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Apple Pay in India : भारत में Apple Pay की एंट्री से डिजिटल पेमेंट मार्केट में नए-नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं. अगर देखें तो इस वक्त भारत के UPI बाजार में जिन कंपनियों का दबदबा है वो सभी अमेरिका से जुड़ी हुई हैं. फोनपे की कमान अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट के पास में है क्योंकि वॉलमार्ट की इस कंपनी से सबसे बड़ी हिस्सेदारी है यानी उसके पास कंपनी के सबसे ज्यादा शेयर हैं.
भारत के UPI मार्केट में दूसरे नंबर की पेमेंट कंपनी गूगलपे है. ये भी अमेरिका की ही कंपनी है. वहीं,अब लॉन्च हुई नयी एप्पल सर्विस पे भी अमेरिका की ही कंपनी है. अब एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड के जरिए सेवा शुरू होने के बाद PhonePe, Google Pay और Paytm पर संभावित असर पड़ने की संभावना है.
भारत के UPI मार्केट में पिछले कुछ सालों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. इस मार्केट में कुछ जाने-माने ऐप्स का कब्जा है. आज की डेट में UPI पेमेंट के मामले में देश में सबसे बड़ी हिस्सेदारी फोनपे की है. PhonePe की मौजूदा समय में कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में हिस्सेदारी करीब 46 प्रतिशत है. इसके बाद, दूसरे नंबर गूगलपे है. Google Pay की UPI पेमेंट में हिस्सेदारी करीब 33 प्रतिशत है. इसके बाद नंबर आता है पेटीएम का. पेटीएम हिस्सेदारी के मामले में तीसरे नंबर पर है. Paytm की ट्रांजैक्शन वैल्यू में हिस्सेदारी करीब 8% है.

UPI मार्केट में Navi, CRED, BHIM, super.money और Amazon पे जैसे ऐप भी मौजूद हैं. इन ऐप्स की मिलाकर कुल हिस्सेदारी 13% से ज्यादा है.
Apple Pay में सिर्फ वीजा और मास्टरकार्ड नेटवर्क वाले एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड ही जोड़े जा सकते हैं. अगर आप सोच रहे हैं कि आपका कार्ड, डिवाइस या आम पेमेंट का तरीका काम करेगा या नहीं, तो भारत में Apple Pay का इस्तेमाल करने से पहले इन सवालों के जवाब जान लें.
Apple Pay Axis बैंक के वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड को सपोर्ट करता है. Axis बैंक अपने ग्राहकों को Apple Pay की सर्विस देने वाला पहला भारतीय बैंक है. Apple HDFC बैंक और ICICI बैंक समेत दूसरे बड़े भारतीय बैंकों के साथ भी बातचीत कर रहा है. लेकिन, लॉन्च के समय तक कोई समझौता नहीं हो पाया था.
Apple Pay अभी सिर्फ Axis बैंक के वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड को सपोर्ट करता है. इस स्टेज पर RuPay कार्ड सपोर्टेड नहीं हैं.
Apple का कहना है कि यूजर्स स्टोर, ऐप और ऑनलाइन सही कार्ड से खरीदारी कर सकते हैं. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, UPI शुरुआती Apple Pay सर्विस का हिस्सा नहीं है.
लॉन्च के समय भारत में Apple Pay iPhone, iPad और Apple Watch पर उपलब्ध है. Apple का कहना है कि Mac के लिए सपोर्ट जल्द ही आएगा. उदाहरण के लिए iPhone का इस्तेमाल कॉन्टैक्टलेस पेमेंट टर्मिनल पर किया जा सकता है, जबकि Apple Pay का इस्तेमाल ऐप्स और वेबसाइटों पर खरीदारी के लिए भी किया जा सकता है.
