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What is a Grain ATM: अक्सर आपने देखा होगा कि फ्री राशन की दुकानों पर लोगों की लंबी लाइनें लगी रहती हैं. इसी समस्या से निजात पाने के लिए छत्तीसगढ़ में नई सुविधा लागू की गई है. बैंक एटीएम और वाटर एटीएम की तरह अब ग्रेन एटीएम लगाए गए हैं. इससे सरकारी राशन दुकानों पर राशन लेने के लिए लोगों को न तो लंबी लाइन लगानी होगी और न ही राशन कम मिलने का झंझट रहेगा. ग्रेन एटीएम के जरिए लोग अपना पूरा राशन ले सकेंगे. ये ऐसे एटीएम हैं, जिनमें कोई भी कार्डधारक अपने आधार कार्ड या राशन कार्ड की डिटेल दर्ज कर मशीन से मिलने वाला मुफ्त राशन प्राप्त कर सकता है.
ग्रेन एटीएम, एक स्वचालित अनाज वितरण मशीन है. यह मशीन बिल्कुल बैंक एटीएम की तरह काम करती है. इस मशीन के जरिए पैसे की जगह अनाज जैसे गेहूं और चावल निकलते हैं. इस मशीन का उपयोग सरकारी राशन वितरण प्रणाली यानी पीडीएस को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए किया जा रहा है. इतना ही नहीं, यह राशन की कालाबाजारी को रोकने में भी मदद करेगा. इसके साथ-साथ फ्री राशन योजना का लाभ आमजन तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सकेगा. अभी तक छत्तीसगढ़ में तीन जगहों पर ग्रेन एटीएम लगाए गए हैं.
प्रदेश में कहां-कहां लगे एटीएम?
1. रायपुर के रावभाठा और बिरगांव इलाके में पहला ग्रेन एटीएम लगाया गया.
2. बिलासपुर के सरकंडा इलाके में ग्रेन एटीएम मशीन लगाई गई है.
3. दुर्ग जिले में भी राशन वितरण के लिए ग्रेन एटीएम लगाया गया है.
ग्रेन एटीएम काम कैसे करता है?
ग्रेन एटीएम के जरिए बहुत ही आसानी से आप राशन निकाल सकेंगे. इसके लिए सबसे पहले मशीन के सामने निर्धारित स्थान पर खड़े होकर फिंगरप्रिंट के माध्यम से आधार कार्ड का सत्यापन करना होगा. उसके बाद मशीन अपने आप डिजिटल स्क्रीन पर कार्ड धारक के कार्ड के मुताबिक ही राशन की मात्रा को दर्शा देता है. राशन कार्ड धारक राशन की मात्रा की पुष्टि करेगा और अपना खाली बैग या फिर बोरी को मशीन के नीचे रख दें. जैसे ही आप डिस्पेंस बटन दबाएंगे, तो मशीन अनाज को आपके बैग में भर देगी.
ग्रेन एटीएम काम कैसे करता है?
1. मशीन के सामने खड़े होकर आधार कार्ड का सत्यापन करें.
2. उसके बाद मशीन कार्ड धारक की डिटेल के मुताबिक राशन की मात्रा दिखाएगी.
3. राशन कार्ड धारक राशन की मात्रा की पुष्टि करने के बाद बैग या बोरी को मशीन के नीचे रखें.
4. जैसे ही डिस्पेंस बटन दबाएंगे, वैसे ही अनाज आपके बैग में भर जाएगा.
5. यह मशीन मात्र 5 मिनट में 50 किलोग्राम तक अनाज बाहर निकाल देती है.
ग्रेन एटीएम से क्या फायदा होगा?
1. इस एटीएम से अनाज की पूरी मात्रा मिलेगी.
2. लंबी लाइनों में लगने से छुटकारा मिल जाएगा.
3. सिर्फ 2 से 3 मिनट के अंदर आपको राशन मिल जाएगा.
4. ये एटीएम 24 घंटे चालू रहने से कभी भी राशन ले सकेंगे.
ग्रेन एटीएम से बढ़ेगी पारदर्शिता
इस मशीन के माध्यम से पीडीएस में पारदर्शिता बढ़ने की काफी उम्मीद है. मशीन से राशन सीधे कार्ड धारक को मिलेगा. इसलिए डीलर के स्तर राशन काटने या कम अनाज दने की शिकायतों पर भी लगाम लगेगी. फर्जी कार्ड के जरिए अनाज लेने या राशन की कालाबाजारी को भी कम किया जा सकेगा. सबसे खास बात यह होगी कि इन एटीएम के जरिए खाद्य विभाग के पास रियल-टाइम डेटा उपलब्ध रहेगा, जिससे यह पता चल सकेगा कि किस राशन केंद्र से कितने लोगों को कितना राशन पहुंच गया है.
ग्रेन एटीएम से क्या-क्या चुनौतियां
ग्रेन एटीएम की सुविधा शुरू होने से कई फायदे के साथ-साथ कई चुनौतियां भी सामने आ सकती है. क्योंकि छत्तीसगढ़ के बस्तर, सरगुजा जैसे वनांचल इलाकों में इंटरनेट की बड़ी समस्या है. इससे मशीन में बायोमेट्रिक सत्यापन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा, यहां के बुजुर्गों और हाथों से मेहनत करने वाले मजदूरों के फिंगरप्रिंट साफ नहीं आने पर भी परेशानी हो सकती है. इतना ही नहीं मशीन की नियमित मेंटनेंस की जरूरत पड़ेगी. वहीं अनाज में नमी या कचरा होने पर मशीन का नोजल जाम होने का खतरा हो सकता है.
भारत में कहां लगा था पहला ATM
बता दें कि देश का पहला ग्रेन एटीएम हरियाणा के गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में जुलाई 2021 में लगाया गया था. इसके अलावा, देश के कई राज्यों में इस एटीएम की शुरुआत की जा चुकी है. यह एटीएम ओड़िशा में जून 2024 में लगाया गया था. झारखंड के कई जिलों रांची, दुमका और सरायकेला-खरसावां में ग्रेन एटीएम लगाया जा चुका है. वहीं बिहार सरकार की तरफ से हाल ही में पटना के शहरी इलाकों में ग्रेन एटीएम लगाने की मंजूरी दी है. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश की कुछ चिन्हिंत जगहों पर लगाने की योजना बनाई जा रही है.