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Import Duty on Edible Oil: फेस्टिव सीजन की शुरुआत से ठीक पहले केंद्र सरकार ने देश की आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए बड़ा प्लान बनाया है. नवरात्रि, दशहरा और दिवाली से पहले आम परिवारों के बजट को संभालने के लिए सरकार ने क्रूड और रिफाइंड खाने के तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) में भारी कटौती का ऐलान किया है. इस फैसले के बाद सोयाबीन, पाम और सनफ्लावर ऑयल के आयात की लागत कम होगी और रिटेल मार्केट में इनके दाम नीचे आएंगे. फाइनेंस मिनिस्ट्री की तरफ से जारी किया गया नोटिफिकेशन के अनुसार संशोधित दर को 24 सितंबर से लागू कर दिया गया है.
सरकार ने कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे पाम ऑयल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) को 10% से घटाकर 5% कर दिया है. इसके अलावा कच्चे सनफ्लावर ऑयल पर कस्टम ड्यूटी को 10% से घटाकर जीरो यानी फ्री कर दिया गया है. रिफाइंड ऑयल की बात करें तो रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल पर ड्यूटी 32.5% से घटाकर 22.5% कर दी गई है. इसके अलावा, फाइंड सोयाबीन और रिफाइंड पाम ऑयल पर कस्टम ड्यूटी को 32.5% से घटाकर 27.5% कर दिया गया है.
पिछले एक साल में खाद्य तेलों की कीमत में भारी उछाल आया है. इस बार 11 अक्टूबर से नवरात्र, 20 अक्टूबर को दशहरा और 8 नवंबर को दिवाली का त्योहार है. इस दौरान हर घर में पकवानों की मांग बढ़ जाती है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले सोयाबीन तेल 146.44 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 166.87 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया. वहीं, सनफ्लावर ऑयल 162.56 रुपये से बढ़कर 194.26 रुपये और पाम ऑयल 132.28 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 153.89 रुपये प्रति किलो बिक रहा था.
भारत में हर साल करीब 260 लाख टन खाद्य तेल की डिमांड रहती है, जबकि घरेलू प्रोडक्शन से केवल 40% जरूरत ही पूरी हो पाती है. बाकी का 60% तेल भारत को दूसरे देशों से इम्पोर्ट करना पड़ता है. इंटरनेशनल मार्केट में बढ़ती कीमत, समुद्री भाड़े और करेंसी में बदलाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है. यही कारण है कि जुलाई में भारत में खाने के तेल का आयात बढ़कर 14.8 लाख टन हो गया था, यह जून में केवल 11 लाख टन के आंकड़े पर था.

सरकार की तरफ से लिये गए फैसले से आयातकों की लागत कम होगी और इसका सीधा फायदा देश के आम आदमी को मिलेगा. कस्टम ड्यूटी में कटौती से रिफाइंड और क्रूड ऑयल दोनों की कीमत में कमी आएगी. इससे फेस्टिव सीजन के दौरान रसोई का बजट नहीं बिगड़ेगा और लोग बिना अतिरिक्त बोझ के अपने त्योहार मना सकेंगे.