App

'यूरोप से इम्पोर्टेड' पाउडर बताकर ग्राहकों को किया जा रहा था गुमराह! FSSAI ने इन बड़ी कंपनियों पर कसा शिकंजा

FSSAI ने विज्ञापन के जरिये गुमराह करने के मामले में डॉ रेड्डीज, नेस्ले हेल्थ साइंस, अमेजन और फ्लिपकार्ट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. आएइ जानते हैं उस सेलेविडा GLP प्रोटीन पाउडर के बारे में, जिसको लेकर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई.

'यूरोप से इम्पोर्टेड' पाउडर बताकर ग्राहकों को किया जा रहा था गुमराह! FSSAI ने इन बड़ी कंपनियों पर कसा शिकंजा

FSSAI Action: हेल्थ प्रोटक्शन को लेकर देश में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा कदम उठाया है. बाजार में बिकने वाले हेल्थ सप्लीमेंट्स और प्रोटीन पाउडर के नाम पर किये जाने वाले दावों पर नकेल कसी जा रही है. खाद्य नियामक FSSAI ने देश की दिग्गज फार्मास्यूटिकल और एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों समेत दिग्गज ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को कड़ा नोटिस जारी किया है. FSSAI की तरफ से जिन कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है उनमें डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज, नेस्ले हेल्थ साइंस, तिरुपति वेलनेस, अमेजन, फ्लिपकार्ट और नेटमेड्स आदि शामिल हैं.

FSSAI की तरफ से यह पूरी कार्रवाई 'सेलेविडा जीएलपी' (CELEVIDA GLP) नामक हेल्थ सप्लीमेंट के भ्रामक विज्ञापनों और सेहत संबंधी गलत दावों के कारण की गई है. FSSAI की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार "सेलेविडा जीएलपी" प्रोडक्ट के पैकेट और विज्ञापन में कई ऐसे दावे किये जा रहे थे, जिनसे कस्टमर्स के गुमराह होने की उम्मीद थी. प्रोडक्ट की पैकिंग पर 'मसल स्ट्रेंथ', 'इम्यूनिटी सपोर्ट' और 'एनर्जी मेटाबॉलिज्म' जैसे वायदे लिखे गए थे. रेग्युलेटर का कहना है कि यह प्रोडक्ट 'जीएलपी-1/जीआईपी थेरेपी के दौरान लीन मसल को बचाए रखने वाले हाई प्रोटीन' के रूप में प्रमोट किया जा रहा था.

भ्रामक दावे पर कही कार्रवाई करने की बात

FSSAI की तरफ से बताया गया कि इसका सीधा सा मतलब यह निकाला गया कि यह सप्लीमेंट किसी खास चिकित्सीय या शारीरिक स्थिति के लिए उपयुक्त है. इसके अलावा पैकेजिंग पर 'Imported from Europe for purity' भी लिखा था, जिस पर रेग्युलेटर की तरफ से आपत्ति जताई गई. FSSAI ने कंपनियों से यह भी पूछा कि भ्रामक दावे करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. FSSAI ने महज सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनियों को ही नहीं, बल्कि इसे बेचने वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स अमेजन और फ्लिपकार्ट को भी कटघरे में खड़ा किया है.

अमेजन ने अपने प्लेटफॉर्म से हटाया प्रोडक्ट

नोटिस मिलने के बाद अमेजन के प्रवक्ता की तरफ से अपना स्पष्टीकरण जारी किया गया. अमेजन का कहना है कि वे एक ऑनलाइन मार्केट प्लेस के रूप में काम करते हैं जहां थर्ड-पार्टी सेलर अपने प्रोडक्ट की बिक्री करते हैं. कंपनी की पॉलिसी के अनुसार सभी सेलर को भारतीय कानून का पालन करना जरूरी है. नियामक से निर्देश मिलने के बाद अमेजन ने संबंधित प्रोडक्ट को अपने प्लेटफॉर्म से तुरंत हटा दिया है. हालांकि, डॉ रेड्डीज और नेस्ले हेल्थ साइंस की तरफ से इस मामले पर अभी तक किसी तरह का बयान सामने नहीं आया है. इन दोनों कंपनियों ने हाई प्रोटीन पाउडर को मई में ही लॉन्च किया था.

कई कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए

FSSAI की तरफ से की गई कार्रवाई में घटिया और अनसेफ खाद्य पदार्थ बेचने वाली दूसरी कंपनियों पर भी सख्त कदम उठाए गए. खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में M/s Nex International और M/s Shreyash Retail Pvt Ltd के खिलाफ कार्रवाई की गई. फ्लिपकार्ट पर सड़े-गले और एक्सपायर्ड फूड प्रोडक्ट बेचने के आरोप में सेलर श्रेयश रिटेल का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है. इसके अलावा, नेक्स इंटरनेशनल की तरफ से बेची जा रही किशमिश में जहरीले कीटनाशक मिलने के बाद उसके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी गई.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

Kriyanshu Saraswat

Kriyanshu Saraswat

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
Read More