RBI ने Paytm पेमेंट्स बैंक को शेड्यूल्ड बैंकों की लिस्ट से हटाया, जानिए ग्राहकों पर इसका क्या होगा असर?
RBI ने Paytm पेमेंट्स बैंक को शेड्यूल्ड बैंकों की लिस्ट से हटा दिया है. ये कदम बैंक का लाइसेंस रद्द होने और बंद होने की प्रक्रिया के बीच उठाया गया है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Paytm पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को अपनी 'शेड्यूल्ड बैंकों' की लिस्ट से हटाने का ऐलान किया है. ये कदम बैंक का लाइसेंस रद्द करने और दिल्ली हाई कोर्ट के बैंक को बंद करने (वाइंड अप) के आदेश के कुछ महीनों बाद उठाया गया है.
अप्रैल में PPBL का लाइसेंस हुआ था रद्द
RBI ने अप्रैल 2026 में PPBL का लाइसेंस रद्द किया था, तो उसने कहा था कि बैंक के पास बंद होने की प्रक्रिया के दौरान अपनी सभी डिपॉजिट लायबिलिटी को चुकाने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी (नकदी) है. ये भरोसा उसी प्रक्रिया के तहत जमा राशि की वापसी से जुड़ा था.
Paytm ने साफ किया है कि PPBL के खिलाफ की गई कार्रवाई से उसकी सर्विसेज पर कोई असर नहीं पड़ा है. इसकी UPI सर्विस मल्टी-बैंक व्यवस्था के जरिए चलती हैं और कंपनी ने कहा है कि उसने मार्च 2024 में ही पेमेंट्स बैंक के साथ अपने मुख्य व्यावसायिक समझौते खत्म कर लिए थे.
7 अक्टूबर के बयान में RBI ने कहा कि PPBL को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से हटा दिया गया है. RBI ने कहा था कि बैंक का कामकाज इस तरह से चलाया जा रहा था जो बैंक और उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदेह था.
सालों से रेगुलेटरी पाबंदियां
बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने से काफी पहले ही PPBL को बार-बार रेगुलेटरी पाबंदियों का सामना करना पड़ा था. 11 मार्च 2022 को RBI ने सुपरवाइजरी चिंताओं का हवाला देते हुए बैंक को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था. साथ ही, बैंक को अपने सिस्टम के व्यापक ऑडिट के लिए एक IT ऑडिट फर्म नियुक्त करने का निर्देश भी दिया था. इसके बाद 31 जनवरी और 16 फरवरी 2024 को और व्यावसायिक पाबंदियां लगाई गईं. इनमें ग्राहकों के खातों, प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स और वॉलेट में नए डिपॉजिट, क्रेडिट और टॉप-अप पर रोक शामिल थी.
इसके बाद RBI ने रेगुलेटरी जरूरतों का पालन न करने के कारण लाइसेंस रद्द कर दिया. बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने बैंक को बंद करने का आदेश दिया. इससे ये मामला औपचारिक लिक्विडेशन प्रक्रिया में आ गया.
ग्राहकों के पैसे और Paytm की अन्य सर्विस का क्या होगा?
RBI ने अप्रैल में कहा था कि Paytm पेमेंट्स बैंक के पास बंद होने पर अपनी सभी जमा देनदारियों को चुकाने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी थी. इस बीच, Paytm की ऐप-आधारित सर्विस चालू रहेंगी. RBI की कार्रवाई के बाद अप्रैल में एक रेगुलेटरी फाइलिंग में Paytm ने कहा कि Paytm ऐप, UPI, QR पेमेंट, साउंडबॉक्स, कार्ड मशीन और पेमेंट गेटवे बिना किसी रुकावट के काम करते रहेंगे. कंपनी ने कहा कि PPBL में उसका कोई एक्सपोजर नहीं है और 31 मार्च, 2024 तक बैंक में किए गए अपने निवेश को पूरी तरह से राइट-ऑफ कर दिया है.
इसलिए पेमेंट बैंक के बंद होने की प्रक्रिया के दौरान भी ग्राहक UPI ट्रांजैक्शन, रिचार्ज और बिल पेमेंट के लिए Paytm ऐप का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं.