रायपुर में कूड़ा फेंकने वालों पर होगी नजर, लगेंगे 127 हाईटेक कैमरे...अंधेरे में भी नहीं बचेंगे नियम तोड़ने वाले
Raipur News: रायपुर में लगभग 127 हाई-टेक नाइट-विजन कैमरे लगाए जा रहे हैं. नगर निगम अब शहर की सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर कचरा फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी.
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को साफ-सुथरा बनाने और खुले में कचरा फेंकने की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है. शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के मकसद से लगभग ₹90 लाख की लागत से 127 हाई-टेक सर्विलांस कैमरे लगाए जा रहे हैं. इन कैमरों का मुख्य उद्देश्य सड़कों या सार्वजनिक जगहों पर गैर-कानूनी तरीके से कचरा फेंकने की आदत पर रोक लगाना है. इन कैमरों की एक खास खूबी इनकी नाइट-विजन टेक्नोलॉजी है, जो रात के अंधेरे में भी 50 मीटर तक की दूरी से साफ फुटेज रिकॉर्ड करने में सक्षम है.
रायपुर में कूड़ा फेंकने वालों पर होगी नजर
पहले चरण में शहर की 23 संवेदनशील जगहों पर कैमरे लगाए जाएंगे, जहां कचरा फेंके जाने की शिकायतें या समस्या अधिक रहती है. इनसे उन लोगों की पहचान करने में आसानी होगी जो सड़कों के किनारे कचरा फेंकते हैं, गाड़ियों से कचरा उतारते हैं या खुली जगहों पर कचरा डालते हैं. नगर निगम के अनुसार, कैमरे की फुटेज के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
अंधेरे में भी नहीं बचेंगे नियम तोड़ने वाले
इस सर्विलांस सिस्टम की खास बात नाइट विजन कैमरे होंगे. इनकी मदद से अंधेरे में भी लगभग 50 मीटर तक निगरानी की जा सकेगी. इसका मतलब है कि रात में कचरा फेंकने की घटनाओं को भी रिकॉर्ड किया जा सकेगा. कैमरे मोबाइल ऐप से जुड़े होंगे, जिससे लाइव मॉनिटरिंग की सुविधा मिल सकेगी. नगर निगम कैमरों से मिली रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखेगा. जरूरत पड़ने पर, कार्रवाई के दौरान इस रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल सबूत के तौर पर किया जा सकेगा. इसके अलावा, शहर में चलने वाली कचरा उठाने वाली गाड़ियों को भी ट्रैक और मॉनिटर किया जाएगा. इससे कचरा उठाने की व्यवस्था पर नजर रखने में भी मदद मिलेगी.
सबूत बनेगी रिकॉर्डिंग
निगरानी का दायरा सिर्फ सड़कों पर कचरा फेंकने वालों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कचरा उठाने वाली गाड़ियां भी शामिल होंगी. गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर नोट किए जाएंगे, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कचरा कहां से उठाया गया और अंत में उसे कहां डाला गया. इस कैमरा निगरानी को मैनेज करने के लिए एक मोबाइल ऐप से जुड़ा सिस्टम बनाया गया है. इससे संबंधित अधिकारी या कर्मचारी रियल-टाइम में कैमरा फीड देख सकेंगे. नगर निगम इस काम के लिए एक कमांड सेंटर बनाने की भी योजना बना रहा है. कैमरों से रिकॉर्ड किए गए फुटेज और तस्वीरें जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए सबूत का काम करेंगी.
बता दें कि शहर से रोज करीब 750 टन कचरा रोजाना प्रोसेसिंग प्लांट भेजा जाता है, फिर भी लोग खुली जगहों पर कचरा फेंक देते हैं. नगर निगम का कहना है कि कैमरों से नजर रखने पर जो लोग खुले में कचरा फेंकते हैं, उन पर रोक लगेगी और शहर में सफाई बेहतर होगी.