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पुतिन-ट्रंप डील का असर! रूस से पहला डीजल लेकर अमेरिका की ओर बढ़ा टैंकर

पुतिन-ट्रंप समझौते के बाद रूस से 40,000 मीट्रिक टन अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल लेकर पहला टैंकर अमेरिका के न्यूयॉर्क की ओर रवाना हुआ है, जिसके 7 नवंबर तक पहुंचने की उम्मीद है.

Written ByGaurav Singh
Published: Oct 23, 2026, 09:47 PM IST|Updated: Oct 23, 2026, 09:54 PM IST
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पुतिन-ट्रंप डील का असर! रूस से पहला डीजल लेकर अमेरिका की ओर बढ़ा टैंकर
Image Credit: डीजल आपूर्ति की नई डील के तहत रूस से लगभग 40,000 मीट्रिक टन (करीब 3 लाख बैरल) डीजल लेकर पहला टैंकर अमेरिका की ओर रवाना हो चुका है. | AI

About the Author

    Gaurav Singh

    Gaurav Singh

    जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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    Global Oil Market : शुक्रवार यानी 23 अक्टूबर के शिप-ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए समझौते के बाद रूस से अमेरिका जाने वाला डीजल का पहला शिपमेंट एक टैंकर के जरिए न्यूयॉर्क की ओर बढ़ रहा है. ट्रंप ने इस महीने ही समझौते की घोषणा की थी. उनका मकसद 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले डीजल की बढ़ती कीमतों को कम करना है.

    ट्रंप ने रूसी तेल पर प्रतिबंधों में दी ढील

    ट्रंप ने रूस के खिलाफ नए अमेरिकी प्रतिबंध कानून के कुछ हिस्सों में ढील दी है. साथ ही, उन्होंने यूरोप को चेतावनी दी है कि अगर वहां के देश कीमतों को कम करने में मदद के लिए अपने आपातकालीन भंडार से और अधिक तेल/डीजल जारी नहीं करते हैं, तो अमेरिका यूरोप को डीजल का निर्यात बंद कर सकता है.

    रूस से 40,000 टन डीजल लेकर निकला टैंकर

    LSEG शिपिंग डेटा के मुताबिक, माल्टा के झंडे वाला मीडियम साइज का एगियोई फेनेन्डेस (Agioi Fanendes) 22 अक्टूबर को रूस के बाल्टिक बंदरगाह प्रिमोरस्क (Primorsk) से 40,000 मीट्रिक टन 'अल्ट्रा-लो सल्फर' डीजल लेकर रवाना हुआ है. इसके 7 नवंबर को अमेरिका पहुंचने की उम्मीद है.

    हालांकि,  खरीदार और विक्रेता की पहचान अभी स्पष्ट नहीं है. 2022 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाने के बाद ये पहला ऐसा कार्गो होगा जिसे अमेरिका आयात करेगा.

    ट्रंप ने 9 अक्टूबर को घोषणा की थी कि रूस तुरंत अमेरिका और वैश्विक बाजारों को 300,000 मीट्रिक टन (यानी 2.25 मिलियन बैरल) डीजल निर्यात करेगा. इसके बाद नवंबर में 500,000 टन और उसके तुरंत बाद 1 मिलियन टन डीजल भेजा जाएगा. शुक्रवार को क्रेमलिन के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि इस समझौते के तहत पहला जहाज रवाना हो चुका है. लेकिन, यह स्पष्ट नहीं किया कि वह अमेरिकी बाजार जा रहा है या कहीं और.

    क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने एक दैनिक कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा, जहां तक मुझे पता है. ऊर्जा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार पहला टैंकर अपने खरीदारों की ओर रवाना हो चुका है। इसके बाद भी लगातार शिपमेंट आते रहेंगे.

    इस सप्ताह LSEG और Kpler के शिपिंग डेटा से पता चला है कि रूसी डीजल कार्गो फिर से अपने पारंपरिक डेस्टिनेशन की ओर जाने लगे हैं. कम से कम दो टैंकरों ने तुर्की और ब्राजील की ओर जाने के संकेत दिए हैं. LSEG के डेटा के मुताबिक, ये स्पष्ट नहीं है कि अन्य टैंकर कहां जा रहे हैं. प्रिमोर्स्क से लोड किए गए कार्गो ने जिब्राल्टर, अटलांटिक तट या पोर्ट-सैद की ओर जाने के संकेत दिए हैं.

    रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा है कि जैसे-जैसे दोनों देशों की कंपनियां जरूरी अनुबंधों को अंतिम रूप देंगी, अमेरिका के लिए और अधिक शिपमेंट भेजे जाएंगे. पुतिन के दूत किरिल दिमित्रीव, (जो रूस के सॉवरेन वेल्थ फंड के प्रमुख भी हैं) ने पिछले सप्ताह बताया कि अमेरिकी ट्रेजरी ने इस फंड से समझौते से जुड़ी भुगतान संबंधी जटिल समस्याओं को सुलझाने में मदद मांगी है. नोवाक ने कहा है कि साल के अंत तक रूस अपने डीजल निर्यात को बढ़ाकर वापस सामान्य स्तर यानी प्रति माह 30-35 लाख (3-3.5 मिलियन) टन तक पहुंचाने में सक्षम हो जाएगा.

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    TAGS:
    Crude Oil