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5 Days Working: सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि अब बैंक हर शनिवार को बंद रहेंगे. इससे ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या बैंकिंग सेक्टर आखिरकार पांच दिन के वर्क वीक पर शिफ्ट हो गया है. ये दावा बैंक यूनियनों की ओर से पांच दिन के वर्क वीक को लागू करने की चल रही मांगों के बीच सामने आया है.
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में SBI सहित सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए हर शनिवार को तत्काल प्रभाव से सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है. लेकिन सच्चाई कुछ और है.
सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रहे इस कथित गजट नोटिफिकेशन का खंडन किया है. इसमें दावा किया गया था कि केंद्र सरकार ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) सहित सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए हर शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है. इस नोटिफिकेशन को देखकर ऐसा लगता है कि ये लेटर वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा जारी किया गया है और इस पर 30 सितंबर 2026 की तारीख है. हालांकि, PIB फैक्ट चेक ने कहा है कि वित्त मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है.
PIB फैक्ट चेक ने तुरंत पांच दिन के वर्क वीक लागू होने के ऐसे दावों को फर्जी और गुमराह करने वाला बताया है. उनका कहना है कि अभी ऐसा कोई सरकारी नोटिफिकेशन नहीं है जिसमें सभी शनिवार को बैंक की छुट्टी घोषित की गई हो.
A Gazette circulating on social media , purportedly issued by the Ministry of Finance (Department of Financial Services), claims that the Central Government has declared every Saturday a public holiday for all Public Sector Banks , including SBI.#PIBFactCheck:
❌ The document… pic.twitter.com/ClCqEt2UAX— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) October 1, 2026
ऑनलाइन शेयर किए जा रहे डॉक्यूमेंट को इस तरह से बनाया गया है कि वो आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जैसा दिखे. इसमें दावा किया गया है कि केंद्र ने SBI सहित सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए हर शनिवार को तत्काल प्रभाव से सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है. इस कथित नोटिफिकेशन में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 का हवाला दिया गया है और इस पर सरकारी निशान और संदर्भ मौजूद हैं जो आधिकारिक लगते हैं.
सरकार ने 2015 में पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी घोषित की थी. इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर बातचीत के लिए बैंकों और बैंकिंग कर्मचारी यूनियनों के सीनियर अधिकारियों वाली एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है. IBA के 29 सितंबर के एक कम्युनिकेशन के मुताबिक, ये कमेटी 27 सितंबर, 2026 को IBA और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और BKSM के बीच बातचीत कमेटी की बैठक में हुए समझौते के बाद बनाई गई थी.
बैंक ऑफ इंडिया के MD और CEO रजनीश कर्नाटक को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, जबकि पंजाब नेशनल बैंक के MD और CEO अशोक चंद्रा अल्टरनेट चेयरमैन होंगे. इंडियन बैंक के MD और CEO बिनोद कुमार, IDBI बैंक के MD और CEO राकेश शर्मा और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के MD (HR और CDO) G S राणा को IBA का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य के तौर पर नॉमिनेट किया गया है.
कमेटी में UFBU के तहत आने वाली बैंकिंग यूनियनों और एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. प्रतिनिधियों में AIBEA के जनरल सेक्रेटरी C H वेंकटाचलम, AIBOC के जनरल सेक्रेटरी रूपम रॉय, NCBE के जनरल सेक्रेटरी L चंद्रशेखर, AIBOA के जनरल सेक्रेटरी संजय खान, BEFI के जनरल सेक्रेटरी देबाशीष B चौधरी, INBOC के जनरल सेक्रेटरी प्रेम मक्कर और INBEF के जनरल सेक्रेटरी O P शर्मा शामिल हैं.
UFBU ने एक सर्कुलर में कहा था कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच बैठक के बाद प्रस्तावित बैंक हड़ताल और आंदोलन के कार्यक्रमों को टाल दिया गया था. बैंक यूनियन चाहती हैं कि सभी शनिवार को छुट्टी घोषित की जाए, इससे काम का समय सोमवार से शुक्रवार तक हो जाए. अभी, सरकारी बैंकों में आम तौर पर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी होती है, जबकि बाकी शनिवार काम के दिन होते हैं.