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छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में सहायक शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है. हाई कोर्ट के एक अहम निर्देश के बाद 11 और 25 अक्टूबर को होने वाली सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा को फिलहाल टाल दिया गया है. यह फैसला दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण कोटे के तहत पूरी तरह से दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को उचित लाभ न मिलने से जुड़ी एक याचिका पर हुई सुनवाई के बाद लिया गया है.
65 हजार अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन
इस परीक्षा के लिए छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में कुल 250 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे और राज्य भर से लगभग 65,000 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. तैयारियां अंतिम चरण में थीं, लेकिन ऐन वक्त पर आए इस आदेश के बाद प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (व्यापम) ने तुरंत कार्रवाई की और सभी संबंधित जिलों के नोडल अधिकारियों को सूचना जारी कर बताया कि परीक्षा स्थगित कर दी गई है.
नई तारीख का ऐलान नहीं
परीक्षा के अचानक टल जाने से इसकी तैयारी कर रहे युवाओं के बीच अनिश्चितता और निराशा का माहौल बन गया है. अभी तक न तो व्यापम और न ही प्रशासन ने परीक्षा की कोई नई तारीख घोषित की है. उम्मीद है कि कोर्ट के अगले निर्देशों और जरूरी बदलावों के बाद ही नया शेड्यूल जारी किया जाएगा.
11 और 25 अक्टूबर को होने वाली परीक्षा टली
चीफ जस्टिस कृष्णराम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की बेंच ने सुनवाई को दौरान राज्य सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा है कि जब तक सभी आरक्षित वर्गों को विज्ञापन में शामिल कर आवेदन का मौका नहीं दिया जाता, तब तक चयन परीक्षा नहीं होगी. इस आदेश के बाद 11 और 25 अक्टूबर को होने वाली परीक्षाएं टाल दी गई हैं. कोर्ट के आदेश के अनुसार टीचर भर्ती परीक्षा तब तक आयोजित नहीं की जाएंगी, जब तक कि विज्ञापन में सभी आरक्षित श्रेणियों को शामिल नहीं किया जाता और उन श्रेणियों के उम्मीदवारों को आवेदन करने का मौका नहीं दिया जाता. हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार या तो नियमों के अनुसार संशोधित विज्ञापन जारी कर सकती है या फिर एक नया विज्ञापन प्रकाशित कर सकती है जिसमें सभी आरक्षित श्रेणियां शामिल हों.
बता दें कि छत्तीसगढ़ में असिस्टेंट टीचर भर्ती परीक्षा को आखिरी समय में टालने से उन हजारों उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है जो लंबे समय से इसकी तैयारी कर रहे थे. दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण कोटे के तहत पूरी तरह से दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को उचित लाभ न मिल पाने के कारण शुरू हुई कानूनी कार्यवाही ने एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर भर्ती नियमों की समीक्षा करने की जरूरत को उजागर किया है. फिलहाल, व्यापम (Vyapam) द्वारा परीक्षा स्थगित किए जाने के बाद नए शेड्यूल का इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. उम्मीदवारों की नजरें अब हाई कोर्ट के अगले निर्देशों और नई तारीखों की घोषणा पर टिकी हैं.