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बच्चों की उम्र खेलने-कूदने की होती है. इस उम्र में छोटी-छोटी बातों पर बच्चे रूठ भी जाते हैं, लेकिन यही नाराजगी हिंसक घटनाओं में बदल जाए तो चिंता होना लाजिमी है. ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के मंदसौर में सामने आया है, जहां चॉकलेट को लेकर की गई डांट की खुन्नस में चाल साल के मासूम की हत्या कर दी गई. जबकि दूसरा मामला हरियाणा के पंचकुला से सामने आया है, जहां तीसरी कक्षा के छात्र ने KG की बच्ची पर पत्थरों और गमलों से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया है. इन दोनों घटनाओं ने कई सवाल खड़े किए हैं. इतनी उम्र में बच्चे हिंसा की तरफ क्यों बढ़ रहे हैं.
सबसे पहले बात करते हैं मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की. यहां शामगढ़ इलाके की पंजाबी कॉलोनी में चार साल के मासूम कृष्णपाल उर्फ बाबू की हत्या का मामला सामने आया है. पुलिस जांच में पता चला है कि करीब 12 दिन पहले चॉकलेट को लेकर बाबू की मां ने पड़ोस में रहने वाली 12 साल की नाबालिग लड़की को डांट दिया था. इसी बात से नाराज होकर नाबालिग ने बदला लेने की ठान ली.
इसके बाद 24 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 बजे नाबालिग ने चॉकलेट देने के बहाने मासूम बाबू को अपने घर बुलाया. वहां उसने पानी के टैंक का ढक्कन (पत्थर) हटाया और बाबू को अंदर देखने के लिए कहा. जैसे ही मासूम टैंक के पास पहुंचा, नाबालिग ने उसे धक्का देकर पानी में गिरा दिया और ऊपर से दोबारा पत्थर रख दिया. इससे टैंक में डूबने से मासूम की मौत हो गई. दूसरी तरफ परिजन बाबू को तलाशते रहे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला.
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि मासूम बाबू की को आखिरी बार उसी 12 साल की नाबालिग के साथ देखा गया था. पुलिस ने संदेह के आधार पर जांच करते हुए आसपास के घरों की तलाशी भी ली. जहां पानी की होद से मासूम का शव बरामद किया. पुलिस ने आगे बताया कि पूछताछ के दौरान नाबालिग ने वारदात को स्वीकार भी कर लिया. मामले में कार्रवाई के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया. जहां कोर्ट ने बाल सुधार गृह विदिशा में भेज दिया है.
इस पूरे मामले पर एसडीओपी दिनेश प्रजापति ने बताया कि बच्चे के घर में कोई नहीं था. बच्ची पहले बच्चे को लेने के लिए उसके घर पर गई. उसके बाद मासूम जब आया तो नाबालिग बच्ची ने पानी के टैंक पर रखा पत्थर का ढक्कन हटाया. उसके बाद उसने बाबू को बुलाया और उससे कहा कि इस टैंक के अंदर क्या है? जैसे ही बाबू टैंक के पास पहुंचा, तो नाबालिग ने उसको टैंक के अंदर डाल दिया. उसके ऊपर से पत्थर के ढक्कन को भी बंद कर दिया. इसकी जानकारी भी किसी को नहीं दी.
दूसरा मामला हरियाणा के पंचकुला जिले का है, जहां पर स्कूल परिसर के अंदर तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र ने एक KG में पढ़ने वाली बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि बच्ची के बेहोस होने के बाद भी उस पर पत्थरों से हमला करता रहा. स्कूल परिसर में इस घटना के बाद बच्ची को आनन-फानन में सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया. जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है.
मध्य प्रदेश के मंदसौर और हरियाणा के पंचकूला में सामने आई इन दोनों घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. दोनों ही मामलों में कम उम्र के बच्चे शामिल हैं, लेकिन घटनाओं की गंभीरता ने कई सवाल भी उठाए हैं. आखिर छोटी-छोटी बातों पर बच्चों के मन में इतनी नफरत और हिंसा की भावना कैसे पैदा हो रही है. इन घटनाओं ने न सिर्फ बच्चों की परवरिश, बल्कि परिवारों की जिम्मेदारी, स्कूलों में निगरानी और बच्चों के व्यवहार पर ध्यान देने की जरूरत को भी उजागर किया है.