दिल्ली में दोस्त के बर्थडे पार्टी के लिए 16 हजार में किराए पर ली Audi, 3 गाड़ियों को मारी टक्कर, एक की मौत
Delhi News: दिल्ली के किशनगढ़ में 17 साल के नाबालिग ने दोस्त का जन्मदिन मनाने के लिए ऐप के जरिए 16 हजार रुपये में रातभर के लिए ऑडी कार किराए पर ली. तेज रफ्तार में कार चलाते समय उसने तीन गाड़ियों को टक्कर मार दी, जिसकी चपेट में पैदल जा रहे उमाशंकर (45) भी आ गए.
Delhi News: दिल्ली से एक मामला सामने आया है, जहां दोस्त का बर्थडे मनाने के लिए 17 साल के नाबालिग ने ऐप के जरिए 16 हजार रुपये में ऑडी कार किराए पर ली. ये कार उसने रातभर के लिए किराए पर ली थी. इसके बाद नाबालिग किशनगढ़ में गाड़ी तेज चला रहा था, जिसमें उसने तीन गाड़ियों को टक्कर मार दी. इस हादसे में एक पैदल राहगीर भी चपेट में आ गया. उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक की पहचान उमाशंकर (45) के रूप में हुई है. पुलिस की जांच में ये बात सामने आने के बाद अब किराए पर गाड़ी देने वाली कंपनी भी जांच के घेरे में आ गई है.
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के अनुसार, चार अक्टूबर की रात ढाई बजे के आसपास किशनगढ़ के सीएनजी पंप के सामने रेड लाइट के पास ऑडी और तीन गाड़ियों को टक्कर मारने की सूचना मिली. जैसे ही पुलिस को इस बात की सूचना मिली मौके पर टीम पहुंची. वहीं जांच के दौरान पता चला कि ऑडी नाबालिग चला रहा था. हादसे में सड़क पर जा रहे उमाशंकर गंभीर रूप से घायल हुए है. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस क्या जांच कर रही है
पुलिस ने आगे बताया कि नाबालिग लड़के ने ऑडी एक ऐप के माध्यम से लगभग 16 हजार रुपये में किराए पर ली थी. ऑडी को उसने रातभर के लिए किराए पर लिया था. उसके दोस्त का बर्थडे था और इसी सिलसिले में उसने कार बुक की थी. वहीं पुलिस इस बात की जांच में लगी है कि नाबालिग को कार देने से पहले कंपनी ने उम्र, लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया था या नहीं.
कंपनी पर भी हो सकती है कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे के बाद पुलिस ने नाबालिग को तुरंत पकड़ लिया. इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जेजे बोर्ड-II के सामने पेश किया. हादसे में जो भी गाड़ियां शामिल थी उन्हें जब्त कर लिया गया है. पुलिस कंपनी से कार की बुकिंग, उम्र की जांच, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन सौंपने की पूरी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी ले रही है. वहीं अगर जांच में ये सामने आ जाता है कि नाबालिग को कार देने से पहले जरूरी वेरिफिकेशन नहीं किया गया था या नियमों की अनदेखी की गई थी, तो कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा जाएगी. अभी फिलहाल ये मामला किशनगढ़ थाना पुलिस के पास है.