‘गरीबी देख मुझे मरा समझा...’, राशन कार्ड कटने पर छलका साकरा बानो का दर्द, पूर्व मंत्री ने सरकार को घेरा
रायपुर में एक महिला को मृत बताकर उसका राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया है. इस मामले को पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. साथ ही, साकरा बानो के राशनकार्ड को तत्काल बहाल करने की मांग की है.
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. प्रदेश में चल रही राशन कार्ड निरस्तीकरण प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं. इस मामले पर छत्तीसगढ़ के पूर्व खाद्य मंत्री एवं कांग्रेस के सीनियर नेता मोहम्मद अकबर ने सरकार से जांच की मांग की है. साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है.
दरअसल, यह मामला रायपुर के सुभाष नगर की रहने वाली साकरा बानो से जुड़ा मामला है. साकरा बानों को मृत बताकर राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया. इसके बाद से राशन मिलना भी बंद हो गया है. इस मामले को पूर्व खाद्य मंत्री और कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने जीवित महिला को मृत बताकर राशन कार्ड निरस्त करने पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने वीडियो और कागजों के साथ मामले को उजागर किया है.
2 साल में कितने निरस्त हुए?
पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने आरोप लगाया है कि जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर उनका अंत्योदय राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया, जिससे उनका राशन भी बंद हो गया है. उन्होंने आंकड़ों के बारे में बताते हुए कहा कि साल 2024 में 57,371 और साल 2025 में 60,496 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं. कुल मिलाकर 2 साल में 1,17,867 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं.
निष्पक्ष जांच की मांग भी की
मोहम्मद अकबर ने सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में कार्ड निरस्त करने से पहले क्या सही से सत्यापन किया गया? आगे कहा कि प्रभावित परिवारों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया? हालांकि, उन्होंने विष्णु देव सरकार के खाद्य मंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि जो भी दोषी हो, उस पर कार्रवाई की जाए.
तत्काल बहाल करने की मांग
पूर्व मंत्री ने साकरा बानों का राशन कार्ड तत्काल बहाल करने की भी मांग की है. साथ ही प्रदेश में निरस्त किए गए सभी राशन कार्डों की समीक्षा कर पात्र परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की भी अपील की. पूर्व मंत्री का कहना है कि ऐसे बहुत से मामले हैं, जिसमें जीवित व्यक्ति को मृत बताकर उसका राशन कार्ड काट दिया गया है. उन्होंने कहा कि जीवित व्यक्ति को मृत बताना अपने आप में बड़ा अपराध है. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
साकरा बानों ने उठाए सवाल
वहीं राशन कार्ड निरस्त होने पर साकरा बानों ने वीडियो के जरिए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने बताया कि रायपुर के सुभाष नगर में रहते हैं. साकरा बानो ने कहा कि मेरा पति खत्म हो गया है. उनका नाम मीनू दीन था. उन्होंने रोते हुए कहा कि मेरी गरीबी देखकर मुझे मरा हुआ समझा और राशन कार्ड भी रद्द कर दिया गया.