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India Forex Reserve: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 मई 2026 को देशवासियों से 3 खास अपील की. उन्होंने कहा कि एक साल तक सोने की खरीदी टाल दें, गैर जरूरी विदेश यात्राएं ना करें और पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए वर्क फ्रॉम होम करें या कार पूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें. उनकी ये अपील विदेशी मुद्रा भंडार पर बोझ को कम करने लिए की. तेल, सोना खरीदने में भारी मात्रा में डॉलर खर्च करना पड़ता है, जिससे सरकार के खजाने पर बोझ पड़ता है.
पीएम मोदी की अपील का असर भी दिखा और 4 सितंबर 2026 को समाप्त हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $785.706 अरब (लगभग $785.71 बिलियन) के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन बीते 7 हफ्तों ने इसने उल्टी रफ्तार पकड़ ली है. खजाना खाली होता जा रहा है.
बीते 7 हफ्तों से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार कमी हो रही है. आरबीआई की ओर से साझा किए डेटा के मुताबिक 23 अक्टूबर 2026 को खत्म हुए हफ्ते में भारत का फॉरैक्स रिजर्व 1.269 अरब डॉलर घटकर 719.748 अरब डॉलर पर पहुंच गया. इससे पिछले हफ्ते इसमें 5.011 अरब डॉलर की गिरावट आई थी.

लगातार 7 हफ्तों से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार गिरा है. 7 सप्ताह में 65.955 अरब डॉलर साफ हो चुके हैं. इस हफ्ते भले ही भंडार गिरा है, लेकिन FCA भंडार में बढ़ोतरी हुई है. RBI डेटा के मुताबिक 23 अक्टूबर 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा भंडार में
Foreign Currency Asset 1.358 अरब डॉलर बढ़कर 593.205 अरब डॉलर पर पहुंच गया. फॉरैक्स रिजर्व में फॉरेन करेंसी असेट (FCA) सबसे अहम हिस्सा होता है. इस हफ्ते आई गिरावट की बड़ी वजह RBI की ओर से डॉलर की भारी बिकवाली नहीं रही. इस बार गिरावट की असली वजब वैल्यूएशन में बदलाव रहा है. केंद्रीय बैंक की ओर से नेट डॉलर बिक्री करीब 0.7 अरब डॉलर ही रही है.
विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की असली वजह सोने की कीमत है. भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यूएशन में करीब 2.65 अरब डॉलर की गिरावट आई और ये घटकर 103.15 अरब डॉलर रह गई. गोल्ड के वैल्यूएशन में गिरावट के चलते फॉरेक्स रिजर्व पर असर दिखा. इससे एक सप्ताह पहले गोल्ड रिजर्व के वैल्यूएनस में 706 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी. मार्च 2026 के अंत में आरबीआई के पास सोने का भंडार 880.52 टन का था. भारत के कुल फॉरेक्स रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी 16.7% की है. ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमत में गिरावट के चलते इसके वैल्यूएशन में कमी आई है. जिसके चलते फॉरेक्स रिजर्व पर असर दिखा.