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क्या LTCG पर मिलेगी राहत? आखिर क्यों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान से शेयर बाजार में मची हलचल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने LTCG और STT टैक्स पर निवेशकों और शेयरधारकों की राय सुनने की बात कही है. इससे बाजार में भारी उछाल आया है.

क्या LTCG पर मिलेगी राहत? आखिर क्यों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान से शेयर बाजार में मची हलचल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) में बदलाव से इनकार करते हुए कहा कि अगले बजट की तैयारी शुरू हो गई है और ये कहने का सही समय नहीं है कि सरकार क्या विचार करेगी. ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वीकार किया कि भारत और विदेशों में निवेशक इस मुद्दे पर टिप्पणी कर रहे हैं. इस फोरम पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स को लेकर भी बात की है.  

LTCG और STT पर वित्त मंत्री ने क्या कहा?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वो LTCG और STT पर सभी शेयर होल्डर की राय सुनने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने कहा कि सरकार इन (लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स) मामलों पर उत्सुकता से विचार सुनेगी.

मौजूदा नियमों के तहत, लिस्टेड इक्विटी और एक वर्ष से अधिक समय तक रखे गए इक्विटी म्यूचुअल फंड पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 प्रतिशत टैक्स लगता है, जबकि सालाना 1.25 लाख रुपये तक के लाभ पर छूट मिलती है. इसमें बदलाव जुलाई 2024 के बजट में पेश किए गए थे, जब सरकार ने LTCG टैक्स 10 प्रतिशत से बढ़ा दी थी और छूट की लिमिट 1 लाख रुपये से बढ़ा दी थी.

बजट 2026 ने बाजार के कुछ वर्गों की कम टैक्स रेट या छूट सीमा की अपेक्षाओं के बावजूद कैपिटल गेन टैक्स संरचना को बरकरार रखा. लेकिन, इसने फ्यूचर एंड ऑप्शन कारोबार पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ा दिया था.

LTCG पर चर्चाओं बढ़ाई उम्मीद

उद्योग समूहों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने बार-बार तर्क दिया है कि भारत का कैपिटल गेन टैक्स फ्रेम वर्क घरेलू इक्विटी बाजारों की प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रभावित करता है और इन्वेस्टमेंट फ्लो पर असर डालता है. इसके अलावा, विदेशी निवेशक इस वर्ष विस्तारित अवधि के लिए भारतीय इक्विटी के नेट सेलर बने रहे हैं. वित्तमंत्री की टिप्पणी के बाद इक्विटी बाजारों में तेजी का कारोबार हुआ क्योंकि बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए.

भारतीय शेयर बाजार में तूफानी तेजी

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को तूफानी तेजी देखने को मिली. इस दौरान सेंसेक्स 1,109.10 अंक या 1.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,033.78 और निफ्टी 358.60 अंक या 1.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,721.95 पर था. मार्केट एनालिस्ट ने कहा कि बाजार में तेजी की वजह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का वो बयान है, जिसमें उन्होंने कहा, 'बजट से जुड़ी बातचीत के दौरान लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को हटाने पर लोगों की राय जानना चाहती है. इसकी वजह भारत में निवेशकों की ओर से इक्विटी पर लगने वाले टैक्स को लेकर लगातार सवाल उठाना है. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी कंपनियों की उम्मीद से बेहतर कमाई ने कॉर्पोरेट मुनाफे में बढ़ोतरी को लेकर भरोसा बढ़ाया, जिससे लार्ज-कैप शेयरों में तेजी आई. रुपए में स्थिरता और बॉन्ड यील्ड में कमी ने भी बाजार के मूड को बेहतर बनाया, जिससे फाइनेंशियल शेयरों पर फोकस बढ़ा.

लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन क्या है?

इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 45 के अनुसार, LTCG वो मुनाफा है जो किसी खास समय तक रखे गए कैपिटल एसेट (पूंजीगत संपत्ति) को बेचने से होता है. ये समय-सीमा एसेट के प्रकार के आधार पर अलग-अलग होती है. लेकिन, आम तौर पर ये 12 से 36 महीने के बीच होती है. 

LTCG को एसेट के ट्रांसफर वाले साल में इनकम माना जाता है और इस पर 'कैपिटल गेन्स' के तहत टैक्स लगता है. निवेशक अक्सर ऐसे मुनाफे को सही ढंग से मैनेज और ट्रैक करने के लिए कैपिटल गेन्स अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं.

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About the Author

Gaurav Singh

Gaurav Singh

जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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