दुनिया देखेगी भारत का दम! 10 साल में 8 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचेगी देश की इकोनॉमी, इस ग्लोबल फर्म ने की भविष्यवाणी
India GDP: ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म केकेआर (KKR) की रिपोर्ट के अनुसार अगले एक दशक में देश की इकोनॉमी डबल होकर 8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है. इस रिपोर्ट से आपको पता चलेगा कैसे AI और आर्थिक सुधार देश की ग्रोथ करेट को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे.
KKR Report 2026: दिग्गज ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म केकेआर (KKR) ने इंडियन इकोनॉमी को लेकर पॉजिटिव रिपोर्ट जारी की है. 'थॉट्स फ्रॉम द रोड: यूरोप एंड एशिया' शीर्षक से जारी अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में केकेआर (KKR) ने कहा कि देश की इकोनॉमी अगले एक दशक में डबल होकर करीब 8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है. रिपोर्ट के अनुसार देश में पिछले कुछ साल के दौरान हुए सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश ने ग्रोथ कैपेसिटी को नए लेवल पर पहुंचा दिया है. KKR की रिपोर्ट में कहा गया कि देश की इकोनॉमी 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गई है और अगले 10 साल में इसके दोगुना होने का रास्ता साफ है.
रिपोर्ट में बताया गया कि साल 2014 के बाद लागू किये गए बड़े इकोनॉमिक रिफॉर्म जैसे जीएसटी (GST) को आसान करना, इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC), लेबर मार्केट से जुड़े सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण ने देश की ग्रोथ सीलिंग को बढ़ा दिया है. फर्म का मानना है कि इन सुधारों का फायदा आने वाले सालों में और तेजी से देखने को मिलेगा.
इकोनॉमी की रफ्तार पर बड़ा असर नहीं पड़ा
इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचने के बावजूद भारतीय इकोनॉमी की रफ्तार पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ा है. केकेआर (KKR) ने कहा कि दूसरे उभरते बाजार (Emerging Markets) में एनर्जी की महंगाई का असर आम जनता के बजट पर पड़ा है. लेकिन भारत सरकार ने अपनी बेहतरीन पॉलिसी के जरिये घरेलू कस्टमर को इस झटके से पूरी तरह बचाकर रखा है. इससे आम जनता के खर्च करने की कैपेसिटी पर असर नहीं पड़ा है.
AI से IT सेक्टर को मिलेगा बूस्ट
दुनियाभर में यह आशंका जताई जा रही थी कि एआई (AI) भारतीय आईटी कंपनियों के बिजनेस को नुकसान पहुंचा सकता है. लेकिन KKR की तरफ से जारी रिपोर्ट में इस धारणा को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार AI भारतीय आईटी कंपनियों के लिए किसी खतरे की बजाय ग्रोथ का नया इंजर साबित होगा. भारतीय आईटी कंपनियों की तरफ से जैसे-जैसे अपने सर्विस डिलीवरी सिस्टम में एआई (AI) को शामिल किया जाएगा. इससे उन्हें बिजनेस बढ़ाने का जरिया मिलेगा.
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का बढ़ता रोल
पारंपरिक आईटी सर्विस के साथ देश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. इससे देश के सर्विस एक्सपोर्ट को मजबूती मिल रही है. केकेआर (KKR) ने कहा कि एशिया के दूसरे देशों के मुकाबले देश की स्थिति काफी मजबूत है. फर्म की तरफ से निवेशकों को यह सलाह दी गई कि वे सरकारी बॉन्ड के बजाय रियल एसेट्स और कॉरपोरेट रिफॉर्म्स वाली कंपनियों में निवेश पर ज्यादा फोकस करें.
देश में बढ़ रही प्रति व्यक्ति आयर और घरेलू खपत को भी केकेआर ने लॉन्ग टर्म के लिए बड़ी ताकत बताया. जैसे-जैसे जनता की आमदनी बढ़ती है, उसी तरह से सामान और सर्विस पर भी खर्च बढ़ता है. इससे इकोनॉमी में डिमांड बनी रहती है. हालांकि, क्रूड में तेजी आने वाले समय में चुनौती भी बन सकती है. कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से ग्रोथ पर कुछ समय के लिए असर देखने को मिल सकता है. केकेआर के अनुसार सरकारी पॉलिसी ने इस बार घरेलू परिवारों पर उतना बोझ नहीं डाला है, जितना पिछले तेल संकट में देखने को मिला था.