खाड़ी युद्ध के बीच चीन ने बदला तेल का ठिकाना, ईरान से दूर, इराक-कतर से भर भरकर कर खरीद रहा क्रूड
China Oil: चीन ने युद्ध के बीच तेल के लिए अपना रास्ता बदल लिया है. चीन अब ईरान से तेल की खरीद कम कर इराक और कतर का रुख कर रहा है.
China Oil Import: चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है. अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरान के तेल निर्यात पर प्रतिबंध लगा है. इस बैन की वजह से उसे ईरान से कच्चे तेल पर भारी भरकम डिस्काउंट भी मिलता है. लेकिन अब चीन की खरीदारी का पैटर्न बदल रहा है.
ईरान तेल से दूर हो रही चीन की रिफाइनरियां
चीन के ‘टीपॉट रिफाइनर’ यानी छोटी रिफाइनरियां अब ईरान के बजाए इराक और कतर से कच्चा तेल खरीद रहे हैं. ईरान से तेल पर डिस्काउंट मिलने के बावजूद चीन की प्राइवेट रिफाइनरियों ने तेल का इम्पोर्ट घटा दिया है. Kpler डेटा के मुताबिक सितंबर में चीन के लिए ईरान से तेल का आयात आधा हो गया. चीन ने सिर्फ 590000 बैरल प्रतिदिन ईरानी तेल का आयात किया है, जो साल 2023 के बाद सबसे कम है.
होर्मुज पर नाकेबंदी की वजह से ईरान के पास जहाजों में रखा कच्चा तेल तेजी से घट रहा है. जुलाई के अंत तक जहाजों पर करीब 10 करोड़ बैरल ईरानी कच्चा तेल लदा था, जो अब 55 फीसदी गिरकर सिर्फ 4.5 करोड़ बैरल रह गया है. अमेरिकी नौसेना ने ईरान की नाकेबंदी कर दी है. सितंबर में ईरान ने एक भी बैरल क्रूड ऑयल का एक्सपोर्ट नहीं कर पाया है.
ईरान नहीं तो फिर कहां से कच्चा तेल खरीद रहा है चीन
चाइनीज रिफाइनरियां ईरान के बजाए इराक और कतर जैसे देशों से कच्चा तेल इम्पोर्ट कर रही हैं. सितंबर में चीन ने इराक और कतर से करीब 1.2 करोड़ बैरल कच्चा तेल आयात किया. कार्गो 12 से 20 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम रेट्स पर चीन के हाथों तेल बेच रहे हैं.
ईरान को छोड़कर क्यों इराक-कतर से तेल खरीद रहा चीन
खाड़ी तनाव, होर्मुज संकट और अमेरिका के 100 फीसदी टैरिफ वाले बिल का असर चीन की तेल खरीदारी पर साफ दिख रहा है. ईरानी तेल की सप्लाई घटने के बाद चीन की निजी रिफाइनरयां इराकी तेल पर निर्भरता बढ़ा रही है. ईरान की Iraqi Basra Medium और Basra Heavy crude की सबसे ज्यादा डिमांड है. इरा से पर्याप्त और तेज सप्लाई की वजह से चीन की प्राथमिकता बन रहा है. इराक के अलावा चीन ने कतर के Al-Shaheen crude करीब 30 लाख बैरल खरीदा.