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रात के सफर में पावर बैंक और मोबाइल चार्जिंग बंद! रेलवे ने क्यों जारी किया यह सख्त आदेश?

रेलवे बोर्ड की तरफ से ट्रेन में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग सॉकेट बंद करने का फैसला किया गया है. अब इस नियम को सख्ती के साथ लागू किया जाएगा. रेलवे की तरु से अचानक इस फैसले पर सख्ती का क्या है कारण और ऐसा नहीं हुआ तो क्या होगा? आइए जानते हैं पूरा मामला.

रात के सफर में पावर बैंक और मोबाइल चार्जिंग बंद! रेलवे ने क्यों जारी किया यह सख्त आदेश?
Image Credit: (Facebook) मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट को ट्रेनों में रात 11 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक पूरी तरह बंद रखा जाएगा.

अगर आप भी अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं और नाइट में अपना टाइम वेब सीरीज देखने या इंस्टाग्राम स्क्रॉल करने में गुजार देते हैं तो इस खबर को पढ़कर आपको झटका लग सकता है. जरा सोचिए, रात के 12 बजे आपकी फेवरेट मूवी का क्लाइमेक्स चल रहा है और फोन की बैटरी डाउन हो जाए और आप इसे चार्ज करने की कोशिश करें लेकिन सॉकेट में पावर ही नहीं है तो कैसा हो? जी हां, रेलवे की तरफ से सभी जोन को सख्त दिये गए हैं कि रात 11 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक ट्रेनों के सभी मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट को पूरी तरह बंद रखें.

आप भी सोच रहे होंगे अचानक रेलवे ने चार्जिंग को लेकर इस तरह का फैसला क्यों लिया? इसके पीछे यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा का मामला है. पिछले दिनों चलती ट्रेन में हुई खौफनाक घटना ने रेलवे बोर्ड को रातोंरात इस तरह का कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है.

मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस में क्या हुआ?

24-25 अक्टूबर 2026 की रात तड़के करीब 3:38 बजे की है. ट्रेन नंबर 12809 डाउन (मुंबई-हावड़ा मेल) ओडिशा के चक्रधरपुर रेलवे डिवीजन के पास बंदामुंडा स्टेशन के पास से गुजर रही थी. उसी समय ट्रेन के B-3 कोच से अचानक धुआं निकलने लगा और फायर अलार्म बज गया. देखते ही देखते पूरा कोच धुएं से भर गया और यात्रियों के बीच भगदड़ मच गई. जांच में सामने आया कि एक याी ने अपना पावर बैंक चार्जिंग पर लगा रखा था, जो ओवरहीटिंग के कारण ब्लास्ट हो गया. साउथ ईस्टर्न रेलवे की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार, ऑन-बोर्ड स्टाफ ने समय पर चार्जिंग प्वाइंट बंद नहीं किया और यह हादसा हो गया.

26 अक्टूबर को जारी किया आदेश

हादसे के सामने आने के ठीक बाद 26 अक्टूबर 2026 को रेलवे बोर्ड ने सभी जोन के रेलवे प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (PCME) को इंटरनल लेटर जारी किया. इस चिट्ठी में साफ-साफ कहा गया कि रात 11 से सुबह 5 बजे के बीच ट्रेनों में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग प्वाइंट किसी भी कीमत पर चालू नहीं रहने चाहिए. रेलवे बोर्ड की तरफ से यह भी साफ किया गया कि इस मामले में किसी भी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऑन-बोर्ड कर्मचारियों को तय समय पर सॉकेट की बिजली कट करने की हिदायत दी गई है. इसके लिए उनकी प्रॉपर ट्रेनिंग और एडवाइजरी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.

लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई

इस बार रेलवे महज कागजी आदेश जारी करके चुप नहीं बैठने वाला. इस बार अधिकारियों को अचानक चेकिंग करने का आदेश दिया गया है. इनकी तरफ से अचानक ट्रेनों में जाकर चेक किया जाएगा कि रात 11 बजे के बाद सॉकेट बंद किये जा रहे हैं या नहीं. यदि कोई कर्मचारी इसमें लापरवाही बरतता है या समय पर चार्जिंग प्वाइंट बंद नहीं करता तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यानी अब रेलवे स्टाफ भी इस रूल को लेकर किसी तरह की ढिलाई देने के मूड में नहीं है.

क्या यह बिल्कुल नया नियम है?

यदि आपको ऐसा लग रहा है कि यह नियम नया है तो आप गलत हैं. भारतीय रेलवे ने 19 जून 2014 को पहली बार सेफ्टी रिव्यू के आधार पर चार्जिंग प्वाइंट को रात में बंद करने का आदेश जारी किया था. इसके बाद मार्च 2021 में आग से जुड़ी घटनाओं को रोकने के लिए इस नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिये गए थे. लेकिन समय के साथ इसमें ढील आने के बाद अक्टूबर 2026 की पावर बैंक ब्लास्ट वाली घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने बिना किसी छूट के 100% फॉलो कराने का फैसला किया है.

रात में चार्जिंग से क्या है बड़ा खतरा?

सवाल यह है कि आखिर चार्जर या पावर बैंक से इतना बड़ा खतरा क्यों होता है? दरअसल, जब हम किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज पर लगाते हैं तो उसमें हीट बनती है. यदि डिवाइस का एडॉप्टर या पावर बैंक लोकल हो और बैटरी खराब हो या पावर सप्लाई में इश्यू आ जाए तो ओवरहीटिंग के कारण शॉर्ट सर्किट या ब्लास्ट हो सकता है. रात के समय ज्यादातर यात्री सो रहे होते हैं, ऐसे में यदि कोई चार्जर स्पार्क करता या उसमें धुआं निकलता है तो लोगों को तुरंत पता नहीं चलता. धुआं पूरे कोच में फैल जाता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है. इसलिए रात में 6 घंटे बिजली सप्लाई बंद करना सबसे सेफ ऑप्शन है.

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About the Author

Kriyanshu Saraswat

Kriyanshu Saraswat

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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