Retail Inflation : महंगाई के मोर्चे पर आम जनता को झटका लगा है. सितंबर में 5.54% पर खुदरा महंगाई पहुंच गई है. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के जारी शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में भारत में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54% हो गई है, जबकि खाद्य महंगाई दर 7.74% तक पहुंच गई है.
सितंबर में ग्रामीण इलाकों में रिटेल महंगाई दर 6.08% थी, जबकि शहरी इलाकों में यह 4.88% थी. इससे पता चलता है कि शहरों की तुलना में ग्रामीण भारत में कीमतों का दबाव अधिक है. ग्रामीण इलाकों में खाने-पीने की सामानों की महंगाई दर 8.06% थी जबकि शहरी इलाकों में ये दर 7.18% थी. उस महीने पूरे देश में खाने-पीने की सामानों की महंगाई दर 7.74% रही.
ये आंकड़े ग्रामीण और शहरी परिवारों के लिए कीमतों के रुझानों में अंतर को दिखाते हैं. ग्रामीण इलाकों में दोनों ही कैटेगरी में महंगाई अधिक दर्ज की गई है.
सितंबर में लिस्ट में शामिल चीज़ों में प्याज की महंगाई सबसे अधिक रही, जिसकी कीमतें पिछले साल के मुकाबले 108.09% बढ़ गईं. अगस्त में यह बढ़ोतरी 48.78% थी. चांदी के गहनों की महंगाई दर 87.80% रही. हालांकि, ये अगस्त में दर्ज 106.81% से कम थी. अदरक की कीमतें 62.85% बढ़ीं, जबकि लहसुन की महंगाई दर पिछले महीने के 43.60% से बढ़कर 54.62% हो गई है. नींबू की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई और महंगाई दर 36.41% तक पहुंच गई है.
दूसरी ओर, कुछ सामानों में नेगेटिव महंगाई (कीमतों में गिरावट) दर्ज की गई. आलू की कीमतें पिछले साल के मुकाबले 11.50% गिरीं, जबकि टमाटर की कीमतों में 8.62% की गिरावट आई.
सितंबर में कपड़े और जूते-चप्पल की महंगाई दर 3.93% रही, जबकि घर और यूटिलिटी सेवाओं की महंगाई दर 2.74% थी. स्वास्थ्य सेवाओं की महंगाई दर में महीने-दर-महीने आधार पर मामूली बढ़ोतरी 1.4% देखी गई है, जबकि फर्निशिंग और घरेलू सामान की महंगाई दर 3.11% रही है. रेस्टोरेंट और रहने-ठहरने की सेवाओं की महंगाई दर बढ़कर 9.36% हो गई, जबकि शिक्षा सेवाओं की महंगाई दर अगस्त के 3.73% से बढ़कर 3.94% हो गई है.
पान, तंबाकू और नशीले पदार्थों की महंगाई दर 4.8% दर्ज की गई. पर्सनल केयर और अन्य मदों की महंगाई दर अगस्त के 15.17% से घटकर 13.75% हो गई है. मनोरंजन, खेल और संस्कृति की महंगाई दर 2.16% रही है.
सितंबर में मोटर कारों और जीपों, भिंडी और नारियल में भी नेगेटिव महंगाई दर्ज की गई. MoSPI ने बताया कि कीमतों का डेटा अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,407 शहरी बाजारों (ऑनलाइन बाजारों सहित) और 1,465 गांवों से इकट्ठा किया गया था. सितंबर के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में रिस्पॉन्स रेट 100% रहा.