दीपांशु शौकीन कौन हैं? DU चुनाव में पलट दी बाजी, NSUI ने टिकट काटा.. फिर भी बने वाइस प्रेसिडेंट
Deepanshu Shokeen: जिस दीपांशु शौकीन का टिकट काटकर NSUI ने कांग्रेस नेता के बेटे वीर चतरथ को टिकट दे दिया था. वही दीपांशु शौकीन चुनाव को एकतरफा बनाते हुए वाइस प्रेसिडेंट के पद पर धमाकेदार जीत दर्ज कर ली है. टिकट कटने के बाद दीपांशु शौकीन ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था.
DU Election Result: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव के परिणाम आ गए हैं. सबसे ज्यादा चर्चा दीपांशु शौकीन की है जिन्होंने वाइस प्रेसिडेंट का चुनाव जीता है. ये वही दीपांशु शौकीन हैं जो लंबे समय से कैंपस में जोरदार तरीके से सक्रिय थे और NSUI की तरफ से वाइस प्रेसिडेंट के पद के लिए उम्मीदवार माने जा रहे थे. मगर ऐन मौके पर NSUI ने उनका टिकट काट दिया था. उनकी जगह कांग्रेस लीडर के बेटे वीर चतरथ को टिकट दे दिया गया था. मगर दीपांशु शौक़ीन ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर परचा दाखिल किया और वाइस प्रेसिडेंट का चुनाव लगभग एकतरफा बनाते हुए धमाकेदार जीत दर्ज कर ली है.
असल में दीपांशु शौकीन ने वाइस प्रेसिडेंट का चुनाव जीता है. उन्होंने शुरू से ही निर्णायक बढ़त बना रखी थी. NSUI के वीर चतरथ पूरे मुकाबले में कहीं नहीं दिखे. वीर चतरथ तीसरे स्थान पर रहे. दीपांशु ने एबीवीपी के कैंडिडेट को भी पटकनी दी है
कौन हैं दीपांशु शौकीन
दीपांशु शौकीन मूल रूप से पश्चिमी दिल्ली के पीरागढ़ी के रहने वाले हैं. वह दिल्ली के ग्रामीण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं. दीपांशु ने भगत सिंह कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है और अभी डीयू से ही बुद्धिस्ट स्टडीज में पढ़ाई कर रहे हैं. दीपांशु की मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं और पिता बस कंडक्टर हैं दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव प्रचार में भी उन्होंने स्थानीय गांवों के छात्रों के प्रतिनिधित्व की बात प्रमुखता से उठाया था. उनकी शुरुआती स्कूली शिक्षा दिल्ली के केन्द्रीय विद्यालय से हुई है. वहां वो टॉपर भी थे.
जोरदार चुनाव प्रचार किया
दीपांशु खेलकूद में काफी सक्रिय रहे हैं. वह टग ऑफ वार Tug of War यानि कि रस्साकशी में गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुके हैं. छात्र जीवन के दौरान वह एक थिएटर आर्टिस्ट भी रहे हैं. हाल ही में उन्होंने सत्यनिकेतन की घटना के समय वहां भी काफी सक्रियता दिखाई थी. घटना के विरोध में न्याय की मांग करते हुए पूरे चुनाव प्रचार के दौरान नंगे पैर रहने का संकल्प लिया था.
NSUI ने काट दिया था दीपांशु शौकीन का टिकट
एनएसयूआई की संभावित सूची में मजबूत दावेदार माने जा रहे दीपांशु शौकीन का टिकट कट गया था. उनके समर्थकों में तगड़ी नाराजगी दिखी थी. उनके कुछ समर्थक तो डीयू की सड़कों पर भावुक होकर रोते हुए भी नजर आए थे. मगर ये नाराजगी वोट में तब्दील होते दिख गई. दीपांशु शौक़ीन ने एकतरफा चुनाव बना दिया और वाइस प्रेसिडेंट पद पर धमाकेदार जीत दर्ज की है.
फिलहाल दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के अंतिम परिणाम घोषित हो चुके हैं. चारों प्रमुख पदों की तस्वीर साफ हो गई है. ABVP ने तीन पदों पर जीत हासिल कर ली है. अध्यक्ष पद पर यश डबास जीते हैं. सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे हैं. वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की है.