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फेड रिजर्व ने ब्याज दर को पुराने लेवल पर ही रखा बरकरार, शेयर बाजार से लेकर सोने-चांदी पर क्या होगा असर?

अमेरिका में फेड रिजर्व की तरफ से कोई भी फैसला लिया जाता है तो इसका असर दलाल स्ट्रीट से लेकर वॉल स्ट्रीट तक दिखाई देता है. फेड की तरफ से ब्याज दर को पुराने ही लेवल 3.75% से 4% के बीच बरकरार रखा गया है. अब इसका आने वाले समय में बाजार पर क्या असर होगा? आएइ जानते हैं-

फेड रिजर्व ने ब्याज दर को पुराने लेवल पर ही रखा बरकरार, शेयर बाजार से लेकर सोने-चांदी पर क्या होगा असर?
Image Credit: (AI) फेड रिजर्व ने ब्याज दर में किसी तरह का बदलाव नहीं किया और इसे 3.75% से 4% के बीच बरकरार रखा है.

अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की दो दिवसयी FOMC के दौरान ब्याज दर में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया और ब्याज दर को पुराने ही लेवल पर बरकरार रखा गया है. बाजार की उम्मीद के अनुसार फेड की तरफ से ब्याज दर को 3.75% से 4% के बीच बरकरार रखा गया. इस साल 16 सितंबर को यूएस फेड की तरफ से साल 2023 के बाद पहली बार ब्याज दर को बढ़ाया गया था. इस बार 10 में से 2 सदस्यों गवर्नर लिसा कुक और क्लीवलैंड फेड प्रेसिडेंट बेथ हैमैक ने ब्याज दर को 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाने के पक्ष में वोट किया. बाकी सभी ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में नहीं दिखे.

फेड के बयान के अनुसार अमेरिका में इकोनॉमिक एक्टिविटी मजबूती से आगे बढ़ रही हैं. बेरोजगारी दर में खास बदलाव नहीं हुआ और कैपिटल इन्वेस्टमेंट भी अच्छा है. लेकिन सबसे बड़ी चिंता महंगाई को लेकर बनी हुई है. महंगाई तय टारगेट से ऊपर बनी हुई है. फेड की कोशिश महंगाई दर को 2% के टारगेट पर लाने पर बनी हुई है. आइए जानते हैं फेड के फैसले का भारतीय शेयर बाजार से लेकर सोने-चांदी की कीमत पर क्या असर पड़ेगा?

क्या शेयर बाजार में आएगी तेजी?

यदि आप यह सोच रहे हैं कि अमेरिका में ब्याज दर को लेकर किसी तरह का बदलाव नहीं होने पर बाजार में तेजी आएगी, तो थोड़ा संभल जाइए. बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस फैसले का भारतीय शेयर बाजार पर कोई बड़ा या जादुई असर होने की संभावना कम ही है. इसका बड़ा कारण यह है कि बाजार पहले से ही यह मानकर चल रहा था कि फेड इस बार दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगा.

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि दरों को पुराने लेवल पर ही बरकार रखा जाएगा, यह पहले से ही पता था. इसलिए बाजार में किसी तरह का बड़ा असर नहीं दिखेगा. हालांकि, मार्केट के लिए अच्छी बात यह है कि कई सेक्टर्स के वैल्यूएशन आकर्षक हो गए, जिससे वैल्यू बाइंग शुरू होने की उम्मीद है.

क्रूड ऑयल सबसे बड़ी चिंता

जानकारों का कहना है कि यूएस फेड के फैसले से भी ज्यादा चिंता भारत के लिए क्रूड ऑयल के रेट को लेकर है. इंटरनेशनल मार्केट में यह 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेंड कर रहा है. भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से ज्यादा तेल आयात करता है. क्रूड ऑयल में यदि और तेजी आई तो देश का इम्पोर्ट बिल 15 से 16 बिलियन डॉलर प्रति महीने तक पहुंच सकता है. यह हालात अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी ज्यादा खतरनाक होगी. भारत के घरेलू फैक्टर जैसे क्रूड ऑयल के दाम, जियोपॉलिटिकल टेंशन और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.

सेंसेक्स और निफ्टी का अगला मूव क्या होगा?

मिंट की रिपोर्ट के अनुसार मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने बताया कि फेड के ब्याज दर को पुराने ही लेवल पर रखने से ग्लोबल मार्केट को स्थिरता मिल सकती है. लेकिन भारतीय बाजार में बढ़त अभी सीमित ही रहेगी. यूएस मार्केट की बात करें तो फैसले के बाद एसएंडपी 500, डाउ जोंस और नैस्डैक में हल्की तेजी देखी गई. लेकिन दूसरी तरफ अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.993% से बढ़कर 5.046 फीसदी पर पहुंच गई. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने के साथ-साथ भारतीय बाजार से विदेशी पैसा बाहर निकलने लगता है. भारतीय बाजार के सामने चार बड़ी दिक्कतें इस प्रकार हैं-

  • यूएस फेड का सख्त रुख
  • $115 के पार क्रूड के दाम
  • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी
  • डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी

सोने और चांदी का क्या रहेगा रुख?

सोने और चांदी के रेट से लेकर ब्याज दर तक में एक-दूसरे के विपरीत संबंध देखने को मिलता है. जब-जब ब्याज दर बढ़ती हैं तो अक्सर सोने के दाम नीचे आते हैं. लेकिन ब्याज दर घटने पर सोने का रेट ऊपर की तरफ भागता है. पिछले सत्र के दौरान सोने और चांदी के दाम में मामूली गिरावट आई. कारण यह है कि निवेशक फेड के नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे थे. सुबह करीब 10 बजे सोना और चांदी दोनों ही गिरावट के साथ ट्रेड करते देखे गए. कॉमेक्स पर सोना 4,049 डॉलर प्रति औंस पर और चांदी 53 डॉलर प्रति औंस के करीब ट्रेड कर रही है.

क्या दिसंबर में ब्याज दर में आएगी तेजी?

बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि यूएस फेड की तरफ से इस बार भले ही ब्याज दर में इजाफा नहीं किया गया. लेकिन उन्होंने दिसंबर में होने वाली मीटिंग में रेट हाइक का इशारा दे दिया है. फेड अपने स्टेटमेंट के जरिये बाजार को दिसंबर में होने वाली संभावित बढ़ोतरी के लिए तैयार कर रहा है. अमेरिका में आर्थिक ग्रोथ, रोजगार  और महंगाई दर के आंकड़े ब्याज दर बढ़ाने की तरफ इशारा कर रहे हैं. जानकार यह भी कह रहे हैं कि यदि अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन इतने करीब नहीं होते तो शायद बुधवार को ही फेड की तरफ से ब्याज दर को बढ़ाया जाता. बहुत कम संभावना है कि दिसंबर में होने वाली मीटिंग के दौरान ब्याज दर को पुराने लेवल पर बरकरार रखा जाए.

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Kriyanshu Saraswat

Kriyanshu Saraswat

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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