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मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच ग्लोबल एनर्जी मार्केट में फिर से बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. ईरान की तरफ से लंबे समय बाद शांति वार्ता का संकेत दिये जाने और कतर के मीडिएयान के बाद क्रूड ऑयल के दाम में गिरावट देखी जा रही है. अचानक आए बदलाव से जंग के माहौल के बीच राहत की उम्मीद की जा रही है. इंटरनेशनल ऑयल मार्केट में सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमत में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. ईरान और कतर के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद यूएस-इजरायल और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव में नरमी की उम्मीद की जा रही है.
जंग में नरमी की खबर आने के बाद ब्रेंट क्रूड के दाम 8.66 डॉलर घटकर 104.77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए. इसके अलावा WTI क्रूड 7.66 डॉलर लुढ़ककर 96.46 डॉलर पर बंद हुआ. जानकारों का मानना है कि तेल की कीमत में यह गिरावट कूटनीतिक लेवल पर आए बड़े बदलाव के कारण आई है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की तरफ से जानकारी दी गई कि सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मोजतबा खामनेई ने सरकार को शांति वार्ता के लिए कुछ खास अधिकार सौंप दिये हैं. ईरानी मीडिया के अनुसार सरकार बातचीत के जरिये इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश में जुटी है.
कतर के मध्यस्थों पने तेहरान पहुंचकर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची के साथ इस डील को लेकर लंबी बातचीत की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बयान दिया कि ईरान जंग को खत्म करने के लिए डील करना चाहता है, दोनों देशों के बीच यह समझौता जल्द हो सकता है. जानकारों का कहना है अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन से पहले मिडिल ईस्ट का तनाव काफी बढ़ गया. एनालिस्ट पावेल मोल्चानोव का कहना है कि तनाव में यह कमी राहत का संकेत देती है. लेकिन पिछले कुछ महीनों के दौरान कई बार झूठी उम्मीद भी मिल चुकी है. ऐसे में पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है.
यूबीएस के एनालिस्ट जियोवानी स्टानोवो का कहना है ऑयल मार्केट हर छोटी-बड़ी खबर पर रिएक्ट कर रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर हमलों के बाद पिछले हफ्ते दाम आसमान छू रहे थे. हालांकि, सऊदी अरब के क्रूड एक्सपोर्ट में सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में बढ़ोतरी दर्ज की गई. बाजार को इससे कुछ हद तक सपोर्ट मिलता दिख रहा है. गोल्डमैन सैक्स की तरफ से चेतावनी जारी की गई है यदि खाड़ी देशों से तेल का प्रोडक्शन 2025 के औसत से रोजाना 35 लाख बैरल कम रहता है तो 2027 तक ब्रेंट क्रूड उछलकर 140 डॉलर तक पहुंच सकता है. शिपिंग पर हमले अभी भी बाजार के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है.