छत्तीसगढ़ में चक्रवात 'मुरासु' का असर: रायपुर-दुर्ग समेत 15 जिलों में बारिश-वज्रपात का अलर्ट, बस्तर में ऑरेंज चेतावनी जारी
छत्तीसगढ़ में चक्रवात 'मुरासु' का असर लगातार देखने को मिल रहा है और मौसम विभाग ने आज भी रायपुर और दुर्ग समेत 15 जिलों में अलर्ट जारी किया है. बस्तर संभाग के 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट है.
छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदल गया है और चक्रवाती तूफान मुरासु की वजह से राज्य के कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है. इस बीच मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर और दुर्ग समेत प्रदेश के 15 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आसानी बिजली गिरने (वज्रपात) की चेतावनी जारी की है. वहीं, दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के 6 जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
बारिश के बाद गिरा तापमान
इस चक्रवाती असर से तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे कई जिलों में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. इससे पहले मंगलवार को सबसे ज्यादा तापमान रायपुर में दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रहा. सबसे कम तापमान पेण्ड्रा रोड में रहा और यह 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, बिलासपुर में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और जगदलपुर में 26.4 डिग्री सेल्सियस रहा.
बेमौसम बारिश की मार, किसानों की बढ़ी चिंता
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में एक बार फिर बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. अर्नब चक्रवात के असर के बाद अब मुरासु तूफान की वजह से एक बार फिर मौसम ने करवट ली है और बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. एक तरफ दीपावली का त्योहार नजदीक है, तो दूसरी तरफ खेतों में धान की फसल पककर तैयार खड़ी है. ऐसे में अचानक हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी फसल को सुरक्षित रखने की है, क्योंकि जल्द ही धान खरीदी भी प्रारंभ होने वाली है और ऐसे समय में खेतों में खड़ी फसल पर बारिश का खतरा मंडराने लगा है. किसानों का कहना है कि सालभर की मेहनत के बाद फसल तैयार हुई है, लेकिन यदि मौसम का मिजाज इसी तरह बिगड़ता रहा तो फसल को नुकसान होने की आशंका है.
पखांजूर में भी बारिश से फसल खराब
मुरासु चक्रवात का असर कांकेर जिले के पखांजूर मे भी किसानों की फसलों पर भी दिखाई देने लगा है. तेज हवाओं और बारिश के चलते खेतों में पककर तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई है. फसल गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. पहले ही मौसम की मार झेल रहे किसानों को अब उत्पादन में नुकसान का डर सताने लगा है. खेतों में लहलहाती धान की फसल कई जगह गिर गई है. किसानों के लिए यह चिंता का विषय है, क्योंकि फसल गिरने से धान की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित होने की आशंका है. अब किसानों को नुकसान के आकलन और प्रशासनिक मदद का इंतजार है.
बारिश भी नहीं रोक पाई देशभक्ति का जज्बा
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उत्सव में कोंडागांव पुलिस का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. मंच पर जब खाकी वर्दी पहने पुलिस अधिकारी और जवानों ने देशभक्ति के गीतों की प्रस्तुति दी, तो पूरा माहौल देशप्रेम के रंग में रंग गया. हल्की बारिश भी उनके उत्साह और जुनून को कम नहीं कर सकी. दर्शक लौटने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस के गीतों ने उन्हें रुकने पर मजबूर कर दिया. कोंडागांव के विकास नगर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य उत्सव के अवसर पर भव्य आयोजन किया गया था. एक ओर विभिन्न विभागों के स्टॉल सजे थे, तो दूसरी ओर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए शानदार मंच तैयार किया गया था.
कार्यक्रम पूरे उत्साह के साथ चल रहा था, तभी मौसम ने करवट ली और हल्की बारिश शुरू हो गई. बारिश के चलते धीरे-धीरे दर्शक कार्यक्रम स्थल से वापस लौटने लगे. लेकिन इसी बीच कोंडागांव पुलिस के अधिकारियों और जवानों ने मंच संभाला और देशभक्ति के गीतों की ऐसी प्रस्तुति दी कि बारिश के बीच भी माहौल में जोश भर गया. खाकी वर्दी में पुलिस अधिकारियों और जवानों को गीत गाते देख दर्शक भी ठिठक गए. देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया और देखते ही देखते कार्यक्रम स्थल पर फिर से रौनक लौट आई. पुलिस की इस अनूठी प्रस्तुति ने राज्य उत्सव में चार चांद लगा दिए.