ऑनलाइन ₹300 तक का पड़ता है ₹100 का खाना! रैपिडो के CEO का बड़ा दावा, जानिए Zomato-Swiggy को कैसे टक्कर देगा Ownly?
बेंगलुरु के बाद हैदराबाद में Ownly की एंट्री के साथ रैपिडो बड़े शहरों में सस्ती फूड डिलीवरी का विस्तार करने की तैयारी में है.
Food Delivery Market : देश में ऑनलाइन फूड डिलीवरी का मार्केट भले ही तेजी से बढ़ा है. लेकिन, अभी भी बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने से दूरी बनाए हुए हैं. इसकी एक बड़ी वजह ऑनलाइन ऑर्डर पर बढ़ने वाली अतिरिक्त लागत है. रैपिडो के को-फाउंडर और CEO अरविंद सांका के मुताबिक, किसी स्थानीय रेस्टोरेंट में ₹100 का खाना ऑनलाइन ऑर्डर करने पर उसकी कीमत बढ़कर ₹250-300 तक पहुंच सकती है.
सांका का मानना है कि यही कीमत का अंतर भारत में ऑनलाइन फूड डिलीवरी को बड़े उपभोक्ता वर्ग तक पहुंचने से रोक रहा है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए रैपिडो ने Ownly नाम से जीरो-कमीशन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म शुरू किया है.
₹80-120 का खाना ऑनलाइन क्यों हो जाता है महंगा?
अरविंद सांका के मुताबिक, रेस्टोरेंट में ₹80-120 में मिलने वाला खाना ऑनलाइन ऑर्डर करने पर कई एडिशनल शुल्कों के कारण काफी महंगा हो जाता है. इसमें रेस्टोरेंट कमीशन, मेन्यू पर बढ़ी हुई कीमत, डिलीवरी चार्ज और अन्य फीस शामिल हो सकती हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी रेस्टोरेंट में ₹20 की इडली मिलती है तो ग्राहक डिलीवरी समेत करीब ₹65 देने को तैयार हो सकता है. लेकिन, अगर वही ऑर्डर कुल मिलाकर ₹120 का हो जाए, तो ग्राहक उसे लेने से पीछे हट सकता है.
Ownly में रेस्टोरेंट से नहीं लिया जाएगा कमीशन
रैपिडो के नए प्लेटफॉर्म Ownly का बिजनेस मॉडल पारंपरिक फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म से अलग है. कंपनी का दावा है कि रेस्टोरेंट से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा और मेन्यू की कीमतें ऑफलाइन रेस्टोरेंट के स्तर पर रखने की कोशिश की जाएगी. इसके बदले ग्राहक से डिलीवरी के लिए अलग से शुल्क लिया जाएगा. कंपनी अपने मौजूदा लॉजिस्टिक्स और राइडर नेटवर्क का इस्तेमाल करके डिलीवरी लागत को नियंत्रित करने की योजना बना रही है.
कंपनी का ग्राहकों के बजाय नए यूजर्स जोड़ने पर जोर
अरविंद सांका के मुताबिक, Ownly का उद्देश्य सिर्फ मौजूदा ऑनलाइन फूड डिलीवरी ग्राहकों को Zomato और Swiggy से अपने प्लेटफॉर्म पर लाना नहीं है. कंपनी की नजर उन करोड़ों लोगों पर है जो अभी तक ऑनलाइन खाना ऑर्डर नहीं करते हैं. सांका का अनुमान है कि आने वाले तीन वर्षों में भारत में 10 करोड़ फूड डिलीवरी यूजर्स हो सकते हैं. उन्होंने ये भी कहा है कि अगर बाजार का विस्तार नहीं होता और सिर्फ मौजूदा ग्राहकों के लिए कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, तो रैपिडो के लिए इस कारोबार को आगे बढ़ाने का आधार सीमित रहेगा.
बेंगलुरु के बाद हैदराबाद में Ownly की एंट्री
रैपिडो ने शुक्रवार को हैदराबाद में Ownly की शुरुआत की. यह बेंगलुरु के बाद Ownly का दूसरा शहर है. कंपनी की योजना अक्टूबर से शुरू होने वाली अगली तिमाही में देश के सभी प्रमुख मेट्रो शहरों तक इस सेवा का विस्तार करने की है. अरविंद सांका ने बताया कि Ownly ने इस साल मार्च में बेंगलुरु से शुरुआत की थी. कंपनी के मुताबिक, बेंगलुरु में अब उसके साथ 25,000 से अधिक रेस्टोरेंट पार्टनर जुड़े हैं और करीब 50,000 ऑर्डर प्रतिदिन हो रहे हैं.
रैपिडो के मौजूदा नेटवर्क का मिलेगा फायदा
हैदराबाद को Ownly के लिए दूसरा बाजार बनाने की वजह बताते हुए सांका ने कहा कि शहर की मजबूत फूड कल्चर और Rapido के पहले से मौजूद कैप्टन नेटवर्क से कंपनी को फायदा मिलेगा. अब कंपनी का टारगेट कम कीमत, स्थानीय रेस्टोरेंट और अपने मौजूदा डिलीवरी नेटवर्क के जरिए ऐसे ग्राहकों को ऑनलाइन फूड डिलीवरी से जोड़ना है, जो अभी तक इससे दूर हैं. अगर Ownly का जीरो-कमीशन मॉडल बड़े शहरों में बड़े पैमाने पर लागू होता है, तो इसका असर ऑनलाइन फूड डिलीवरी में रेस्टोरेंट कमीशन, मेन्यू प्राइसिंग और डिलीवरी चार्ज के मौजूदा मॉडल पर पड़ सकता है.