बिलासपुर के हवाई यात्रियों को बड़ा झटका: कोलकाता और अंबिकापुर के बाद प्रयागराज फ्लाइट भी बंद, अब केवल दिल्ली की उड़ान जारी
बिलासपुर से प्रयागराज जाने वाले हवाई यात्रियों को बड़ा झटका लगा है. कोलकाता-अंबिकापुर के बाद अब प्रयागराज रूट पर हवाई सेवा अस्थायी तौर पर बंद कर दी गई है. आइए इसकी वजह के बारे में जानते हैं. इसके अलावा, बिलासा एयरपोर्ट का इतिहास जानते हैं.
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी कहे जाने वाले बिलासपुर के बिलासा देवी केवट हवाई अड्डे से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. कोलकाता और अंबिकापुर के बाद अब प्रयागराज जाने वाली उड़ान भी फिलहाल बंद कर दी गई है. इससे हवाई यात्रियों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है.
दरअसल, प्रयागराज रूट पर यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आने के बाद एलायंस एयर ने उड़ान संचालन रोकने का फैसला लिया है. मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली से बिलासपुर आने वाला विमान अब प्रयागराज के रास्ते नहीं जाएगा, बल्कि सीधे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा. रविवार की उड़ान में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है.
जानिए क्या है इसकी वजह ?
इसकी एक बड़ी वजह किराए में हुई बढ़ोतरी मानी जा रही है. पहले बिलासपुर से प्रयागराज का किराया करीब 3 हजार 200 से 3 हजार 600 रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 5 हजार 300 रुपये तक पहुंच गया है. महंगे किराए के कारण यात्री ट्रेन और सड़क मार्ग को प्राथमिकता देने लगे हैं.
4 से 5 यात्री ही मिल पा रहे हैं
बताया जा रहा है कि दिल्ली रूट पर जहां विमान की 50 में से करीब 45 सीटें बुक हो रही हैं, वहीं प्रयागराज के लिए केवल 4 से 5 यात्री ही मिल पा रहे हैं. दूसरी तरफ, एलायंस एयर विमानों की कमी से भी जूझ रही है. कंपनी के कई विमान परिचालन से बाहर हैं और एक क्षतिग्रस्त विमान बिलासपुर एयरपोर्ट पर लंबे समय से खड़ा है.
सिर्फ दिल्ली के लिए हवाई सेवा
फिलहाल, बिलासपुर से केवल दिल्ली के लिए हवाई सेवा संचालित हो रही है. अतिरिक्त विमान उपलब्ध होने पर अगले सप्ताह प्रयागराज सेवा दोबारा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.
बिलासा एयरपोर्ट का इतिहास
1. 1942 में रॉयल एयर फोर्स (RAF) द्वारा चकरभाटा में निर्माण किया गया था.
2. इस एयरपोर्ट का इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सहयोगी सेना की गतिविधियों के लिए होता था.
3. साल 1945 में इसे बंद कर दिया गया था. आजादी के बाद फिर भारत सरकार के नियंत्रण में आया.
4. लंबे समय तक VIP उड़ानों से लेकर सेना की गतिविधियों समेत पायलट ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल
5. 1980 के दशक में वायुदूत विमान सेवा के तहत भोपाल-दिल्ली से जोड़ा गया था.
6. 27 जनवरी 2021 को इसे DGCA से 3C VFR लाइसेंस मिला.
7. 1 मार्च 2021 को इस एयरपोर्ट से दिल्ली, जबलपुर और प्रयागराज के लिए पहली बार नियमित उड़ानें शुरू हुईं.
8. 5 जून 2022 से भोपाल के लिए भी विमान सेवा की शुरुआत की गई.