BHEL से ऑर्डर मिलने के बाद Goldman Sachs डिफेंस स्टॉक पर मेहरबान, इन 3 प्रमुख कारणों से बढ़ाया टारगेट प्राइस
Defence Stock Azad Engineering Share Price: BHEL के साथ हुए लॉन्ग टर्म के समझौते के बाद वैश्विक ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स डिफेंस स्टॉक 'आजाद इंजीनियरिंग' पर बेहद बुलिश नजर आ रही है.
Defence Stock Azad Engineering Share Price: डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी Azad इंजीनियरिंग को एक बड़ा ऑर्डर मिला है. कंपनी को ये आर्डर सरकारी कंपनी BHEL से मिला है. इस आर्डर के लिए कॉन्ट्रैक्ट 2 साल का है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स डिफेंस स्टॉक 'आजाद इंजीनियरिंग' पर बेहद बुलिश नजर आ रही है. ग्लोबल ब्रोकरेज कंपनी गोल्डमैन सैक्स ने इस शेयर पर खरीदारी की राय को बरकरार रखते हुए 3315 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है.
सोमवार को कंपनी को ये ऑर्डर मिला था, और मंगलवार को ये शेयर करीब आधे फीसदी की गिरावट के साथ 2957 रुपए के भाव पर ट्रेड कर रहा था. ऐसे में मौजूदा भाव पर खरीदारी करते हैं तो रिटेल इन्वेस्टर को इस शेयर पर 12% तक का रिटर्न मिल सकता है. इस साल अबतक ये स्टॉक 82% तक का रिटर्न दे चुका है.
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स क्यों हुई बुलिश?
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कंपनी को हाल ही में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) से करीब ₹52.68 करोड़ का ऑर्डर मिला है. ये दो साल का कॉन्ट्रैक्ट है, जिसके तहत कंपनी भारी क्षमता वाली गैस टर्बाइन के जरूरी पुर्जों की सप्लाई करेगी. इस ऑर्डर को अक्टूबर 2028 तक पूरा किया जाना है.
BHEL से दोबारा मिला काम
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने Goldman Sachs के मुताबिक, BHEL ने आजाद इंजीनियरिंग को लंबे समय तक सप्लाई करने वाली कंपनी के तौर पर भी मंजूरी दी है. इससे पहले कंपनी ने मई 2026 में भी BHEL के साथ इसी तरह का रेट कॉन्ट्रैक्ट पूरा किया था. ब्रोकरेज का मानना है कि BHEL से मिला यह ऑर्डर आजाद इंजीनियरिंग के कारोबार के लिए पॉजिटिव है. इससे देश में गैस टर्बाइन बनाने की सप्लाई चेन में कंपनी की भागीदारी बढ़ सकती है.
कंपनी के लिए क्यों जरूरी है BHEL का ऑर्डर?
Goldman Sachs को आजाद इंजीनियरिंग में आगे बढ़ने की संभावनाएं 3 वजहों से दिख रही हैं-
देश में ही जरूरी पुर्जे बनाने का बढ़ता मौका: भारत में गैस टर्बाइन के अहम पुर्जों को देश में बनाने पर जोर बढ़ रहा है. इससे आजाद इंजीनियरिंग जैसी कंपनियों को फायदा मिल सकता है.
घरेलू कंपनियों से बढ़ रहा कारोबार: कंपनी अब सिर्फ विदेशी बड़ी कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि BHEL जैसी भारतीय बिजली इक्विपमेंट्स बनाने वाली कंपनियों के लिए भी काम कर रही है. इससे उसके ग्राहकों का दायरा बढ़ रहा है.
नए ऑर्डर: कंपनी को मिल रहे नए ऑर्डर उसके एनर्जी बिजनेस को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.
क्या करती है कंपनी?
आजाद इंजीनियरिंग लिमिटेड एक ऐसी कंपनी है, ये बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए खास और जरूरी मशीनों के पुर्जे बनाती है. कंपनी ऐसे पार्ट्स तैयार करती है, जिनका इस्तेमाल विमान, डिफेंस उपकरण और बिजली बनाने वाली मशीनों में होता है. कंपनी का कारोबार एयरोस्पेस, डिफेंस, एनर्जी और तेल-गैस जैसे क्षेत्रों में फैला है. एनर्जी सेक्टर में यह न्यूक्लियर, थर्मल और गैस से बिजली बनाने वाली मशीनों के लिए भी पुर्जे बनाती है. आजाद इंजीनियरिंग के प्रमुख प्रोडक्ट्स में टर्बाइन ब्लेड, एयरफॉइल और मशीनों के दूसरे खास पुर्जे शामिल हैं. इनका इस्तेमाल विमान और बिजली उत्पादन से जुड़े सिस्टम में किया जाता है. कंपनी दुनिया की बड़ी कंपनियों को इन पुर्जों की सप्लाई करती है.
इस शेयर पर क्या है Kwala की राय
मेरी राय: अभी खरीदने के पीछे न भागें. सपोर्ट पर टिकाव देखें. ₹52 करोड़ का BHEL ऑर्डर Azad Engineering के लिए सकारात्मक है, लेकिन अकेले यह खबर शेयर खरीदने का पर्याप्त कारण नहीं है. ऑर्डर का मार्जिन, डिलीवरी शेड्यूल और कंपनी के कुल कारोबार में इसका महत्व स्पष्ट नहीं है.
ट्रेड के लिए: ₹2,915 के आसपास का सपोर्ट अहम है. इसके नीचे टिकाऊ गिरावट आए तो सपोर्ट की धारणा कमजोर होगी. अगर शेयर इस स्तर तक न आए, तो ऑर्डर की खबर पर जल्दबाजी करने के बजाय ₹3,043 के ऊपर मजबूती से निकलने का इंतजार करें.
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(डिस्क्लेमर- यहां दी गई किसी भी स्टॉक में निवेश की सलाह Zee News की नहीं है. ये सुझाव संबंधित ब्रोकरेज हाउस/मार्केट एक्सपर्ट द्वारा दिए गए हैं. शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.)