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अगर आप किसी नेशनल हाइवे के नजदीक रहते हैं और आपको टोल क्रॉस करके रोजाना सफर करना होता है तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. इस तरह के लोगों की अक्सर शिकायत टोल प्लाजा पर टोल को लेकर रहती थी. लेकिन अब नेशनल हाइवे से रोजाना सफर करने वाले लोकल लोगों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) ने नेशनल हाइवे से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए आसपास रहने वाले लोगों के लिए नया एनुअल पास सिस्टम जारी किया है. जी हां, टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रहने वाले अब सालाना एनुअलग पास बनवा सकते हैं. इस पास के जरिये आप बिना चार्ज दिये टोल क्रॉस कर सकते हैं.
गांवों में बने टोल प्लाजा के लिए इस एनुअल पास की कीमत 1500 रुपये होगी, जबकि शहरी बॉर्डर के अंदर मौजूद प्लाजा के लिए आपको 3000 रुपये चुकाने होंगे. मौजूदा समय में लोकल वाले लोगों को हर महीने 360 रुपये का मंथली पास लेना पड़ता है. इस हिसाब से सालभर का खर्च (360*12=4,320 रुपये) होता है. नए एनुअल पास के जरिये रोजाना आने-जाने वालों को करीब 3000 रुपये की बचत होगी. वैलिड फास्टैग के जरिये प्राइवेट व्हीकल मालिक अपनी सुविधा के अनुसार मंथली या एनुअल पास का ऑप्शन सिलेक्ट कर सकते हैं.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार इस एनुअल पास को जिस खास टोल प्लाजा के लिए इश्यू किया जाएगा, यह केवल उसी पर मान्य होगा. इसे पास को आप किसी दूसरे टोल प्लाजा पर यूज नहीं कर सकेंगे. एनुअल पास के दाम को हर साल 1 अप्रैल को रिवाइज भी किया जाएगा. इसके अलावा क्लोज्ड यूजर फीस कलेक्शन सिस्टम वाले एक्सप्रेसवे पर पास के जरिये यह सुविधा नहीं मिलेगी.
योजना का मकसद लोकल यात्रियों को राहत देना है. लेकिन इसकी शर्त यह भी है कि वाहन मालिक को यह छूट तब ही मिलेगी, जब उनके पास सफर के लिए कोई सर्विस रोड या ऑप्शनल रास्ता मौजूद नहीं हो. यदि ऑप्शन के तौर पर सर्विस रोड उपलब्ध है तो व्हीकल का एनुअल पास मान्य नहीं होगा.
इसके अलावा नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) का फास्टैग एनुअल पास भी बहुत काम का है. इसमें आप एक बार में 3075 रुपये का पेमेंट करके सालभर में 200 बार तक टोल पार कर सकते हैं. यह एनुअल पास देशभर के नेशनल हाइवे (NH) और नेशनल एक्सप्रेसवे पर बने 1150 से ज्यादा टोल पर काम करता है. स्टेट हाईवे के टोल प्लाजा पर यह पास काम नहीं करता.