)
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुक्तिधाम के पास स्थित अटल आवास में रविवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. ग्राउंड फ्लोर पर अचानक भीषण आग लग गई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई. आग की लपटें और घना काला धुआं इतनी तेजी से फैला कि ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले परिवार अंदर ही फंस गए. हालात इतने गंभीर हो गए थे कि अपनी जान बचाने की कोशिश में कुछ महिलाएं और बच्चे पहली और दूसरी मंजिल से नीचे कूद गए.
हालात बिगड़ते देख आस-पास के लोग आगे आए और रस्सियों व कपड़ों की मदद से फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने लगे. बताया जा रहा है कि 75 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. इस घटना में एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है, लेकिन किसी की जान जाने की कोई सूचना नहीं है.
पुलिस के अनुसार, अटल आवास की ग्राउंड फ्लोर पर लगी आग कुछ ही देर में आग की लपटों और धुएं ने आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया. इमारत के बाहर खड़ी चार-पांच बाइक भी इस आग में पूरी तरह जलकर खाक हो गईं. आग की भीषणता के बीच सबसे बड़ी चुनौती अंदर फंसे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालना था. स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए रस्सियों और कपड़ों की मदद से लोगों को बाहर निकालने में मदद की. इसी बीच घटना की सूचना मिलने पर सरकंडा पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई.
काफी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया. शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी असामाजिक तत्व की हरकत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आग लगने के असली कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है. नुकसान का पूरा दायरा और घटना के सटीक कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा.
इस तरह की घटनाएं बहुमंजिला आवासीय परिसरों में मजबूत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के अत्यंत महत्व को लेकर एक गंभीर सबक देती हैं. स्थानीय निवासियों ने जिस बहादुरी और सूझबूझ का परिचय दिया, उससे एक बड़ी घटना टल गई वरना, ऐसी लापरवाही से जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था. प्रशासन और नगर निगम को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी आवासीय इमारतों में नियमित रूप से सुरक्षा ऑडिट हों और आग बुझाने वाले उपकरण उपलब्ध रहें. इसके अलावा शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याओं को रोकने के लिए बिजली की वायरिंग की समय-समय पर जांच अनिवार्य की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी भयावह घटनाएं दोबारा न घटें.