सऊदी अरब में हूतियों का बवाल, कच्चे तेल में 'उबाल', कीमत 117 डॉलर के पार, क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
Crude Oil: खाड़ी के तनाव ने कच्चे तेल के बाजार को हिलाकर रखा है. ब्रेंट क्रूड में 85% तक की तेजी आ चुकी है. अप्रैल के बाद क्रूड ऑयल अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है.
Oil Price Hike: कच्चे तेल की कीमतों में फिर से बड़ी तेजी लौट आई है. क्रूड के दाम चढ़कर 117 डॉलर के पार पहुंचने लगे हैं. अप्रैल 2026 के बाद से कच्चा तेल अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है.
कच्चे तेल में फिर से उछाल
क्रूड ऑयल की कीमत में $3 की बढ़त देखने को मिली है. हूतियों के हमले के बाद से तेल फिर से चढ़ने लगा है. 24 अक्टूबर को इंटरनेशनल ऑयल मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.75 डॉलर की तेजी के साथ 116.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका है. वहीं WTI क्रूड की कीमत 103.44 डॉलर के ऊपर पहुंच चुकी हैं.
हफ्तेभर में कच्चे तेल की कीमत में 8% का उछाल
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि एक हफ्ते में तेल की कीमत में 8 फीसदी से अधिक की बढ़त आ चुकी है. भारत के लिए ये खबर चिंताजनक है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 85 से 90 फीसदी तक तेल इंपोर्ट करता है. कच्चे तेल की कीमत में अगर सिर्फ 1 डॉलर की तेजी आती है , तो भारत का आयात बिल करीब 18,000 करोड़ रुपये बढ़ जाता है.
क्यों फिर से चढ़ने लगे कच्चे तेल के रेट
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध पहले से जारी है. ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी बनी हुई है. अब तेल के दूसरे बाजार पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं. ईरान समर्थिक हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. बाब-अल-मंदेब पर तनाव बढ़ने से लाल सागर का रास्ता भी संकट में फंस गया है. दुनिया के महत्वपूर्ण तेल रूट संकट से जूझ रहे हैं, जिसके चलते ऑयल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है और संकट के चलते तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं . सऊदी अरब ग्लोबल ऑयल सप्लाई का अहम केंद्र है. उसके तेल ठिकानों, पाइपलाइनों पर हमले से तेल की सप्लाई चेन मुश्किल में फंसी है. इस युद्ध ने ब्रेंट क्रूड की कीमत में इस साल 85 फीसदी से अधिक की तेजी ला दी है. तेल की कीमतों में तेजी का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है. भारतीय शेयर बाजार भारी दबाव में है.