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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले के बहुचर्चित मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर की विशेष PMLA अदालत में 99 पन्नों की चार्जशीट और 3,700 पन्नों के सहायक दस्तावेज दाखिल किए हैं. यह चार्जशीट आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत कुल सात आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई है. ED की जांच में भर्ती और एक NGO के जरिए किए गए वित्तीय लेन-देन में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है.
टामन सिंह सोनवानी समेत 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
ED ने पूर्व CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, उत्कर्ष चंद्राकर और अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया समेत सात लोगों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया है. बता दें कि ED ने टामन सिंह सोनवानी को 25 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था, तब से वे जेल में हैं. उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघरिया भी जेल में बंद हैं. ED ने 2020 और 2021 की CGPSC राज्य सेवा परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर जांच शुरू की थी. यह जांच EOW/ACB की FIR और बाद में CBI की जांच के आधार पर की जा रही है.
पेपर लीक में हेरफेर की साजिश
ED के अनुसार, CGPSC के चेयरमैन रहते हुए टामन सिंह सोनवानी ने कुछ सरकारी कर्मचारियों और प्राइवेट लोगों के साथ मिलकर पेपर लीक करने और सिलेक्शन प्रोसेस में हेर-फेर करने की साज़िश रची. एजेंसी का आरोप है कि इसके बदले में गैर-कानूनी पैसे लिए गए और डिप्टी कलेक्टर और DSP जैसे सीनियर सरकारी पदों पर अपनी पसंद के उम्मीदवारों, जिनमें उनके रिश्तेदार भी शामिल थे, का सिलेक्शन पक्का करने की कोशिश की गई.
₹3.28 करोड़ के मनी ट्रेल का आरोप
रायपुर की स्पेशल PMLA कोर्ट में दायर शिकायत में ED ने ₹3.28 करोड़ के मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन) का आरोप लगाया है. ED के अनुसार, कथित अपराध से हुई कमाई दो तरीकों से जुटाई गई थी: ₹45 लाख CSR फंड के जरिए और लगभग ₹3.13 करोड़ उम्मीदवारों और उनके परिवारों से लिए गए थे. शिकायत में आरोप है कि परीक्षा में मदद, प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराने और पक्का सिलेक्शन का वादा करके लगभग 25 से 30 उम्मीदवारों से पैसे लिए गए थे. ED ने इस मामले में सात लोगों को आरोपी बनाया है. जांच में सभी आरोपियों की अलग-अलग भूमिकाओं का ब्योरा दिया गया है.
₹47.54 लाख की छह संपत्तियां अटैच
इस बीच, ED ने बताया है कि तलाशी के दौरान ₹47.54 लाख की छह संपत्तियां अटैच की गई हैं और ₹9.32 लाख नकद जब्त किए गए हैं. फिलहाल, तीन आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. अब इस मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई ED के आरोपों और सबूतों के आधार पर अदालत में होगी.