SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

केंद्र का बड़ा फैसला: 30 साल का इंतजार खत्म! दिल्ली PWD के 3214 पद अब CPWD कैडर से होंगे अलग

Delhi Development: केंद्र सरकार ने दिल्ली PWD के 3,214 इंजीनियरिंग पदों को CPWD कैडर से अलग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब ये पद स्वतंत्र दिल्ली PWD इंजीनियरिंग कैडर के तहत संचालित होंगे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फैसले को विकास और PWD की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया है.

Written By Akanchha Singh
Published: Sep 10, 2026, 01:01 PM IST | Updated: Sep 10, 2026, 01:04 PM IST
Image Credit: Rekha_Gupta
Join

Delhi News: दिल्ली सरकार के लिए बड़ी खबर है. दरअसल, केंद्र सरकार ने दिल्ली लोक निर्माण विभाग (PWD) के 3,214 इंजीनियरिंग पदों को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) कैडर से अलग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इन पदों को अब स्वतंत्र दिल्ली PWD इंजीनियरिंग कैडर के तहत संचालित किया जाएगा. दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत किया है. साथ ही इस फैसले को दिल्ली के विकास के लिए अहम कदम बताया है.      

करीब 30 साल से लंबित था मामला
दिल्ली PWD के इंजीनियरिंग विभाग के पास अभी तक अपना अलग कैडर नहीं था. विभाग के इंजीनियरिंग से जुड़े 36 वर्गों के कुल 3214 पद CPWD कैडर के तहत आते थे. इन पदों पर नियुक्ति और अधिकारियों की व्यवस्था केंद्र सरकार के कैडर के माध्यम से होती है.  

इसे लेकर दिल्ली सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण राजधानी की जरूरतों के हिसाब से इंजीनियरिंग से जुड़े फैसले लेने में कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. वहीं दिल्ली में लगातार सड़कों, पुलों, सरकारी इमारतों और दूसरे सार्वजनिक ढांचे से जुड़े काम होते रहते हैं. इस तरह सरकार को स्वतंत्र और मजबूत इंजीनियरिंग व्यवस्था की जरूरत महसूस हो रही थी. वहीं सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि अलग इंजीनियरिंग कैडर का मुद्दा करीब तीन दशक से लंबित था. उनकी सरकार ने इस दिशा में पहल करते हुए कैडर को अलग करने का फैसला लिया था. अब केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू करने का रास्ता साफ हो गया है.

विकास कार्यों में आ सकती है तेजी
अलग कैडर बनने के बाद दिल्ली सरकार को इंजीनियरों की नियुक्ति, पदों को भरने और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने में ज्यादा सुविधा मिलने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि इससे विकास परियोजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और काम में तेजी आएगी.

दिल्ली में आने वाले समय में नए सचिवालय, 11 जिलों में मिनी सचिवालय, मंडियों, खेल मैदानों और अन्य सरकारी ढांचों से जुड़े कई निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं. इसके अलावा सड़कों और पुलों समेत दूसरे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी काम होना है. ऐसे में सरकार के अनुसार, अलग इंजीनियरिंग कैडर इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद करेगा.

अधिकारियों की जवाबदेही भी होगी तय
दिल्ली सरकार के अनुसार, नए कैडर का फायदा सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा. इससे इंजीनियरिंग अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और उनके काम की निगरानी में भी आसानी होगी. सीएम ने कहा कि निर्माण के काम में लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी है. अलग कैडर होने से अधिकारियों की जिम्मेदारी को दिल्ली सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा. इससे जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

जी-न्यूज में ट्रेनी सब एडिटर. वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर हरियाणा डिजिटल टीम में दिल्ली-एनसीआर-हरियाणा की राजनीति, हाइपर लोकल, क्राइम की खबरों पर नजर. यूटिलीटी की खबरों में दिलचस्पी है. 2023 में संस्थान से जुड़े. माखन लाल चतुर्वेदी भोपाल से पत्रकारिता में डिग्री हासिल की.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES