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SBI MCLR: अगर आपने भी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक से होम लोन ले रखा है तो यह खबर आपसे जुड़ी है. जी हां, पिछले दिनों आरबीआई (RBI) की तरफ से रेपो रेट में इजाफा किये जाने के बाद एसबीआई (SBI) ने भी अपनी लोन ब्याज दर में इजाफा कर दिया है. एसबीआई के इस फैसले का असर देश के करोड़ों ग्राहकों पर पड़ेगा. स्टेट बैंक के फैसले के बाद होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई बढ़ने वाली है. इसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा.
एसबीआई की तरफ से जारी की गई ऑफिशियल जानकारी के अनुसार बैंक ने अपना ईबीएलआर (EBLR) 7.90% से बढ़ाकर 8.15% प्लस स्प्रेड कर दिया है. दूसरी तरफ आरएलएलआर (RLLR) को भी 7.50% से बढ़ाकर 7.75% प्लस स्प्रेड कर दिया है. बैंक के होम लोन पोर्टफोलियो में आरबीआई की तरफ से रेपो रेट बढ़ाए जाने के बाद सीधे तौर पर होम लोन की ब्याज दर में भी बढ़ोतरी होती है.
एसबीआई की तरफ से चुनिंदा टेन्योर के लिए एमसीएलआर (MCLR) में भी बढ़ोतरी की गई है. बैंक ने ओवरनाइट और एक महीने के एमसीएलआर को 7.85% पर ही बनाए रखा है. हालांकि, तीन महीने का एमसीएलआर 8.25% से बढ़ोतरी के बाद 8.40% हो गया है. छह महीने का रेट 8.75% है और एक साल का एमसीएलआर 8.70% से बढ़कर 8.85% पर पहुंच गया है. बैंक ने दो साल और तीन साल वाले एमसीएलआर (MCLR) में भी 15 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया है.

एमसीएलआर (MCLR) किसी भी बैंक की इंटरनल बेंचमार्क दर होती है. इसे आरबीआई के निर्देशों के आधार पर कम या ज्यादा किया जाता है. यह किसी भी बैंक की वह न्यूनतम ब्याज दर है, जिससे कम पर कोई भी बैंक लोन नहीं देने के लिए बाध्य होता है. बैंकों की तरफ से अपनी फंड कॉस्ट और ऑपरेशन खर्च को ध्यान में रखकर इस न्यूनतम दर को तय किया जाता है.
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने भले ही लोन महंगा कर दिया है. लेकिन बैंक की तरफ से फिक्स डिपॉजिट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है. आमतौर उम्मीद यह की जाती है कि रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंकों की तरफ से एफडी की ब्याज दर में भी इजाफा किया जाता है. सामान्य लोगों के लिए बैंक की एफडी पर ब्याज दरें 3.05% से 6.60% के बीच की है. लेकिन सीनियर सिटीजन को आमतौर पर 50 बेसिस प्वाइंट ज्यादा ब्याज दिया जाता है. इस तरह यह बढ़कर 3.55% से 7.10% तक हो जाता है.