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India-US Trade Deal : केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भारतीय किसानों और अन्य शेयर होल्डर्स के संवेदनशील हितों की रक्षा करेगा. उन्होंने कहा कि जब इस समझौते की शर्तें सार्वजनिक की जाएंगी, तो भारत एक 'बहुत मजबूत तुलनात्मक स्थिति' में होगा.
ISID-IDRA के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन में गोयल ने भरोसा जताया कि जनता इस समझौते का स्वागत करेगी.
गोयल ने कहा, 'जब भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की डिटेल सामने आएंगी, तो भारत के लोग इस बात का जश्न मनाएंगे कि हमारे किसानों या किसी भी शेयर होल्डर के संवेदनशील हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है. इसके विपरीत, भारत एक बहुत मजबूत तुलनात्मक स्थिति में होगा.'
मंत्री ने भारत के मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) का भी बचाव किया. उन्होंने कहा कि अब तक किए गए किसी भी समझौते की कोई खास आलोचना नहीं हुई है और न ही उनमें कोई कमी पाई गई है.
गोयल ने बताया कि विकसित देश पारंपरिक रूप से लेबर-इंटेंसिव उत्पादों पर बातचीत के एक साधन के तौर पर ऊंचे टैरिफ लगाते रहे हैं. इससे भारतीय निर्यात के लिए बाधाएं पैदा होती हैं. उन्होंने कहा कि भारत ने 38 विकसित देशों के साथ व्यापार समझौते करके इन बाधाओं को दूर किया है.
उन्होंने कहा, 'हमने जो नौ मुक्त व्यापार समझौते और द्विपक्षीय व्यापार समझौते किए हैं, उनमें 38 ऐसे विकसित देश शामिल हैं जो हमसे कहीं अधिक समृद्ध हैं. इसलिए, वे हमारे साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करते. बल्कि हम एक-दूसरे के पूरक हैं.'
गोयल ने बताया कि भारत ने नौ व्यापार समझौतों के जरिए ऐसी अर्थव्यवस्थाओं तक प्रेफरेंशियल मार्केट एक्सेस हासिल की है. इनका कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 60 ट्रिलियन डॉलर है. उन्होंने कहा कि इसकी तुलना में 2014 से पहले किए गए समझौतों में शामिल अर्थव्यवस्थाओं का कुल GDP 10 ट्रिलियन डॉलर था.
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'हमने 60 ट्रिलियन डॉलर की कुल GDP वाली अर्थव्यवस्थाओं में विशेष दरों पर बाजार के अवसर खोले हैं. 2014 से पहले किए गए सभी समझौते केवल 10 ट्रिलियन डॉलर तक ही सीमित थे, क्योंकि वे मुख्य रूप से उन देशों के साथ थे जो हमारे साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं.
रीजनल कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप (RCEP) का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि इस व्यापार समूह में 15 देश शामिल हैं. इनमें चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और आसियान (ASEAN) के 10 सदस्य देश आते हैं.
उन्होंने बताया कि जब RCEP की शुरुआत हुई थी, तब भारत इन बातचीत का हिस्सा नहीं था. उन्होंने यह भी कहा कि उस समय ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी.
गोयल ने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया के साथ हमारी बातचीत काफी सक्रिय चरण में थी और हम इसे आसानी से पूरा कर सकते थे. ये कोई मुश्किल समझौता नहीं था. उस समय न्यूजीलैंड के साथ हमारा व्यापार न के बराबर था. न्यूजीलैंड के साथ हमारा कुल द्विपक्षीय व्यापार 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर था.