अमेरिकी संकेतों से शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 1300 अंक चढ़ा; निफ्टी 24000 के पार
क्रूड ऑयल के दाम गिरकर 94 डॉलर प्रति बैरल पर आने के बाद शेयर बाजार में विदेशी निवेशक जमकर निवेश कर रहे हैं. इसी बीच रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 29 पैसे की मजबूती दिखाकर 94.36 के लेवल पर पहुंच गया.
Stock Market Live Updates: अमेरिकी मिड टर्म इलेक्शन में डेमोक्रेटिक की जीत और ग्लोबल मार्केट से मिल रहे दमदार नतीजों के दम पर गुरुवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई. कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा से ज्यादा चढ़ गया. इसके अलावा निफ्टी सूचकांक में भी 350 अंक से ज्यादा की तेजी देखी गई. क्रूड ऑयल के दाम गिरकर 94 डॉलर प्रति बैरल पर आने के बाद शेयर बाजार में विदेशी निवेशक जमकर निवेश कर रहे हैं. इसी बीच रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 29 पैसे की मजबूती दिखाकर 94.36 के लेवल पर पहुंच गया. एक दिन पहले बुधवार को यह 94.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
कारोबारी सत्र के दौराल सुबह करीब 9.30 बजे सेंसेक्स 1278 अंक की तेजी के साथ 78,567 अंक पर ट्रेड कर रहा है. इसके अलावा निफ्टी 50 भी 353 अंक की उछाल के साथ 24,314 अंक पर पहुंच गया. शेयर बाजार में निवेशकों की तरफ से इस बात पर दांव लगाया जा रहा है कि अमेरिकी कांग्रेस नीतिगत झटकों को सीमित कर सकती है और सैन्य खर्च पर लगाम लग सकता है. इससे आने वाले समय में कुछ आर्थिक रिस्क कम हो सकते हैं. यह लगातार छठा ट्रेडिंग सेशन है, जब भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में कारोबा कर रहा है. पिछले 5 ट्रेडिंग सेशन के दौरान बाजार ने 5 प्रतिशत से भी ज्यादा का रिटर्न दे दिया है.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिक वीके विजयकुमार ने बताया कि बाजार में तेजी का यह रुख आगे भी बने रहने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि ब्रेंट क्रूड ऑयल में आई 10% की गिरावट और अमेरिका-ईरान संघर्ष खत्म होने की उम्मीद ने बाजार का मूड पूरी तरह बदल दिया है. आइए समझते हैं शेयर बाजार में तेजी के 5 कारण-
ईरान के साथ जंग खत्म होने की उम्मीद
अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन के नतीजे ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट के लिए बड़ा टर्निंग प्वाइंट बने हैं. डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदन पर कब्जा कर लिया है. इस जीत से अमेरिकी राजनीति में बनी हुई अनिश्चितता दूर हो गई है. बाजार के जानकारों का कहना है कि ग्लोबल निवेशक यह दांव लगा रहे हैं कि कांग्रेस में सत्ता का संतुलन बदलने से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग जल्द खत्म होने जा रही है. जंग के कारण पिछले कुछ महीने के दौरान एनर्जी मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया और कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे थे. मिडिल ईस्ट में तनाव शांत होने की उम्मीद के साथ ही ग्लोबल मार्केट को बड़ा सपोर्ट मिला है.
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ग्लोबल बाजार में आई तेजी
अमेरिका में चुनावी नतीजा जारी होने के बाद केवल वॉल स्ट्रीट ही नहीं, दुनियाभर के बाजार में तेजी देखने को मिल रही है. अमेरिकी और यूरोपीय मार्केट में एक दिन पहले बुधवार को जबरदस्त रैली देखने को मिली. निवेशकों का भरोसा बढ़ने से लोगों ने रिस्क वाले एसेट्स यानी इक्विटीज में फिर से पैसा लगाना शुरू कर दिया है. डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 3% से भी ज्यादा उछल गया. अमेरिकी मार्केट की इस तेजी का असर एशियाई मार्केट पर भी पड़ रहा है. निक्केई, हेंगसेंग और कोस्पी के बुधवार को लावा इंडियन बेंचमार्क ने भी शानदार ओपनिंग की है.
दो महीने के निचले लेवल पर क्रूड का दाम
इंटरनेशनल लेवल पर कच्चे तेल की कीमत में आई गिरावट ने देश की इकोनॉमी और शेयर बाजार के लिए जैकपॉट का काम किया है. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स गिरकर 93.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. कुछ दिन पहले 118 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर 93-94 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आने वाले तेल से भारतीय बाजार को बड़ी राहत मिली है. इस गिरावट के साथ ही कच्चा तेल दो महीने के निचले लेवल पर पहुंच गया है. भारत अपनी जरूरत का करीब 85% क्रूड ऑयल दूसरे देशों से आयात करता है. इंटरनेशनल मार्केट में दाम गिरने से देश का आयात बिल कम होता है और CAD पर दबाव कम होता है. इससे महंगाई को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. तेल सस्ता होने से भारतीय कंपनियों का प्रॉफिट बढ़ता है.
एफआईआई की मजबूत वापसी
पिछले कुछ महीने से विदेशी निवेशकों (FII) भारतीय बाजार से लगातार बिकवाली कर रहे थे. इससे निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही बेंचमार्क पर बड़ा दबाव था. लेकिन अब यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. एफआईआई (FII) फिर से भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी शुरू कर दी है. एक्सचेंज के हालिया आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को एफपीआई (FPI) ने 7200 करोड़ की खरीदारी की. यह लगातार चौथा सेशन रहा, जब विदेशी निवेशकों ने खरीदारी की है. पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में एफआईआई ने कैश मार्केट में करीब 20,834 करोड़ रुपये के शेयर खरीद की है.
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मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों से भी मिला सपोर्ट
कंपनियों की तरफ से जारी किये जा रहे सितंबर तिमाही (Q2) के नतीजों से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. ग्लोब चुनौती, कच्चे माल की उतार-चढ़ाव भरी कीमत और जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद भारतीय कंपनियों की तरफ से काफी बेहतर तिमाही परिणाम पेश किये गए. बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में चुनिंदा कंपनियों के मजबूत आंकड़ों ने बाजार को नीचे गिरने से बचाया है. कॉर्पोरेट प्रॉफिट में आई स्थिरता ने निवेशकों को भरोसा दिया है कि बाजार का वैल्यूएशन सही है.