RBI की मंजूरी, इन 2 बैंकों का होगा मर्जर, कब से होगा लागू और ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
आरबीआई की तरफ से Emirates NBD की देश में मौजूद ब्रांच के आरबीएल बैंक में मर्जर को मंजूरी मिल गई है. यह मर्जर आने वाली 1 दिसंबर 2026 से लागू हो जाएगा. 26,000 करोड़ रुपये की इस बड़ी विदेशी बैंकिंग डील से ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
आईडीबीआई बैंक की करीब 61 फीसदी हिस्सेदारी बिक्री को सरकार की तरफ से मंजूरी दिये जाने के बाद बैंकिंग सेक्टर से एक और बड़ी खबर सामने आ रही है. रिजर्व बैंक (RBI) ने दुबई स्थित प्रमुख बैंक 'Emirates NBD' की भारतीय ब्रांच को आरबीएल (RBL) बैंक में मर्ज करने को लेकर मंजूरी दे दी है. मर्जर से जुड़ा आदेश 1 दिसंबर 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा. इस डील से आरबीएल (RBL Bank) बैंक को नई दिशा मिलेगी. इसे देश के बैंकिंग सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) माना जा रहा है.
रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से जारी किये गए प्रेस नोट में जानकारी दी गई कि Emirates NBD PJSC की भारतीय ब्रांच का आरबीएल (RBL) बैंक के साथ 1 दिसंबर 2026 से मर्जर लागू होने जा रहा है. इस फैसले के बाद दुबई स्थित बैंक की मुंबई, चेन्नई और गुरुग्राम वाली तीनों ब्रांच आरबीएल बैंक (RBL Bank) की ब्रांच के रूप में काम करेंगी.
26,000 करोड़ रुपये का निवेश
यह मर्जर Emirates NBD की तरफ से आरबीएल बैंक (RBL Bank) में मेजर हिस्सेदारी खरीदने के प्रोसेस का अहम हिस्सा है. जून 2026 में करीब 2.75 अरब डॉलर (करीब 26,000 करोड़ रुपये) की पूंजी से यूएई के Emirates NBD ने आरबीएल की 60% हिस्सेदारी ली थी. देश के बैंकिंग सेक्टर के इतिहास में किसी भी विदेशी संस्थान की तरफ से किसी प्रॉफिट वाले घरेलू बैंक में मेजर हिस्सेदारी हासिल करने का यह अब तक का पहला और सबसे बड़ा मामला है. हालांकि, आईडीबीआई की डील इससे भी बड़ी होने जा रही है.
आरबीएल को कैसे मिलेगा फायदा?
करीब 26,000 करोड़ रुपये के निवेश से आरबीएल बैंक का कैपिटल बेस (Capital Base) मजबूत हुआ है. बैंक अपने लोन सेग्मेंट से जुड़े बिजनेस को पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैला सकेगा. इसके साथ ही बैंक की तरफ से नई टेक्नोलॉजी पर भी बड़ा निवेश किये जाने का प्लान है. दुबई बेस्ड इस बैंक के विशाल नेटवर्क से जुड़ने से आरबीएल बैंक को खाड़ी देशों में रहने वाले एनआरआई (NRI), कॉरपोरेट क्लाइंट्स और इंडो-गल्फ बिजनेस कॉरिडोर से जुड़े कारोबार में सीधा फायदा मिलेगा.
कस्टमर और बैंकिंग सेक्टर पर असर
कम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) और सरकार की तरफ से मंजूरी के बाद आरबीआई (RBI) की तरफ से मंजूरी दिये जाने के बाद इस डील का आखिरी चरण भी पूरा हो गया है. आरबीएल बैंक के पास देशभर में मजबूत घरेलू ब्रांच का नेटवर्क और यूनिवर्सल बैंकिंग प्लेटफॉर्म के अलावा ग्लोबल एक्सपरटीज की भी सपोर्ट होगी. इससे क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड और विदेशों से पैसे भेजने (Remittance) से जुड़े कारोबार को निश्चित तौर पर बढ़ावा मिलेगा.
Emirates NBD की ब्रांच का क्या होगा?
Emirates NBD की देश में अभी मुंबई, चेन्नई और गुरुग्राम में तीन ब्रांच हैं. ये तीनों ही ब्रांच अब ऑफिशियली RBL बैंक की ब्रांच बन जाएंगी. पहले Emirates NBD के कस्टमर्स के पास देश में केवल 3 ब्रांच का ऑप्शन था. लेकिन अब उन्हें आबीएल (RBL) की देशभर में मौजूद 500 से ज्यादा ब्रांच और 400 से ज्यादा एटीएम का एक्सेस मिल जाएगा. अकाउंट नंबर, IFSC Code, चेकबुक और डेबिट कार्ड से जुड़ी डिटेल में तकनीकी लेवल पर बदलाव हो सकता है. इसकी जानकारी बैंक की तरफ से नोटिफिकेशन के जरिये दी जाएगी.