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रूसी डीजल पर ट्रंप करेंगे तिकड़म? अमेरिका की अगली चाल का भारत को इंतजार

Trump Diesel Deal: जब बात अपने पर आई, तो ट्रंप अपने बनाए कानून को भी तोड़ने से बाज नहीं आए, लेकिन सवाल ये है कि जिन कानून को उन्होंने खुद तोड़ा, अब वो उसका दूसरों पर कैसे इस्तेमाल करेंगे?

Written ByBavita Jha
Published: Oct 13, 2026, 12:07 PM IST|Updated: Oct 13, 2026, 12:19 PM IST
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रूसी डीजल पर ट्रंप करेंगे तिकड़म? अमेरिका की अगली चाल का भारत को इंतजार

About the Author

Bavita Jha

Bavita Jha

बवीता झा बिजनेस पत्रकार हैं, उन्हें डिजिटल और टीवी न्यूज़ मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News Hindi (Digital) में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. व्यापार जगत की जटिलताओं और आर्थिक आंकड़ों को आम पाठकों के लिए सरल भाषा में डिकोड करना उनका मजबूत पक्ष है.  • शेयर बाजार • बिजनेस एक्सप्लेनर • पर्सनल फाइनेंस और टैक्सेशन  • कमोडिटी, गोल्ड-सिल्वर ट्रेड• ग्लोबल ट्रेड • जियो इकोनॉमिकस डेवलपमेंट • कारोबार से जुड़ी सरकारी योजना और पॉलिटी • बिजनेस और मार्केट ट्रेंडZee News से पहले बवीता ने नवभारत टाइम्स (NBT) के बिजनेस सेक्शन और Oneindia जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल संस्थानों में इवनिंग शिफ्ट, होम पेज मैनेजमेंट और ट्रेडिंग न्यूज़ की अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं. इसके अलावा महुआ न्यूज़, जनसंदेश और सहारा जैसे टीवी चैनलों में प्रोग्राम प्रोड्यूसर और रनडाउन मैनेजमेंट का उनके पास 4 वर्षों का ठोस अनुभव है.  दिल्ली से पत्रकारिता में स्नातक और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली बवीता, खबरों की सत्यता और वित्तीय मामलों की सटीक रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देती हैं.  बवीता झा से आप bavita.jha@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स  पर https://x.com/youthreporter2 के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. सोशल मीडिया पर कनेक्ट होने के लिए फेसबुक पेज https://www.facebook.com/bavita.jha , इंस्टाग्राम instagram.com/bavita.jha पर जुड़ सकते हैं. बवीता झा की खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं.
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US-Russia Diesel Deal: 21 दिन में ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से पलट गए. अपने ही बनाए कानून पर यूटर्न लेते हुए रूस के साथ हाथ मिला लिया. अमेरिका का ये समझौता खुद उसके ही कानून को तोड़ता है, जिसमें उसने रूस और ईरान से तेल का आयात करने वाले देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को सौंपा है. एक ही देश से तेल की खरीद के लिए दोहरा रवैया अपनाने पर ट्रंप खुद की किरकिरी करवा रहे हैं. भारत अमेरिका और रूस की इस डील पर नजरे बनाए हुए है कि आखिर रूसी डीजल के लिए कौन-सा रास्ता अपनाने वाले हैं ?  

रूस-अमेरिका की डीजल डील पर भारत की नजर

डोनाल्ड ट्रंप आरोप लगाते रहे हैं कि रूस अपना तेल बेचकर उस रकम का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध में करता रहा है. अमेरिका के इसके लिए 'रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम' (Russia and Iran Sanctions Act) कानून बना दिया. जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति को अधिकार मिला है कि वो रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा सके. भारत भी उन देशों की लिस्ट  में शामिल है. अब अगर अमेरिका खुद रूस से डीजल खरीदेगा, तो वो भारत के खिलाफ इस टैरिफ कानून का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा.

किस रास्ते से रूस से अमेरिका पहुंचेगा तेल

ऐसे में सूत्र मान रहे हैं कि अमेरिका सीधे तौर पर इस कानून का उल्लंघन नहीं कर सकता है और वाशिंगटन अपने लिए कोई छूट (concession) का रास्ता निकाल सकता है. ट्रंप रूसी डीजल आयात करने के लिए अपने बनाए कानून में किसी अपवाद (exemption) का प्रावधान कर सकते हैं . ट्रंप की इसी चाल पर भारत की नजर टिकी है.

अमेरिका-रूस की डील पर भारत की नजर

भारत ट्रंप के इस ऐलान और रूस से डीजल खरीद से पड़ने वाले प्रभावों का बारीकी से अध्ययन कर रहा है. इससे पहले जब 30 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की फोन पर लंबी बातचीत हुई, लेकिन अमेरिका की तरफ से 100 फीसदी टैरिफ वाले कानून में भारत को किसी भी तरह की छूट देने पर कोई चर्चा नहीं हुई.  

भारत का दो-टूक जवाब

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कई चरणों में बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक डील पर सस्पेंस बना हुआ है. अमेरिका के SRIA कानून पारित होने के बाद डील होने की उम्मीद भी कम होती जा रही है. भारत साफ कर चुका है कि इस टैरिफ का असर द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार समझौते पर दिख सकता है. अब उसकी नजर ट्रंप की चाल पर है कि आखिर वो किस रूट से रूसी डीजल को अमेरिका लेकर आते हैं. 
 

अमेरिका-रूस डीजल डील में क्या खास

अमेरिका ने दुनिया को हैरान करते हुए रूस के साथ डीजल समझौता कर लिया. ट्रंप और रूकी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुए समझौते के तहत मॉस्को तुरंत 3,00,000 टन से अधिक डीजल की  सप्लाई अमेरिका और ग्लोबल मार्केट को करेगा. नवंबर में ये सप्लाई 5,00,000 टन, फिर उसके बाद 10 लाख टन तक पहुंचेगी. धीरे-धीरे रूस से डीजल सप्लाई को 30 लाख टन तक पहुंचाने का प्लान है. अमेरिका ने रूसी तेल निर्यात को अप्रैल 2027 तक के लिए प्रतिबंधों से मुक्त कर दिया है. भारत के लिए रूस एक बड़ा ट्रेड पार्टनर और ऑयल सप्लायर हैं. ऐसे में अमेरिका की चाल उसपर असर डाल सकती है. 

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