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छत्तीसगढ़ की सियासत में मंगलवार को एक अलग तस्वीर देखने को मिली, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के दो बड़े नेता एक ही मंच पर आमने-सामने नजर आए. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यामंत्री भूपेश बघेल के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर करीब 1 घंटे तक बहस हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने अपने-अपने दावों के समर्थन में आवास से जुड़े आंकड़े सामने रखे. इस बहस का लाइव प्रसारण रायपुर प्रेस क्लब के किया गया. बहस खत्म होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच सोशल मीडिया पर पोस्ट वार शुरू हो गया है.
दरअसल, प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर विजय शर्मा और भूपेश बघेल ने एक दूसरे की चुनौती स्वीकार की थी. इसी के बाद दोनों नेताओं के बीच आज ओपन डिबेट आयोजित की गई. भूपेश बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लगभग 7 लाख घर बनाए गए थे. इसे गलत बताते हुए विजय शर्मा ने दावा किया कि साई सरकार ने 18 लाख घरों को मंजूरी दी है.
उप मुख्यमंत्री ने पेश किए आंकड़े
विजय शर्मा ने ढाई साल के पीएम आवास के आंकड़े जारी किए. छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 1,151,431 घर बनकर तैयार हो चुके हैं. सरकार ने राज्य में 18 लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा है. इस पहल के तहत नई सरकार के गठन के बाद 1,317,352 घरों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से अब तक 1,151,431 घर पूरे हो चुके हैं. साल 2016-2023 की अवधि के दौरान कुल 246,215 घर अधूरे रह गए थे. इनमें से 195,441 घर अब पूरे हो चुके हैं. स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल 699,438 परिवारों में से 586,788 घरों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 469,782 घर अब बनकर तैयार हो चुके हैं.
वहीं, आवास प्लस योजना के तहत 819,999 परिवार पंजीकृत हैं. इनमें से 691,616 घरों को मंजूरी मिली और 462,605 घर पूरे हो चुके हैं. मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत कुल 47,090 घर हैं. इनमें से 38,948 को मंजूरी मिल चुकी है और 23,603 घर पूरे हो चुके हैं. इसके अलावा, पीएम-जनमन (PM-JANMAN) योजना के तहत 34,461 घरों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से अब तक 24,025 घर पूरे हो चुके हैं. विशेष परियोजना श्रेणी के तहत 5,662 घरों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से अब तक 524 घर पूरे हो चुके हैं. सरकार के अनुसार, केंद्र सरकार ने भी छत्तीसगढ़ के लिए 365,000 नए घरों का लक्ष्य तय किया है.

भूपेश बघेल ने किया पलटवार
बहस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि 2018 में 3,48,960 घरों को मंजूरी दी गई थी और 1,39,000 घर बनकर तैयार हो गए थे. 2020-21 के लिए लक्ष्य 1,97,811 था और 1,22,000 घर पूरे किए गए. उन्होंने कहा कि कोविड-19 के समय किसी भी सरकार के पास फंड उपलब्ध नहीं था. 2022-23 में पोर्टल बंद कर दिया गया था. हमने भारत सरकार से अपने फंड की मांग की. पत्र लिखे गए और आधिकारिक बातचीत हुई. 2011 की जनगणना के अनुसार, 18 लाख घरों की और जरूरत थी और हमने उनमें से 6,97,000 घरों को मंजूरी दी. जब ये आंकड़े पेश किए जा रहे थे, तो विजय शर्मा ने मंच से कहा कि पहले गिनती पूरी होनी चाहिए और हिसाब-किताब सही होना चाहिए.

सोशल मीडिया पर पोस्टर वार
बहस के बाद, सोशल मीडिया पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है. भूपेश बघेल ने X पर लिखा और सलाह दी कि, 'अगली बार किसी समझदार व्यक्ति को भेजें.' उन्होंने टिप्पणी की कि 'छोटा रिचार्ज' सिर्फ रील्स बनाने के लिए ही ठीक है. वहीं, बीजेपी ने एक पोस्टर जारी किया जिसमें कहा गया कि असली आंकड़ों ने 'हवा' निकाल दी है और भ्रम का गुब्बारा फोड़ दिया है. इसके अलावा, बीजेपी ने एक और पोस्टर जारी किया जिसमें लिखा था कि, 'जनता ने आपकी इनकमिंग कॉल भी काट दी है, मिस्टर ATM अगली बार राहुल गांधी को भेजें.'