दिवाली से पहले हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकारी कर्मचारियों को 5 फीसदी डीए देने का ऐलान किया है. राज्य के सरकारी कर्मचारियों को तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने यह घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि डीए हाइक से जुड़ा नोटिफिकेशन आज ही जारी किया जाएगा और नवंबर की पहली तारीख को कर्मचारियों के खाते में डीए का पैसा क्रेडिट हो जाएगा. सूबे की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि केंद्र से मिलने वाले रेवेन्यू घाटा अनुदान (RDG) बंद होने और कर्मचारियों की देनदारियों के बावजूद सरकार राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है.
उन्होंने पहले की भाजपा सरकार के कार्यकाल में लिये गए लोन का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मौजूदा सरकार ने कर्मचारियों की देनदारियां चुकाने की दिशा में कदम उठाए हैं. उन्होंने 5 प्रतिशत डीए की घोषणा करते हुए कहा कि इसका नोटिफिकेशन आज ही जारी कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने क्लास-4 कर्मचारियों को 10,000 रुपये का एरियर देने का भी ऐलान किया. हिमाचल सरकार कर्मचारियों के फायदे को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है और ओल्ड पेंशन स्कीम को भी जारी रखा जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए कई मुश्किल फैसले लिये हैं. 31 मार्च 2023 तक हिमाचल प्रदेश पर 76,633 करोड़ रुपये का कर्ज और कर्मचारियों का 10 हजार करोड़ रुपये का बकाया था. जून 2022 में केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाला GST कंपनसेशन भी बंद कर दिया गया. उन्होंने कहा पिछली सरकार ने छठे वेतन आयोग का ऐलान तो किया लेकिन कर्मचारियों से जुड़ी देनदारियों का भुगतान नहीं किया.
सीएम सुक्खू ने कहा कि रेवेन्यू घाटा अनुदान (RDG) बंद होने से प्रदेश के वित्तीय हालात पर दबाव बढ़ा है. उनके अनुसार, यदि RDG जारी रहता तो हिमाचल इसी साल आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता था. हम राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार फैसले ले रही है. इन फैसलों से लोगों में नाराजगी हो सकती है, लेकिन सरकार का मकसद प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है.
मुख्यमंत्री ने हेल्थ सेक्टर में सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों और कर्मचारियों की भारी कमी थी. जरूरत के मुकाबले करीब 35 फीसदी कर्मचारी और डॉक्टर ही उपलब्ध थे. एक्स-रे, MRI और CT स्कैन जैसी मशीनें भी लगभग 15 साल पुरानी थीं. सरकार IGMC, चमियाणा, टांडा, नेरचौक और हमीरपुर में दिल्ली AIIMS के स्तर की आधुनिक मशीनें उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की गई है और चमियाणा अस्पताल में भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की नियुक्ति का स्तर करीब 70 फीसदी तक पहुंचा है. सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक टेस्टिंग लैब स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा. प्रदेश में पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टरों के 577 पदों के मुकाबले सरकार ने 320 पद बढ़वाए हैं. इसके अलावा डेडिकेटेड पैरामेडिकल कॉलेज विकसित किया गया है, जिसमें वर्ष 2028 में पहला बैच शुरू होने की उम्मीद है. उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2030 तक हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में शीर्ष राज्यों में शामिल करना सरकार का लक्ष्य है.
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में 43,261 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था. इसमें बाजार से 34,790 करोड़, नाबार्ड से 3,530 करोड़ और EAP के तहत 381 करोड़ रुपये का कर्ज शामिल था. सुक्खू ने कहा कि मौजूदा सरकार अब तक 37,781 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है, जिसमें बाजार से लिया गया 30,095 करोड़ रुपये का कर्ज भी शामिल है. उन्होंने RDG बंद होने के बावजूद सरकार की वित्तीय चुनौतियों का सामना करने की बात कही और जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को अपने कार्यकाल के दौरान लिए गए कर्ज का भी हिसाब देना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कई मामलों में सरकार के वकील तथ्यों को प्रभावी ढंग से पेश नहीं कर पाते थे, जबकि निजी पक्षों के वकील मजबूत पैरवी करते थे. उन्होंने JSW से जुड़े मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में वकीलों पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर सरकार ने 150 करोड़ रुपये का लाभ हासिल किया. उन्होंने किशाऊ बांध परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है. ऊर्जा से जुड़े मामलों में भी प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं.
CM सुक्खू ने कहा कि सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए हैं. शराब के ठेकों की नीलामी से करीब 400 करोड़ रुपये की आय हुई है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले पांच वर्षों में इससे होने वाली आय बढ़कर 1,500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास प्रदेश के संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर आय बढ़ाना और आर्थिक निर्भरता कम करना है.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को अभी 13 महीने हुए हैं और आने वाले समय में सरकार अपने कामकाज के आधार पर जनता के बीच जाएगी. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 16 विधायक चुनाव नहीं जीतेंगे. सुक्खू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी प्रदेश में केवल हौसला अफजाई करने में लगी.