छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जिला अस्पताल में गर्भवती महिला के इलाज में लापरवाही का मामला सामने आया है. इससे अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं. अस्पताल के भीतर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक गार्ड गर्भवती महिला को ड्रिप लगाते हुए दिखाई दे रहा है. दावा किया जा रहा है कि नर्स के कहने पर गार्ड ने गर्भवती महिला को ड्रिप लगाई. मामले का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.
इस मामले का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि, एक गार्ड गर्भवती महिला को ड्रिप लगाते और कैनुला निकालते हुए दिखाई दे रहा है. जानकारी के मुताबिक, रायपुर के मातृ एवं शिशु अस्पताल का वायरल वीडियो शुक्रवार 25 सितंबर की शाम का है. दावा किया जा रहा है कि, उस समय अस्पताल में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौजूद थे. इसके बावजूद यह बात सामने आई है कि एक सिक्योरिटी गार्ड ने मरीज के हाथ से ड्रिप हटाकर और कैनुला पर कैप लगाया.
परिजनों का आरोप
मरीजों के परिजनों ने बताया कि गार्ड ने वार्ड में सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि कई महिलाओं के ड्रिप हटा दिए और कैनुला को कैप कर दिया. एक मामले में मरीज के हाथ से ड्रिप आसानी से नहीं निकल रहा था. महिला ने नर्स को बुलाने के लिए कहा, लेकिन गार्ड ने बस ट्यूब को जोर से खींचकर निकाल दिया और कैनुला को कैप कर दिया.
नर्स के कहने पर हटाई ड्रिप
ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स वर्षा यादव ने बताया कि वह एक ऐसी मरीज की देखभाल में व्यस्त थीं, जिनकी सर्जरी का यह पहला दिन था. दूसरे वार्ड में 12 मरीज ऐसे थे जिनकी सर्जरी को दो दिन हो चुके थे. उनकी ड्रिप का काम पूरा हो चुका था. हालांकि एक मरीज की ड्रिप खत्म हो गई थी और उनके रिश्तेदार बार-बार इस बात की जानकारी उन्हें दे रहे थे. इसलिए उन्होंने गार्ड को सिर्फ कैनुला पर कैप लगाने के लिए भेजा था. नर्स के अनुसार, गार्ड ने कोई और इलाज नहीं किया.
जिला अस्पताल के डॉक्टर ने कही कार्रवाई की बात
रायपुर जिला अस्पताल के डॉ. भेनुज सिन्हा ने बताया कि ड्रिप लगाने और कैनुला लगाने या हटाने जैसे काम स्टाफ नर्स करती हैं. वीडियो में अगर गार्ड कैपिंग का काम करते हुए दिख रहा है, वह गलत तरीके है. इस मामले में नोटिस जारी किया जाएगा. डॉ. सिन्हा ने कहा कि इंचार्ज नर्स को भी निर्देश दिए जाएंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसी घटना दोबारा होती है, तो संबंधित स्टाफ सदस्य के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.