रावण दहन के बाद दिल्ली की हवा हुई कितनी प्रदूषित? AQI से समझें पूरा हाल
दशहरे के बाद दिल्ली का AQI 65 पॉइंट बढ़ गया. वहीं राजधघानी के कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर 300 के पार दर्ज हुआ. बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली में GRAP-1 लागू कर दिया गया है.
देश की राजधानी दिल्ली में दशहरा का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया गया, लेकिन इस त्योहार ने राजधानी की एयर क्वालिटी को लेकर चिंता बढ़ा दी. 20 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 179 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है. 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे तक यह बढ़कर 244 हो गया, जिससे हवा खराब श्रेणी में आ गई. कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने कहा कि आने वाले दिनों में AQI के खराब कैटेगरी में ही रहने की उम्मीद है. इस बीच दिल्ली सरकार ने बुधवार को GRAP 1 की पाबंदियां लागू कर दी है.
20 और 21 अक्टूबर के AQI में क्या अंतर है?
CAQM के मुताबिक, दिल्ली का AQI एक ही दिन में 65 पॉइंट बढ़ गया. 20 अक्टूबर को AQI 179 था, जबकि 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे यह 244 पर पहुंच गया. भारतीय मौसम विभाग (IMD) और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटियोरोलॉजी (IITM) के अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में एयर क्वालिटी खराब कैटेगरी में ही रहने की संभावना है. दशहरे के बाद प्रदूषण के लेवल में बढ़ोतरी ने राजधानी में एयर क्वालिटी को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
दिल्ली के किन इलाकों में AQI 300 से ऊपर रहा?
मौजूदा डेटा के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में AQI 300 के आसपास या उससे ज्यादा दर्ज किया गया.
पूसा: 318
चांदनी चौक: 302
आरके पुरम: 300
कुछ दूसरे इलाकों में भी AQI 350 से ऊपर रहा. यह डेटा बताता है कि राजधानी के कुछ हिस्सों में प्रदूषण का लेवल बहुत ज्यादा रहा. अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों का डेटा समय के साथ बदल सकता है.
रावण दहन और मौसम का कितना असर पड़ा?
दशहरे के दौरान रावण दहन और कुछ जगहों पर पटाखों के इस्तेमाल से हवा में पॉल्यूटेंट पार्टिकल्स की मात्रा बढ़ सकती है. इसके अलावा हवा की कम स्पीड और पर्यावरण में पॉल्यूटेंट जमा होने जैसे मौसम के हालात भी एयर क्वालिटी पर असर डालते हैं. हालांकि, दिल्ली के AQI में बढ़ोतरी का कारण सिर्फ दशहरा को मानना सही नहीं होगा.
देर से GRAP लागू करने पर सवाल
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि कई सालों में यह पहली बार है, जब ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) को सीजन में इतनी देर से लागू किया गया है. बढ़ते प्रदूषण लेवल के बीच, GRAP के तहत उठाए जाने वाले कदमों और उनकी टाइमिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान
दिल्ली सरकार 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान लागू करेगी, जिसमें वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना ईंधन नहीं देना और दिल्ली के बाहर से आने वाले BS-VI मानकों का पालन न करने वाले वाहनों पर रोक जैसे कदम शामिल हैं.
लेकिन, इन उपायों के लागू होने से पहले ही राजधानी में हवा की क्वालिटी खराब कैटेगरी में पहुंच गई है. ऐसे में दिल्ली सरकार और जिला प्रशासन के सामने प्रदूषण को कंट्रोल करने की चुनौती बढ़ रही है. आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और प्रदूषण कंट्रोल के उपायों का असर हवा की क्वालिटी पर पड़ सकता है.
(ANI इनपुट के साथ शरद भारद्वाज की रिपोर्ट)