दलाल स्ट्रीट पर लगातार दूसरे दिन दिखी तेजी, सेंसेक्स 76 हजार के पार; अब नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी?
दिवाली से पहले घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिल रही है. कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स एक समय 1200 अंक से ज्यादा चढ़ गया. वहीं, निफ्टी में भी 400 अंक से ज्यादा की तेजी देखी गई. आइए जानते हैं बाजार में आई इस तेजी का कारण-
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिन से चली आ रही गिरावट का रुख थमता हुआ लग रहा है. अगर आपने भी दलाल स्ट्रीट में निवेश किया हुआ है तो बाजार में बना सुस्ती और डर का माहौल गायब होता नजर आ रहा है. आज के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा चढ़ गया. निफ्टी भी 23,700 के अहम लेवल को पार कर गया. लगातार दूसरे दिन सेंसेक्स और निफ्टी आई जबरदस्त तेजी के दम पर निवेशक के चेहरे खिल उठे हैं. दोपहर करीब 1.30 बजे सेंसेक्स 1055 अंक की तेजी के साथ 76,747 अंक पर कारोबार करते देखा गया. इसी तरह निफ्टी सूचकांक 300 अंक के उछाल के साथ 23,739 अंक पर कारोबार कर रहा है. सवाल यही है कि अचानक बाजार में यह तेजी क्यों आई है?
कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स एक समय 1,200 अंक से ज्यादा चढ़ गया और निफ्टी में 400 अंक की तेजी दर्ज की गई. सोमवार सुबह सेंसेक्स 76,400 के लेवल को छूने में कामयाब रहा और निफ्टी 50 ने 23,621 का लेवल पार कर लिया. बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि सोमवार की जबरदस्त क्लोजिंग के बाद बाजार में फिर से तेजी आना एफआईआई का बाजार की तरफ लौटने का संकेत है. रिलायंस के शेयर में सोमवार को 11 प्रतिशत से भी ज्यादा की रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली थी.
एफआईआई की बाजार में वापसी!
पिछले कुछ महीने के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) की तरफ से लगातार बाजार से पैसा निकाला जा रहा था. एफआईआई की निकासी से घरेलू बाजार पर काफी दबाव देखा जा रहा था. लेकिन अब ट्रेंड बदलता दिख रहा है और एफआईआई (FII) फिर से बाजार में खरीदारी कर रहे हैं. बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि ग्लोबल लेवल पर एआई से जुड़े शेयरों में आ रही सुस्ती के बाद विदेशी फंड्स का रुझान फिर से भारत जैसे तेजी से आगे बढ़ रहे बाजार की तरफ देखा जा रहा है. विदेशी निवेशकों की तरफ से खरीदारी किये जाने से लॉर्ज कैप शेयर में भारी डिमांड देखने को मिल रही है. इससे बाजार को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है.
LTCG टैक्स में राहत की उम्मीद
शेयर बाजार में आ रही तेजी के पीछे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर चल रही चर्चा भी है. सरकार की तरफ से इस पर राहत देने की उम्मीद की जा रही है. खबरों के अनुसार मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) ने सरकार को आने वाले बजट से पहले सिफारिश की है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए इक्विटी पर एलटीसीजी (LTCG) टैक्स को खत्म किया जाना चाहिए. इसके अलावा सेबी की तरफ से घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी राहत का प्रस्ताव दिया गया है. इसमें एक साल से ज्यादा समय तक होल्ड की गई म्यूचुअल फंड यूनिट्स को एक स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने पर टैक्स नहीं लगाने की बात कही गई है. इय पर भी वित्त मंत्री की तरफ से पॉजिटिव रुख दिखाया गया है.
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क्रूड ऑयल के दाम में गिरावट से राहत
भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से भी ज्यादा क्रूड ऑयल दूसरे देशों से आयात करता है. इसलिए इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत हमारी इकोनॉमी पर सीधा असर डालती है. हाल ही में मिडिल ईस्ट में शांति वार्ता के संकेतों के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल के भाव गिरकर 104 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गए. कच्चा तेल सस्ता होना भारतीय कंपनियों के लिए इनपुट कॉस्ट को कम करता है और देश में महंगाई के खतरे को कम करता है. एनर्जी कॉस्ट कम होने से तेल कंपनियों का मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद की जा रही है. इससे दलाल स्ट्रीट को मजबूती मिलती है.
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दूसरी तिमाही के नतीजों से बढ़ा भरोसा
कॉर्पोरेट कंपनियों की तरफ से फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान किया जा रहा है. ज्यादातर बड़ी कंपनियों ने बाजार की उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है. रिलायंस के अलावा कई बैंकिंग और मेटल सेक्टर की कंपनियों के दमदार नतीजों ने मार्केट के वैल्यूएशन को मजबूती मिली है. जब कंपनियों की इनकम में सुधार होता है तो निवेशक लंबे समय के लिए पैसा लगाने से नहीं हिचकिचाते. ऊपर बताई गई सभी पॉजिटिव ट्रिगर्स के आधार पर शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है.
(डिस्क्लेमर: जी न्यूज की तरफ से अपने पाठकों को किसी भी प्रकार के निवेश से जुड़ी सलाह नहीं दी जाती. किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से संपर्क करें.)