सोना ₹42000 गिरा, चांदी ₹2 लाख सस्ती, फिर भी 6 साल के निचले स्तर पर गोल्ड डिमांड, भारत में क्यों सोना नहीं खरीद रहे हैं लोग?
Gold-Silver: सोने-चांदी की डिमांग में भारी कमी आई है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सोने की डिमांड 6 साल के निचले स्तर पर पहुंच चुकी है.
Gold Silver price and demand: सोने-चांदी की कीमत हर किसी को हैरान कर रही है. जिन निवेशकों से गोल्ड-सिल्वर में निवेश किया है, उनके बीच हाहाकार मचा है, जो लोग खरीदारी करने चाहते हैं, वो इस इंतजार में है कि सोना और कितना सस्ता होगा. अगर कीमत की बात करें, तो सोना साल 2026 में 42000 रुपये तक टूट चुका है. चांदी की हालत तो और भी खराब है. फरवरी से लेकर अब तक चांदी की कीमत 2 लाख रुपये से अधिक टूट चुकी है.
सस्ता सोना, फिर क्यों घट रही मांग
सोने की गिरती कीमत के बीच एक और रिपोर्ट आई है. आमतौर पर धनतेरस-दिवाली के बीच सोने की मांग में तेज उछाल आता है, सोना-चांदी भागने लगता है, लेकिन वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ओर से जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सोने की डिमांड 6 साल के लोअल लेवल पर पहुंच गई है. मांग कम होने का मतलब है लोग सोना नहीं खरीद रहे हैं, केंद्रीय बैंक ने भी सोने की खरीदारी से दूरी बनाई है.
क्या है वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट में
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सोने की मांग गिरकर 6 साल के निचले स्तर पर आ गई है. WGC की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सोने की मांग घटकर करीब 650 मीट्रिक टन रहने की संभावना है.
रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर तिमाही में सोने की मांग 29 फीसदी तक गिरकर 162.5 मीट्रिक टन रह गई. ज्वैलरी की सेल में 20 फीसदी और गोल्ड निवेश में 40 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. लोग सोने में निवेश और खरीदारी कम कर रहे हैं. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर मार्केट है, लेकिन फिलहाल लोगों का आकर्षण सोने के प्रति कम हुआ है.
क्यों सोने की घटी डिमांड
भारत में सोने की गिरती डिमांड के पीछे कई फैक्टर्स जिम्मेदार है. खाड़ी युद्ध के चलते तेल की महंगाई ने रिटेल इन्फ्लेशन बढ़ा दिया है. महंगाई के चलते केंद्रीय बैंक ब्याज दर बढ़ा रहे हैं. ब्याज दर बढ़ने से सोने पर दबाव बढ़ता है.
सोने के गहने की डिमांड में 20 फीसदी की गिरावट
मई 2026 में खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से अपील की थी कि वो जरूरत ना हो, तो अगले दो साल सोना ना खरीदे . दरअसल सोना आयात करने में सरकार को भारी मात्रा में डॉलर खर्च करने पड़ते हैं, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर प्रेशर बढ़ता है. पीएम मोदी की अपील काम कर गई और सोने की मांग में भारी गिरावट आई है. महंगाई के साथ-साथ कमजोर मानसून के चलते ग्रामीण इलाकों में आभूषणों की मांग कम हो सकती है.
सोने के दाम गिरे, फिर भी क्यों सोना नहीं खरीद रहे हैं लोग
सोने की कीमत में भारी गिरावट आई है. सोना जो जनवरी में 1.79 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था, आज वो 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है. चांदी की कीमत 29 जनवरी के 3.89 लाख रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही थी, वो आज 177300 रुपये पर पहुंच चुकी है. इससे पहले सोने की कीमत में भारी तेजी रही, जिसके बाद से निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक तनाव, महंगे तेल के चलते सोना-चांदी सस्ता हो रहा है.
सोने से ज्यादा चांदी में गिरावट
मांग में कमी ने चांदी के भाव में भी बड़ी गिरावट कर दी है. एक दिन में आज चांदी 3000 रुपये से अधिक लुढ़क गई. कल 1 किलो चांदी 180080 रुपये के भाव पर बिक रही थी, आज वो गिरकर 177300 रुपये पर पहुंच चुकी है.
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गोल्ड 2296 रुपये, चांदी 3000 से अधिक क्रैश
इंटरनेशनल मार्केट में आज कॉमैक्स गोल्ड की कीमत में 50 डॉलर की गिरावट आई और सोना 3,897 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने में 2296 रुपये की बड़ी गिरावट आई और सोना 1,37,920 रुपये पर पहुंच गया. घरेलू सर्राफा बाजार में सोने में मामूली सुधार देखने को मिला, लेकिन चांदी भयंकर क्रैश हो गया. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जारी रेटलिस्ट के मुताबिक आज घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में मामूली तेजी आई है, लेकिन चांदी बुरी तरह से क्रैश हो गया है. आज जारी रेटलिस्ट के मुताबिक ...
24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1,38,118 रुपये प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1,26,516 रुपये प्रति 20 ग्राम
18 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1,03,589 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है
1 किलो चांदी की कीमत आज 1,77,300 रुपये पर है.
सोने के आयात और डिमांड में गिरावट पर एक नजर
भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर है. अपनी जरूरत का अधिकांश हिस्सा करीब 85 से 88 फीसदी वो आयात से पूरा करता है.वित्त वर्ष 2025-26 में भारत कता सोने का आयात रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर यानी करीब 6 लाख करोड़ रुपये था. भारत ने 721 टन सोने का आयात किया था.
साल 2026 में भारत के आयात में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. सोने की बढ़ी कीमत और गोल्ड पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी ने इसे प्रभावित किया है. मई 2026 में सरकार ने गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया. वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोने की बढ़ी कीमत की वजह से भारत के इंपोर्ट में गिरावट दर्ज की गई. सितंबर 2026 में भारत का आधिकारिक सोना आयात पिछले साल के मुकाबले 81% घटकर केवल 1.8 अरब डॉलर रह गया.
अप्रैल-सितंबर 2026 की तिमाही में गोल्ड इंपोर्ट 27 फीसदी गिरकर 19.27 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल 26.51 अरब डॉलर था. साल 2026 में भारत में गोल्ड आयात में बड़ी गिरावट दर्ज किए जाने का अनुमान है, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक यह 625 से 675 टन के बीच रह सकता है.
क्या और गिरेगा सोना?
जिस तरह से वैश्विक हालात बन रहे हैं, उसमें सोने को लेकर अधिकांश एक्सपर्ट की राय लॉग टर्म में बेहतर रिटर्न की है. हालांकि मौजूदा हालात में सोने में दवाब की बात कही जा रही है. एक्सपर्ट मानते हैं कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की स्थिति साफ नहीं हो जाती, सोना दवाब में रह सकता है.
डिस्क्लेमर- जी न्यूज आपको सोने-चांदी में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर सिर्फ जानकारी के लिए लिखी गई है. अगर आप सोने-चांदी में निवेश करना चाहते हैं, तो वित्तीय सलाहकार से निवेश की सलाह जरूर लें.