ग्राहक Apple वॉलेट के जरिए अपना कार्ड जोड़ सकते हैं. साथ ही Axis बैंक ने ये भी कहा है कि ग्राहक अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए भी एलिजिबल कार्ड जोड़ सकते हैं. वॉलेट खोलें, कार्ड जोड़ने के ऑप्शन पर टैप करें और वेरिफिकेशन प्रोसेस को पूरा करें. एप्पल का कहना है कि कार्ड जारी करने वाली कंपनियों को अतिरिक्त वेरिफिकेशन की जरूरत हो सकती है, जैसे कि SMS, ईमेल, फोन कॉल या बैंक के ऐप के जरिए वेरिफिकेशन. अगर आपको 'Could Not Add Card' या 'Invalid Card' जैसे मैसेज दिखते हैं, तो एप्पल कार्ड जारी करने वाली कंपनी से संपर्क करने की सलाह देता है.
Apple का कहना है कि Apple Pay पूरे भारत में शामिल मर्चेंट्स (जैसे स्टोर, ऐप्स और वेबसाइट) के यहां काम करेगा. फिजिकल स्टोर पर पेमेंट टर्मिनल कॉन्टैक्टलेस/NFC पेमेंट को सपोर्ट करना चाहिए और मर्चेंट को इस्तेमाल किए जा रहे कार्ड और पेमेंट नेटवर्क को स्वीकार करना चाहिए. Apple ने एप्पल स्टोर लोकेशन, Blinkit, Croma, Ixigo, Tata 1mg और Zomato जैसे मर्चेंट्स की लिस्ट दी है. उम्मीद है कि समय के साथ और भी मर्चेंट्स और ऐप्स इसमें जुड़ेंगे.
Apple का कहना है कि Apple Pay ट्रांजैक्शन को Face ID, Touch ID या डिवाइस पासकोड का इस्तेमाल करके ऑथेंटिकेट किया जा सकता है. इसके लिए चेकआउट के समय कार्ड PIN या OTP की जरूरत नहीं होती. उदाहरण के लिए Face ID वाले iPhone पर फिजिकल-स्टोर पेमेंट के लिए आप साइड बटन को डबल-क्लिक कर सकते हैं. ऑथेंटिकेट कर सकते हैं और iPhone के ऊपरी हिस्से को कॉन्टैक्टलेस रीडर के पास रख सकते हैं.
Apple का कहना है कि जब आप Apple पे का इस्तेमाल करते हैं, तो आपका असली कार्ड नंबर मर्चेंट के साथ शेयर नहीं किया जाता है. इसके बजाय, यह सर्विस ट्रांजैक्शन के लिए एक 'डिवाइस अकाउंट नंबर' और एक यूनिक सिक्योरिटी कोड का इस्तेमाल करती है. पेमेंट की जानकारी भेजने से पहले पेमेंट के लिए ऑथेंटिकेशन की भी जरूरत होती है. इसका मतलब है कि जब भी आप अपना फोन टैप करते हैं, तो Apple Pay सिर्फ आपके फिजिकल कार्ड का नंबर दुकान को नहीं भेजता है.
Apple का कहना है कि जब यूजर Apple Pay का इस्तेमाल करके पेमेंट करते हैं, तो उन्हें अपने कार्ड से मिलने वाले रिवॉर्ड और फायदे मिलते रहते हैं.
आपको तुरंत डिवाइस को 'लॉस्ट' (खोया हुआ) मार्क कर देना चाहिए. Apple का कहना है कि डिवाइस को 'लॉस्ट मोड' में डालने से उस डिवाइस पर Apple Pay अपने-आप बंद हो जाता है. Apple सपोर्टेड iPhone पर 'स्टोलन डिवाइस प्रोटेक्शन' (चोरी हुए डिवाइस से सुरक्षा) की सर्विस भी देता है. ये सर्विस तब काम आती है जब फोन जानी-पहचानी जगहों से दूर होता है और कुछ खास कामों के लिए सिक्योरिटी की जरूरत होती है.
Apple की वेबसाइट के मुताबिक, Apple Pay 90 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में उपलब्ध है और दुनिया भर में 11000 से अधिक बैंक और नेटवर्क पार्टनर के साथ काम करता है.