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रायपुर में कूड़ा फेंकने वालों पर होगी नजर, लगेंगे 127 हाईटेक कैमरे...अंधेरे में भी नहीं बचेंगे नियम तोड़ने वाले

Raipur News: रायपुर में लगभग 127 हाई-टेक नाइट-विजन कैमरे लगाए जा रहे हैं. नगर निगम अब शहर की सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर कचरा फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी.

Written By Ranjana Kahar
Published: Sep 17, 2026, 07:53 AM IST | Updated: Sep 17, 2026, 07:55 AM IST
Image Credit: AI जनरेटेड फोटो
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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को साफ-सुथरा बनाने और खुले में कचरा फेंकने की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है. शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के मकसद से लगभग ₹90 लाख की लागत से 127 हाई-टेक सर्विलांस कैमरे लगाए जा रहे हैं. इन कैमरों का मुख्य उद्देश्य सड़कों या सार्वजनिक जगहों पर गैर-कानूनी तरीके से कचरा फेंकने की आदत पर रोक लगाना है. इन कैमरों की एक खास खूबी इनकी नाइट-विजन टेक्नोलॉजी है, जो रात के अंधेरे में भी 50 मीटर तक की दूरी से साफ फुटेज रिकॉर्ड करने में सक्षम है.

रायपुर में कूड़ा फेंकने वालों पर होगी नजर
पहले चरण में शहर की 23 संवेदनशील जगहों पर कैमरे लगाए जाएंगे, जहां कचरा फेंके जाने की शिकायतें या समस्या अधिक रहती है.  इनसे उन लोगों की पहचान करने में आसानी होगी जो सड़कों के किनारे कचरा फेंकते हैं, गाड़ियों से कचरा उतारते हैं या खुली जगहों पर कचरा डालते हैं. नगर निगम के अनुसार, कैमरे की फुटेज के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

अंधेरे में भी नहीं बचेंगे नियम तोड़ने वाले
इस सर्विलांस सिस्टम की खास बात नाइट विजन कैमरे होंगे. इनकी मदद से अंधेरे में भी लगभग 50 मीटर तक निगरानी की जा सकेगी. इसका मतलब है कि रात में कचरा फेंकने की घटनाओं को भी रिकॉर्ड किया जा सकेगा. कैमरे मोबाइल ऐप से जुड़े होंगे, जिससे लाइव मॉनिटरिंग की सुविधा मिल सकेगी. नगर निगम कैमरों से मिली रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखेगा. जरूरत पड़ने पर, कार्रवाई के दौरान इस रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल सबूत के तौर पर किया जा सकेगा. इसके अलावा, शहर में चलने वाली कचरा उठाने वाली गाड़ियों को भी ट्रैक और मॉनिटर किया जाएगा. इससे कचरा उठाने की व्यवस्था पर नजर रखने में भी मदद मिलेगी.

सबूत बनेगी रिकॉर्डिंग
निगरानी का दायरा सिर्फ सड़कों पर कचरा फेंकने वालों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कचरा उठाने वाली गाड़ियां भी शामिल होंगी. गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर नोट किए जाएंगे, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कचरा कहां से उठाया गया और अंत में उसे कहां डाला गया. इस कैमरा निगरानी को मैनेज करने के लिए एक मोबाइल ऐप से जुड़ा सिस्टम बनाया गया है. इससे संबंधित अधिकारी या कर्मचारी रियल-टाइम में कैमरा फीड देख सकेंगे. नगर निगम इस काम के लिए एक कमांड सेंटर बनाने की भी योजना बना रहा है. कैमरों से रिकॉर्ड किए गए फुटेज और तस्वीरें जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए सबूत का काम करेंगी.

बता दें कि शहर से रोज करीब 750 टन कचरा रोजाना प्रोसेसिंग प्लांट भेजा जाता है, फिर भी लोग खुली जगहों पर कचरा फेंक देते हैं. नगर निगम का कहना है कि कैमरों से नजर रखने पर जो लोग खुले में कचरा फेंकते हैं, उन पर रोक लगेगी और शहर में सफाई बेहतर होगी.

 

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रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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