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Bank Strike Latest Updates: देश भर के बैंकों में 28 सितंबर से शुरू होने वाली 3 दिवसीय हड़ताल टल गई है. भारतीय बैंक संघ (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार देर शाम हुई बैठक के बाद इस बैठक को स्थगित करने का फैसला लिया गया. इस फैसले से आम उपभोक्ताओं के साथ ही बैंकों ने भी राहत महसूस की है. इसकी वजह ये है कि सितंबर के आखिर में सभी बैंक अपने अर्धवार्षिक खाते का लेखा-जोखा तैयार करते हैं.
रविवार रात हुई विस्तृत चर्चा के बाद बैठक में फैसला लिया गया कि IBA और UFBU की एक उच्चस्तरीय समिति तुरंत गठित की जाएगी. यह समिति शनिवारों को अवकाश घोषित करने के मुद्दे पर विचार करेगी. इसके लिए ग्राहकों समेत सभी हितधारकों से चर्चा करके सभी के लिए स्वीकार्य समाधान निकाला जाएगा. बैंक कर्मियों की यह मांग पांच-दिवसीय बैंकिंग वीक से जुड़ी है. इस मांग पर 8 मार्च 2024 के समझौते में सहमति बनी थी लेकिन अभी तक यह लागू नहीं हुई है.
इसके साथ ही स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना पर चर्चा शुरू करने पर सहमति बनी. बैंक कर्मचारी यूनियनों के सुझावों के आधार पर IBA अपनी सिफारिश सरकार को भेजेगा.
IBA ने आश्वासन दिया कि 8 मार्च 2024 को हुई सहमति में शामिल मुद्दों के समाधान के लिए जल्द ही चर्चा शुरू की जाएगी. इन सब आश्वासनों के बाद UFBU ने प्रस्तावित हड़ताल को वापस लेने का एलान कर दिया.
बताते चलें कि UFBU में सात प्रमुख बैंक कर्मचारी और अधिकारी संघ शामिल हैं. हड़ताल वापस लेने के फैसले पर AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBOC और INBEF के नेताओं ने हस्ताक्षर किए.
UFBU ने इस साल 26 अगस्त को बैंकों में 3 दिवसीय हड़ताल का नोटिस दिया था. यूनियनों का कहना था कि 2024 के वेतन समझौते में दिए गए आश्वासनों पर देरी हो रही है. नोटिस से घबराई सरकार ने भी हड़ताल वापस लेने की अपील की थी. हड़ताल के समय को देखते हुए बैंकिंग संचालन प्रभावित होने की आशंका थी.
अब हड़ताल वापस लेने के फैसले से इस सोमवार को देश के सभी बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे. ग्राहकों को नकद निकासी, जमा, चेक क्लियरिंग जैसी सेवाओं में परेशानी नहीं आएगी. इस फैसले से अधिकारी और कर्मचारी राहत महसूस कर रहे हैं. उन्हें अब बैंकों का अर्धवार्षिक लेखा-जोखा बनाने में दिक्कत नहीं होगी.