन परियोजनाओं से लाखों लोगों के रोज का सफर आसान होगा और दिल्ली का रोड नेटवर्क मजबूत होगा.
कहां से कहां तक सिग्नल-फ्री?
वहीं दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने सोशल मीडिया हैंडल से जानकारी दी कि दिल्ली का बारापुला फेज-3 एलिवेटेड रोड पूरी तरह बनकर तैयार है. अब इसे लोगों को सौंपा जा सकता है. ये कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 से एम्स तक लोगों को सिग्नल-फ्री आवागमन की सुविधा देगा. सराय काले खां पर मौजूदा बारापुला फ्लाईओवर से जुड़कर ये करीब 9 किलोमीटर लंबा स्ट्रेच पूरा करेगा. इसके बन जाने से पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच सफर आसान होगा और लोगों को ट्रैफिक से भी आजादी मिलेगी. लोगों को टाइम भी बचेगा.
कब शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
इन चारों बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बारापुला फेज-3 कॉरिडोर सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है. इस प्रोजेक्ट को 2014 में मंजूरी मिली थी. साथ ही इसका निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था. पहले इस कॉरिडोर को 2017 में पूरा होना था, लेकिन कई रुकावटों और देरी के चलते इसकी लागत में भारी बढ़ोतरी हुई. अब इस प्रोजेक्ट की लागत 1,635 करोड़ तक पहुंच चुकी है. प्रवेश वर्मा ने बताया कि ये परियोजना विकसित दिल्ली के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी.
दो नए फ्लाईओवरों की रखेंगे आधारशिला
वहीं दूसरी तरफ गृह मंत्री अमित शाह दो नए फ्लाईओवरों की आधारशिला भी रखेंगे. इससे दक्षिण दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव कम होगा. बता दें कि इसमें मोदी मिल से कालकाजी फ्लाईओवर और सावित्री सिनेमा हाफ फ्लाईओवर शामिल हैं. इसके अलावा आउटर रिंग रोड पर मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन. साथ ही लोनी अंडरपास के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया जाएगा.