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छत्तीसगढ़ में उफान पर नदी-नाले...रायपुर में ड्रेनेज सिस्टम फेल; जानिए कब थमेगा बारिश का दौर?

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. इसका सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों और नदियों-नालों के पास बसे क्षेत्रों में देखा जा रहा है. रायपुर में जल निकासी की खराब व्यवस्था के कारण सिर्फ एक-दो घंटे की भारी बारिश के बाद ही जलभराव की समस्या हो रही है.

छत्तीसगढ़ में उफान पर नदी-नाले...रायपुर में ड्रेनेज सिस्टम फेल; जानिए कब थमेगा बारिश का दौर?
Image Credit: छत्तीसगढ़ में बारिश से हाहाकार!

छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है.  पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. राज्य के निचले इलाकों और नदियों व नालों के किनारे बसी बस्तियों पर इसका असर सबसे ज्यादा और चिंताजनक है. कई जिलों में रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश से निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. नदियों और नालों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और तेज बहाव के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है. तेज बहाव की वजह से हुई दुर्घटनाओं में मौत की दुखद खबरें भी सामने आई हैं, जिससे प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं.  इस बीच, मौसम विभाग ने एक नया अपडेट जारी किया है. मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता में कमी आएगी, फिर भी लोगों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

रायपुर में ड्रेनेज सिस्टम फेल
राजधानी रायपुर भी इस प्राकृतिक आपदा से अछूती नहीं है. शहर की जर्जर और खराब ड्रेनेज व्यवस्था के कारण, सिर्फ एक-दो घंटे की भारी बारिश से ही कई इलाकों की सड़कों और गलियों में भारी जलजमाव हो जाता है, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. घरों से निकलते ही लोगों को सड़कों पर भरे पानी की वजह से आने-जाने में परेशानी हो रही है. कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना का शिकार हो सकता है. ऐसे में प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं.

जानिए कब थमेगा बारिश का दौर?
मौजूदा हालात को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने कुछ राहत की उम्मीद जताई है. विभाग के अनुसार, कल यानी शुक्रवार 4 सितंबर से राज्य भर में बारिश के दायरे और तेजी, दोनों में कमी आएगी. इस बीच हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है. राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि संभावित आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए राज्य भर के जिला कलेक्टरों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं. साथ ही, राहत और बचाव कार्यों के लिए पहले से ही फंड आवंटित कर दिया गया है.

हसदेव मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर बढ़ा
इस बीच, कोरबा जिले में लगातार बारिश की वजह से हसदेव मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर बढ़कर 358.77 मीटर हो गया है, जिससे यह अपनी कुल क्षमता का 94.65% भर गया है. जलस्तर बढ़ने के कारण 11 में से 5 गेट खोल दिए गए हैं. इन गेटों से हसदेव नदी में 31,529 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट के तीन टर्बाइनों से 9,000 क्यूसेक पानी और छोड़ा जा रहा है, जिससे बांध से कुल पानी का बहाव 40,529 क्यूसेक हो गया है. डूबने की आशंका वाले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है और प्रशासन ने निवासियों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है.
 

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About the Author

Ranjana Kahar

Ranjana Kahar

रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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